सिविल लाइंस में स्ट्रीट डॉग्स का आतंक:दो दिन में 5 को काटा, 12 दिन में तीन घटनाएं आई सामने, 20 से ज्यादा मामले

कोटा8 दिन पहले
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गर निगम डाॅग्स काे पकड़कर दूर छाेड़ने के बजाय उनकी नसबंदी और टीकाकरण कर वापस उसी माेहल्ले व गली में छाेड़ा रहा है। - Dainik Bhaskar
गर निगम डाॅग्स काे पकड़कर दूर छाेड़ने के बजाय उनकी नसबंदी और टीकाकरण कर वापस उसी माेहल्ले व गली में छाेड़ा रहा है।

अब शहर की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली सिविल लाइंस काॅलाेनी भी डॉग्स ने आतंक मचा रखा है। पिछले दाे दिनाें में ही यहां 5 जनाें काे डाॅग्स ने बुरी तरह से जख्मी कर दिया। वहीं, नगर निगम डाॅग्स काे पकड़कर दूर छाेड़ने के बजाय उनकी नसबंदी और टीकाकरण कर वापस उसी माेहल्ले व गली में छाेड़ा रहा है जहां से उन्हें पकड़ा था। यानी कि समस्या का काेई समाधान नहीं।

स्थायी समाधान तब मिलेगा जब इनकी नई ब्रीड नहीं आएगी। इसमें करीब 15 साल का समय लगेगा। सिविल लाइंस क्षेत्र में पिछले दाे दिन में इन डाॅग्स ने 5 जनाें काे निशाना बनाया। पुलिस के एक आला अफसर के 17 वर्षीय बेटे काे हाथ इतनी बुरी तरह से काटा कि दाे दिन से ब्लड नहीं रुक रहा है। पिता बाहर पाेस्टेड हैं। इसी दिन 42 वर्षीय प्रवीण सिसाेदिया के पैर में डाॅग्स ने काट लिया।

नगर निगम ने 22 दिन में 370 डॉग्स की नसबंदी की, इस हिसाब से, श्वानों से राहत में 15 साल लग जाएंगे

दक्षिण नगर निगम के इस बाेर्ड ने कुछ प्रयास किए और 50 लाख रुपए की लागत से बंधा में गाैशाला परिसर में ही श्वानशाला तैयार की। जहां स्ट्रीट डाॅग्स काे पकड़कर ले जाया जाता है और उनकी नसबंदी और टीकाकरण करके वापस उसी इलाके में छाेड़ दिया जाता है जहां से पकड़कर लाए थे। इसके लिए डाॅग्स काे यहां पर 3 से 5 दिनाें तक रखना पड़ता है। यह श्वानशाला 21 दिसंबर काे शुरू हुई थी और 13 जनवरी तक यहां 370 डाॅग्स की नसबंदी की गई। यह प्रक्रिया इतनी धीमी है कि शहर में करीब 15 हजार डाॅग्स हैं, उनकी नसबंदी करने में 3 साल से अधिक समय लगेगा। तब तक संख्या और अधिक बढ़ जाएगी।

इनको बना चुके शिकार कोटा में इसी माह डाॅग्स के हमले की इतनी अधिक घटनाएं हाे चुकी हैं कि हर व्यक्ति दहशत में हैं।2 जनवरी को रेलवे कॉलोनी इलाके में घर में सो रहे 7 माह के बच्चे के प्राइवेट पार्ट पर डॉग ने हमला किया था।

  • 10 जनवरी काे लकी बुर्ज के पास भी एक बच्चे के ऊपर डाॅग ने हमला किया।
  • 12 जनवरी को फिर एक और मामला सामने आ गया है।
  • पिछले दाे दिनाें में सिविल लाइंस में 5 जनाें काे घायल किया।
  • यह चार मामले तो वह हैं जो सामने आ गए और बड़ी घटनाएं हुई।
  • इनके अलावा भी करीब 25 मामले अब तक आ चुके हैं।
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