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  • 34 Years Ago, Alan Started With 8 Children In A Rented Room Of 600 Rupees, Today A Company Of 12 Thousand Crores, 46 Centers In The Country And The World

आंत्रप्रेन्योरशिप के लिए गर्वीला पल:34 साल पहले किराए के कमरे में 8 बच्चों से शुरू हुआ एलन आज 12 हजार करोड़ की कंपनी

कोटा5 महीने पहलेलेखक: आशीष जैन
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घर छोटा होने से वल्लभबाड़ी में शुरुआत की तो पहले बैच में मात्र 8 स्टूडेंट्स आए थे। - Dainik Bhaskar
घर छोटा होने से वल्लभबाड़ी में शुरुआत की तो पहले बैच में मात्र 8 स्टूडेंट्स आए थे।

बोधि ट्री सिस्टम्स द्वारा 4500 करोड़ के निवेश समझौते के बाद से कोटा का कोचिंग संस्थान एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट चर्चा में है। बोधि ट्री-सिस्टम्स नया वेंचर है, जो लूपा सिस्टम्स के संस्थापक एवं सीईओ जेम्स मर्डोक, द वॉल्ट डिज्नी कंपनी एशिया पैसिफिक के पूर्व अध्यक्ष और स्टार-डिज्नी इंडिया के पूर्व अध्यक्ष उदय शंकर द्वारा स्थापित किया गया है।

एलन की शुरुआत कैसे हुई और आज वैल्यू 12 हजार करोड़ हो गई, यह जानना भी दिलचस्प है। फाउंडर कहे जाने वाले राजेश माहेश्वरी ने 18 अप्रैल 1988 काे वल्लभबाड़ी में 600 रुपए माह में एक किराए के कमरे में शुरुआत की थी।

कुछ बच्चे सवाल समझने आए, अच्छा लगा तो नियमित पढ़ने लगे
एलन के 4 निदेशक, चारों भाई हैं। सबसे बड़े गोविंद माहेश्वरी, उनसे छोटे राजेश, नवीन व बृजेश हैं। मूलत: भवानीमंडी (झालावाड़) के हैं। पिता लक्ष्मीनारायण कोटा की जेके फैक्ट्री में प्रोडक्शन ऑफिसर थे। 23 दिसंबर 1981 को उनका निधन हुआ। राजेश 1986 में मैकेनिकल ब्रांच से पॉलीटेक्निक कर रहे थे।

उनसे सवाल समझने आए आसपास के कुछ विद्यार्थियों को उनका पढ़ाने का तरीका अच्छा लगा तो जेके कॉलोनी स्थित घर में नियमित पढ़ने लगे। घर छोटा होने से वल्लभबाड़ी में शुरुआत की तो पहले बैच में मात्र 8 स्टूडेंट्स आए। अब तक 25 लाख स्टूडेंट्स पढ़ चुके हैं, देश के 46 शहरों में अध्ययन केंद्र हैं।

शुरुआत वर्ष1988- पॉलीटेक्निक डिप्लोमा के दौरान राजेश शौकिया पढ़ाते थे, वही पैशन बन गया

संघर्ष में सोचा नहीं था इस मुकाम पर होंगे: गोविंद माहेश्वरी, निदेशक, एलन

मैंने 19 साल की उम्र में जेके ज्वॉइन किया था। बाद में पिता का निधन हुआ। संघर्ष तो खूब रहा लेकिन हम चारों भाई एक-एक सीढ़ी बढ़ते गए। कल्पना नहीं थी कि आज हम इस मुकाम पर होंगे। हमारे स्टाफ व टीचिंग फैकल्टी में ज्यादातर ऐसे हैं, जो एलन में पढ़े हैं। अब हम चाहते हैं कि भारत के हर उस बच्चे तक पहुंचें, जहां हम नहीं पहुंच पा रहे। यह समझौता उसी की दिशा में बड़ा कदम है।

डील इसलिए अहम: कोविड काल में दुनिया ऑनलाइन एजुकेशन पर शिफ्ट हुई तो एलन भी विकल्पों पर विचार कर रहा था। इसी बीच बोधि ट्री सिस्टम्स और एलन के बीच बात शुरू हुई। बोधि ट्री सिस्टम्स टेक्नोलॉजी देगा और एलन अपना अनुभव साझा करेगा। दोनों मिलकर खास एजुकेशन मटेरियल डिजिटल मोड में उपलब्ध कराएंगे।