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भू माफियाओं पर कार्रवाई कब तक:सर्वे में सच आया सामने; शहर में 44 कॉलोनियां अवैध, 132 बीघा से ज्यादा कृषि भूमि पर काट दी काॅलाेनियां

झालावाड़2 महीने पहले
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दो विभागों में तालमेल नहीं- नगरपरिषद ने तीन माह पहले मांगी तहसील से सूचना, अभी तक नहीं मिली - Dainik Bhaskar
दो विभागों में तालमेल नहीं- नगरपरिषद ने तीन माह पहले मांगी तहसील से सूचना, अभी तक नहीं मिली
  • सर्वे और नाेटिस के बाद भी नहीं की कार्रवाई

शहर में 44 कॉलोनियां अवैध हैं। यह सच नगरपरिषद के सर्वे में सामने भी आ चुका है। इससे नगरपरिषद को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इधर, कृषि भूमियों पर काटी गई अवैध कॉलोनियों पर नगरपरिषद ने केवल नोटिस की कार्रवाई ही की है। अभी तक राजस्व विभाग और नगरपरिषद की ओर से इन भू माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

दरअसल, तालाबों व कृषि भूमियों पर भू माफियाओं ने अवैध कब्जे कर कॉलोनियां काट दी। इसके बाद झालावाड़ और झालरापाटन शहर में प्रशासन ने ऐसी कॉलोनियों का सर्वे करवाया गया। नगरपरिषद झालावाड़ में किए सर्वे में सामने आया कि 44 कॉलोनियां ऐसी हैं जो कृषि भूमियों पर काटी जा रही हैं।

करीब 132 बीघा से अधिक कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियां कट गई हैं। इससे नगरपरिषद को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसमें अनंग कुमार जैन स्मृति भवन के सामने, खंडिया चौराहा, आरटीओ ऑफिस के पास, मुक्तिधाम रोड, करबला रोड धनवाडा, गागरोन रोड, राडी के बालाजी, कोटा रोड व झालरापाटन रोड सहित अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कृषि भूमियों में बिना कंवर्जन के कॉलोनियां काट दी गईं।

इसी को लेकर नगरपरिषद ने पहले सर्वे करवाया था। अप्रैल माह में ही सर्वे पूरा हो चुका था। उसके बाद 44 कॉलोनियों के नाम सामने आ चुके हैं, जो कृषि भूमियों पर काटी जा रही हैं। इनमें से अभी तक एक पर भी कार्रवाई नहीं हुई है। इधर नगरपरिषद के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अब कार्रवाई शुरू होगी। हालांकि अनकंवर्जन वाली कॉलोनियों से नगरपरिषद को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

एक काॅलाेनी में परिषद सभापति भी हिस्सेदार तहसीलदार ने 15 जून काे जारी किया था नाेटिस

शहरी सरकार के मुखिया सभापति संजय शुक्ला भी कृषि विज्ञान केंद्र के नजदीक काटी जा रही कॉलोनी में खातेदार हैं। 15 जून को तहसीलदार ने इनको नोटिस भी जारी किया है। खसरा संख्या 1531 से 1537 में पांच व्यक्तियों के नाम कृषि भूमि है। इसमें एक खातेदार खुद सभापति भी हैं।

इन्होंने यहां कृषि भूमि को बिना कंवर्ट करवाए आवासीय काॅलाेनी काट दी। नगरपरिषद और राजस्व विभाग ने मिलकर यहां एक मुड्‌डी भी नहीं हटाई है। हालांकि इस मामले में सभापतिसंजय शुक्ला पहले ही कहा चुके हैं कि इस जमीन में उनका कोई लेना देना नहीं है।

इधर, पूर्व सभापति ने जताया विरोध, कहा-यह पद का दुरुपयोग है

पूर्व सभापति मनीष शुक्ला के नेतृत्व में शुक्रवार काे कुछ नागरिक कलेक्टर से मिले अाैर सभापति संजय शुक्ला के खिलाफ ज्ञापन दिया। इसमें बताया गया कि जनता ने जिन्हें विकास के लिए चुना है वे खुद के विकास पर कार्य कर रहे हैं। इससे शहर का विकास ठप हो गया है।

सभापति खुद कृषि भूमि पर बिना कंवर्जन करवाए ही कॉलोनी काट रहे हैं जो पद का सीधा सीधा दुरुपयोग है। तुरंत प्रभाव से कार्रवाई होनी चाहिए। इस मौके पर सेवादल के जिलाध्यक्ष डॉ. नंदसिंह राठौड़, पवन जैन, पूर्व पार्षद सागर कश्यप, कल्लू खां, गणेश सोनी व भरत मौजूद थे।

भू माफियाओं पर कार्रवाई करने में राजस्व और नगरीय निकायों में कोई तालमेल नहीं है। नगरपरिषद की ओर से कृषि भूमियों पर काटी जा रही कॉलोनियों के खातेदारों की सूचना मय खसरा नंबर के 5 अप्रैल को मांगी थी, लेकिन अभी तक तहसील से यह सूचना नहीं भिजवाई गई। इसी का नतीजा है कि अभी तक नगरपरिषद कार्रवाई नहीं कर पाई है। हालांकि अब आयुक्त ने अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस देने की कार्रवाई की है।

सर्वे में 44 कॉलोनाइजर सामने आ चुके हैं जो कृषि भूमियों पर आवासीय कॉलोनियां काट रहे हैं। इन पर कार्रवाई के लिए हमने नोटिस जारी कर दिए हैं। 5 कॉलोनाइजरों ने कंवर्जन की फाइल भी लगा दी है। आगे यदि कोई फाइल नहीं लगाता है तो तुरंत प्रभाव से कार्रवाई होगी।

- कमलेश मीणा, आयुक्त, नगरपरिषद

​​​​​​​अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई होगी। हमने सर्वे पूरा करवा लिया है। अभी कोरोना के चलते कार्रवाई नहीं हो पाई थी, लेकिन अब सख्ती से कार्रवाई होगी। कृषि विज्ञान केंद्र के नजदीक काटी जा रही कॉलोनी में सभापति की भी हिस्सेदारी है तो इसकी भी जांच करवाई जाएगी।

यह मामला अभी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में भी है। एनजीटी के केस में एसडीएम को प्रभारी अधिकारी और आयुक्त को सहायक प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। हमने तालाब की पाल से अतिक्रमण हटाया है उस स्थान पर हम फैंसिंग करवाएंगे। - हरिमोहन मीना, कलेक्टर, झालावाड़

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