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सीएमएचओ नें 3 अस्पतालों का निरीक्षण किया:9 में से 7 डॉक्टर और नर्सिंगकर्मी अनुपस्थित, सभी को नोटिस दिया, एक दिन का कटेगा वेतन

कोटा2 महीने पहले
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सीएचसी मोड़क में निरीक्षण करते हुए सीएमएचओ डॉ. भूपेंद्र सिंह तंवर। - Dainik Bhaskar
सीएचसी मोड़क में निरीक्षण करते हुए सीएमएचओ डॉ. भूपेंद्र सिंह तंवर।
  • मोड़क के अस्पताल में पांच डाॅक्टरों में से एक ही ड्यूटी पर मिले
  • चार बिना सूचना के थे गैरहाजिर

सीएमएचओ डॉ. भूपेन्द्र सिंह तंवर ने शुक्रवार को मंडाना, मोड़क और दरा के सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान मंडाना के अस्पताल में भारी लापरवाही सामने आई। यहां डॉक्टरों की सीटें खाली पड़ी थी और वे बिना सूचना गायब मिले। इसके अलावा अधीनस्थ स्टाफ के कर्मचारी भी अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात नहीं मिले। ऐसे में उनको सीएमएचओ ने नोटिस जारी किया है। उनका जवाब आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।

मोड़क स्टेशन के सरकारी अस्पताल में 5 डॉक्टर हैं, लेकिन यहां मौके पर केवल एक ही डॉक्टर काम करते हुए मिला। चार डॉक्टर तो बिना सूचना के गायब मिले, अब इन पर कार्रवाई की जा रही है।
सीएमएचओ डॉ. तंवर, डॉ. अभिमन्यु शर्मा व डॉ. सौरभ शर्मा के साथ सीएचसी मंडाना पहुंचे। यहां चार चिकित्सकों में से एक डॉ. प्रिया मिश्रा ही उपस्थित मिलीं। एक चिकित्सक ड्यूटी समय में भी अस्पताल की बजाय अस्पताल परिसर में अपने क्वार्टर पर थीं। शेष दो चिकित्सक बिना सूचना अस्पताल से नदारद मिले।
लापरवाही यहां पर ही नहीं रुकी, अस्पताल में स्टाफ के 8 अन्य कर्मचारी भी बिना सूचना गायब मिले। इस लापरवाही के बाद सीएमएचओ ने काफी नाराजगी जताई और कहा कि अगर ऐसे काम करेंगे तो मरीजों का उपचार कौन करेगा। सीएमएचओ डॉ. तंवर ने बताया कि पहले लापरवाही करने वाले सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।मुख्यालय पर रहने के लिए पाबंद किया जाएगा। साथ ही अनुपस्थित पाए कार्मिकों की वेतन कटौती भी की जाएगी।
खिड़की से परामर्श दे रहे थे डॉक्टर, देखा तो भड़के सीएमएचओ
सीएमचओ ने मोड़क सीएचसी में एक चिकित्सक को ओपीडी में मरीजों को बाहर खिड़की से परामर्श देते हुए देखा तो वे नाराज हो गए। उन्होंने चिकित्सक से कोविड प्रोटोकॉल सुरक्षा का पालन करते हुए मरीजों को ओपीडी कक्ष में बुलाकर ही परामर्श सेवाएं देने के निर्देश दिए। डॉ. तंवर ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में आेपीडी कक्ष में ही मरीज देखे जा रहे हैं, ऐसे में यहां अलग से नियम लागू नहीं होगा। भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं की जाए।
दरा पीएचसी में पूरा मिला स्टाफ, लेकिन दूसरी अनियमितताएं मिलीं
सीएमएचओ को दरा पीएचसी में निरीक्षण के दौरान चिकित्सक एवं कार्मिक उपस्थित मिले, लेकिन डिलेवरी कैस कम होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। यहां पीसीटीएस में दी गई सेवाओं का इन्द्राज नहीं गया था और मिसिंग डिलेवरी की संख्या ज्यादा पाई गई। इसके अलावा ओपीडी की पर्चियां सॉफ्टवेयर में नहीं चढ़ाने पर सीएमएचओ यहां भी नाराज हुए। सीएमएचओ ने सभी जगह अनुपस्थित कार्मिकों को निर्धारित गणवेश में नहीं होने व हेड क्वार्टर पर नही रुकने के लिए मकान भत्ता किराया व वर्दी भत्ता रुकवाने के भी निर्देश दिए।

रामगंजमंडी के अधिकांश सरकारी अस्पतालों के हालात ऐसे ही
सीएमएचओ ने लंबे समय बाद रामगंजमंडी विधानसभा के सरकारी अस्पतालों का जायजा लिया तो उनको हकीकत का अंदाजा हो गया। उपखंड क्षेत्र के अधिकांश सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की लेट-लतीफी की शिकायतें ग्रामीण करते आए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में तो डॉक्टर कई दिनों तक अस्पताल नहीं आते हैं। विभागीय अधिकारी इस पर ध्यान नहीं देते हैं और डॉक्टरों की उपस्थिति तक दर्ज हो जाती है।

मोड़क और मंडाना अस्पताल में भी ऐसा ही देखने को मिला। अगर सीएमएचओ नहीं आते तो ड्यूटी से नदारद डॉक्टरों और स्टाफकर्मियों की अगले दिन उपस्थिति दर्ज हो जाती। सीएमएचओ डॉ. भूपेंद्र तंवर ने बताया कि अब नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाएगी। अगर किसी डॉक्टर या स्टाफ के नदारद रहने की शिकायत आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मोड़क स्टेशन अस्पताल में रात में डॉक्टर नहीं, लगाई फटकार
मोड़क के सरकारी अस्पताल में रात के समय में मरीजों का भगवान ही मालिक होता है। यहां पहुंचे सीएमएचओ को जब यह जानकारी मिली कि अस्पताल में रात के समय के लिए कोई डाॅक्टर नहीं हैं तो उन्होंने फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि रात में आपातकालीन स्थिति के लिए एक डॉक्टर तो होना ही चाहिए।

सीएमएचओ को जब लोगों ने बताया कि रात के समय यहां डॉक्टर तो छोड़ा कोई नर्सिंग कर्मचारी तक नहीं मिलता तो वे नाराज हो गए और कार्रवाई की बात कही। साथ ही पाबंद किया कि वे रात्रिकालीन ड्यूटी पर अस्पताल में ही मौजूद रहें।

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