लापरवाही:स्टेट ग्रांट एक्ट...पट्टाें के लिए 65 आवेदन, 20 ही बन पाए,100 से ज्यादा आवेदनों के दस्तावेज अधूरे

झालावाड़एक महीने पहले
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  • डीएलबी निदेशक भी पिछले दिनों जता चुके हैं नाराजगी, फिर भी कम ही बन रहे पट्‌टे

स्टेट ग्रांट एक्ट के पट्टे देने में जिले की पांचों नगरीय निकाय पिछड़ती जा रही हैं। इसका मुख्य कारण अधिकारियों की अनदेखी और नियमों की पेचीदगियां हैं। जिले की सबसे बड़ी नगरीय निकाय नगरपरिषद झालावाड़ में एक माह में स्टेट ग्रांट एक्ट के पट्टों के मात्र 65 आवेदन ही आ पाए। इसमें से भी केवल 20 लोगों के ही पट्टे बन पाए हैं। जबकि 100 से अधिक आवेदन ऐसे हैं जिनको लेकर लोग हर दिन नगरपरिषद में भटकते हुए दिखाई देते हैं। इन लोगों के दस्तावेज पूरे नहीं हो पा रहे हैं।

इसी का नतीजा है कि स्टेट ग्रांट एक्ट के पट्टे बनाने की सरकार की मंशा अभी तक यहां पूरी नहीं हो पा रही है। 30 अक्टूबर को डीएलबी निदेशक दीपक नंदी ने भी जिले का दौरा कर स्टेट ग्रांट एक्ट के पट्टे देने में पिछडऩे पर नाराजगी जताई थी और नगरपरिषद आयुक्त, झालरापाटन ईओ को नोटिस जारी किए थे, लेकिन उसके बाद भी अभी तक स्टेट ग्रांट एक्ट के पट्टे देने की प्रक्रिया में तेजी नहीं आ पाई है। पहले सरकार ने सभी नगरीय निकायों में प्री कैंप का आयोजन किया था।

उस प्री कैंप में भी नगरीय निकाय न तो प्रचार प्रसार कर पाई और न ही लोगों के पट्टों के लिए आवेदन ले पाए। इसी का नतीजा रहा कि प्री कैंप में प्रॉपर तैयारी नहीं हो पाने से अब शिविर शुरू हुए एक माह से भी अधिक समय हो गया है, लेकिन फिर भी लोगों के स्टेट ग्रांट एक्ट के पट्टे नहीं बन पा रहे हैं। दरअसल सरकार की मंशा है कि लोगों को स्टेट ग्रांट एक्ट के पट्टे मिलें ताकि सभी को उनके आवास का मालिकाना हक मिल सके, लेकिन इसके उलट कई लोग ऐसे हैं जो पुश्तैनी मकानों में रह रहे हैं, उनके भी पट्टे नहीं मिल पा रहे हैं।

2 अक्टूबर को ही देने थे 1200 पट्‌टे स्टेट ग्रांट एक्ट के पट्टे देने में संभाग में सबसे पीछे झालावाड़ नगरपरिषद चल रही है। 2 अक्टूबर को ही नगरपरिषद झालावाड़ को स्टेट ग्रांट एक्ट के 1200 पट्टे देने थे। इसके बाद हर दिन 200 से अधिक पट्टे जारी करने थे, लेकिन अभी तक स्टेट ग्रांट एक्ट के केवल 20 पट्टे ही जारी हो पाए हैं। इसके चलते लोग यहां हर दिन पट्टों के लिए भटक रहे हैं, किसी फाइल में कागजात पूरे नहीं होना तो किसी में बंटवारे के नियम लगाने से फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इसके लिए पिछले दिनों पार्षदों ने सीधे डीएलबी निदेशक से इसकी शिकायत की थी।

निदेशक ने खुद आकर पट्टा बनाने की गति चैक की तो वह धीमी निकली। अब भी अधिकारी इसमें रूचि नहीं ले पा रहे हैं।ये दस्तावेज लेकर जाएं पट्टे बनवाने,जल्द बनेंगेस्टेट ग्रांट एक्ट के पट्टे बनवाने के लिए लोगों को जागरुक होना होगा। इसके लिए मतदाता सूची, बिजली पानी के बिल, अन्य कोई पुराना साक्ष्य 1 जनवरी 1990 से पहले का कब्जा साबित करने वाला, राशन कार्ड की प्रति, आस पड़ौस के 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के शपथ पत्र, मय पहचान पत्र, मकान की फोटो आवेदक के साथ, आवेदक का फोटो युक्त पहचान पत्र, आवेदक स्वयं का निर्धारित प्रारूप में तस्दीकशुदा शपथ पत्र, मकान पुश्तैनी है तो 50 रुपए के स्टांप पर पारिवारिक सजरा और शेष सदस्यों का आवेदक के पक्ष में सहमति पत्र, यदि आवेदक की ओर से एससी, एसटी का लाभ चाहा है तो आवेदन का जाति प्रमाण पत्र की प्रति लगानी होगी।

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