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रेजिडेंट्स की हड़ताल से 33 ऑपरेशन टालने पड़े:आउटडोर में इलाज के लिए 2 घंटे इंतजार, तीनों अस्पतालों में आउटडोर, ऑपरेशन थिएटर से लेकर इमरजेंसी सेवाएं तक प्रभावित

कोटाएक महीने पहले
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एमबीएस के निशुल्क दवा काउंटर पर लगी दवा लेने वालों की लंबी कतारें। इंतजार करते मरीज। - Dainik Bhaskar
एमबीएस के निशुल्क दवा काउंटर पर लगी दवा लेने वालों की लंबी कतारें। इंतजार करते मरीज।

रेजिडेंट डाॅक्टरों की हड़ताल के कारण मंगलवार को मेडिकल काॅलेज के एमबीएस, जेकेलोन और नए अस्पताल में व्यवस्था चरमरा गई। तीनों ही अस्पतालों में आउटडोर, इमरजेंसी सेवाओं, ओटी में कामकाज प्रभावित हुआ। अस्पतालों में केवल इमरजेंसी ऑपरेशन हुए। 33 से अधिक प्लांड ऑपरेशन टालने पड़े। रेजिडेंट्स के कार्य बहिष्कार के बाद सीनियर डाॅक्टर्स, प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, लोकम व मेडिकल ऑफिसर ने कामकाज संभाल रखा है।

इमरजेंसी में जहां रेजिडेंट्स ही अधिक संख्या में तैनात रहते थे वहां सीनियर डाॅक्टर लगे हैं। एमबीएस में मंगलवार को आउटडोरर खुलने के कुछ समय बाद ही मरीजों की लंबी कतारें डाॅक्टर्स के कमरों के बाहर लग गई। सबसे अधिक लंबी लाइन मेडिसिन विभाग के आउटडोर के बाहर लगी थी। क्योंकि आम दिनों में मेडिसिन विभाग के आउटडोर में 9 डाॅक्टर्स बैठते हैं। इनमें 5-6 रेजिडेंट होते हैं। लेकिन मंगलवार को रेजिडेंट्स ने कामकाज नहीं किया। माैसमी बीमारियों के इस दाैर में रेजिडेंट्स के कार्य बहिष्कार से डाॅक्टर्स के कक्ष के बाहर लगी लाइन में खड़े मरीजों को डाॅक्टर तक पहुंचने में काफी समय लगा।

अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं व ओटी पर भी कार्य बहिष्कार का असर पड़ा। एमबीएस में दिनभर में आउटडोर में 2600 मरीज पहुंचे। उनमें से सबसे अधिक मरीज खांसी, जुकाम, बुखार के थे। एमबीएस अस्पताल में ऑर्थोपेडिक, सर्जरी सहित अन्य विभागों के 19 ऑपरेशन होने थे, लेकिन सभी टालने पड़े। इन मरीजों की पूर्व में ही एनेस्थीसिया जांच की जा चुकी थी। एमबीएस अस्पताल के इमरजेंसी ओटी में दिनभर में लगभग 5 ऑपरेशन हुए।

एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक डाॅ. नवीन सक्सेना ने बताया कि अस्पताल में आउटडोर सेवा चलाई जा रही है। मरीजों के अधिक संख्या में होने के कारण मेडिसिन ओपीडी में कुछ अधिक समय लगा है।

जेकेलोन अस्पताल में स्त्री रोग विभाग से जुड़े चार महिलाओं के ऑपरेशन मंगलवार को होने थे। लेकिन रेजिडेंट्स के कार्य बहिष्कार के कारण चारों ऑपरेशन नहीं हो सके। अब उनके आगामी दिनों में ऑपरेशन होंगे।

गायनी विभागाध्यक्ष डाॅ. निर्मला शर्मा ने बताया कि जेके लोन में मंगलवार को 25 नाॅर्मल व सिजेरियन डिलीवरी हुई। लेकिन प्लांड ऑपरेशन नहीं किए जा सके। एनएमसीएच में सर्जरी और यूरोलाॅजी के 10 ऑपरेशन नहीं हुए : एनएमसीएच में इमरजेंसी ऑपरेशन तो हुए लेकिन यूरोलाॅजी व सर्जरी के 10 ऑपरेशन नहीं हो सके।

एनेस्थीसिया विभाग के डाॅ. सुरेश दुलारा ने बताया कि एनएमसीएच में इमरजेंसी में दिन में चार ऑपरेशन किए गए। मंगलवार को यूरोलाॅजी व सर्जरी के प्लांड ऑपरेशन होने थे वह नहीं हो सके। आम दिनों में यूरोलाॅजी विभाग के लगभग पांच-छह व सर्जरी विभाग के पांच ऑपरेशन होते हैं।

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