बाजारों से गायब होगा झालावाड़ी संतरे का मीठा स्वाद:लोगों को करना होगा अब मार्च तक इंतजार, नेपाल और बांग्लादेश तक फेमस है झालावाड़ी संतरा

झालरापाटनएक वर्ष पहले

झालरापाटन के मशहूर संतरे अब मंडियों से गायब हो रहे हैं। बाजार में अब बहुत ही कम संतरे बचे हैं। बागों से संतरा टूट चुका है यानी अब जितना माल मंडियों में मौजूद है, वही बाजारों तक पहुंचेगा।

झालरापाटन की हजारों हेक्टेयर जमीन पर संतरे का उत्पादन होता है। साल में दो बार संतरे की फसल बिकने के लिए बाजारों में आती है। अभी मंडियों में सर्दी का संतरा बिक रहा है। नवंबर माह में जब संतरा बागों से टूटने लगता है, तो यहां संतरे की बड़ी-बड़ी मंडियां सज जाती है।

यहां की मंडियों से संतरा देशभर में तो जाता ही है, साथ ही साथ नेपाल और बांग्लादेश भी जाता है। सर्दियों के समय यहां 250 से 400 टन तक संतरा रोजाना ट्रकों में लोड होकर जाता है। हालांकि, अब मंडी में माल की आवक ना के बराबर हो गई है।

थोक व्यापारियों का कहना है कि 1 या 2 दिन का संतरा बचा है जिसके बाद संतरा समाप्त हो जाएगा। अब झालावाड़ी संतरे के मीठे स्वाद के लिए लोगों को मार्च तक गर्मी के संतरे का इंतजार करना होगा।

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