हत्यारे की जमानत खारिज:आईबी अफसर की हत्या के मुख्य आरोपी की सुप्रीम कोर्ट से जमानत खारिज

झालावाड़2 महीने पहले
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  • झालावाड़ का बहुचर्चित मामला

तीन साल पहले दिल्ली के आईबी अफसर को कैटामाइन इंजेक्शन लगाकर मौत के घाट उतारने के बहुचर्चित मामले के मुख्य आरोपी प्रवीण राठौर की सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है। इससे पहले आरोपी को 12 फरवरी 21 को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। इस पर आईबी अफसर के परिजन सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां दाेनाें पक्षाें की सुनवाई के बाद यह फैसला दिया है।मृतक आईबी अफसर चेतनप्रकाश के चाचा धनराज गलाना की याचिका पर उनकी तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता चित्रांगदा राजवीरा ने बहस करते हुए इस मामले में प्रवीण को दी गई जमानत को चुनौती देते हुए तथ्य रखे गए।

उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा था। इसके बाद सोमवार को इस मामले में आदेश जारी कर हत्याकांड के मुख्य आरोपी प्रवीण राठौर की जमानत निरस्त कर दी गई तथा उसको शीघ्र पुलिस के समक्ष समर्पण करने का आदेश दिया गया है। मामले में सुनवाई करते हुए डॉ. धनंजय व्हाई चंद्रचूड़ तथा बीवी नागरत्न ने फैसला दिया कि वर्तमान में पूरा मामला विचाराधीन है तथा इस मामले में फैसला आना बाकी है, ऐसे में उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा 12 फरवरी 2021 को दिए गए प्रवीण के जमानत आदेशों को निरस्त करते हुए आरोपी काे आत्मसमर्पण करने तथा आत्मसमर्पण नहीं करने की सूरत में उसे गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं।

आईबी अफसर की पत्नी से प्रवीण के थे अवैध संबंध आईबी अफसर चेतनप्रकाश गलाना की पत्नी अनिता मीणा के मुख्य आरोपी प्रवीण राठौर से अवैध संबंध थे। दोनों के बीच में आईबी अफसर कांटा बना हुआ था, इसीलिए उसकी हत्या कर दी। मामले में आईबी अफसर की पत्नी को भी दोषी मानकर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन अभी वह जमानत पर बाहर है।मृतक दिल्ली में अफसर थागाैरतलब है कि रामगंजमंडी निवासी चेतनप्रकाश गलाना आईबी अफसर था, वह दिल्ली में आसूचना अधिकारी के तौर पर तैनात था। उसकी शादी 21 जनवरी 2011 को झालावाड़ जिले में अनिता मीणा से हुई। उसके दो बच्चे हैं, एक छह साल और दूसरा 4 माह का। चेतनप्रकाश दिल्ली में नौकरी कर रहा था।कैटामाइन इंजेक्शन की दो हाईपावर डोज दी थीपुलिस जांच में सामने आया था कि मृतक चेतनप्रकाश को मरने से पहले कैटामाइन इंजेक्शन के दो डोज दिए गए। यह डोज निजी अस्पताल झालावाड़ के ट्रोमा सेंटर से वहां कार्यरत नर्सिंगकर्मी संतोष निर्मल ने निकाले थे। इस पर संतोष निर्मल को भी 21 जून 2018 करे गिरफ्तार किया गया था।

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