लॉकडाउन का असर / कोर्ट में 79 हजार केस अभी तक पड़े हैं लंबित

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  • रामगंजमंडी समेत जिलेभर की कोर्ट में मिल रही हैं तारीख

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 07:30 AM IST

कोटा. लाॅकडाउन के चलते 2 माह से जिला एवं सेशन न्यायालय सहित अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित मुकदमों पर सुनवाई नहीं हो पा रही। न्यायालय में लंबित मुकदमों में फैसले व गवाही सहित अन्य न्यायिक प्रक्रिया पूरी तरह से ठप पड़ी है। 
लाॅकडाउन के कारण 1 मई तक 79066 केस लंबित हो गए। इनमें से सिविल केस में 18654 जबकि 60412 फौजदारी केस शामिल है। गौरतलब है कि 1 फरवरी तक 78734 केस लंबित थे। जबकि 1 मई तक केस की लंबित संख्या 79066 हो गई है। लाॅकडाउन में 332 केस बढ़ गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर 25 मार्च से लाॅक डाउन की घोषणा की थी। इसके चलते आज लाॅकडाउन-4 को 31 मई तक लागू किया हुआ है। इस कारण सभी न्यायालयों में लंबित केसों में सुनवाई की प्रक्रिया पर ब्रेक लगा हुआ है। वकील लंबित मुकदमों में सरकार की ओर से पैरवी नहीं कर पा रहे हैं। विभिन्न न्यायालय में लंबित मुकदमों में जून व जुलाई तक की पेशियां दे दी हैं। इसका खामियाजा पीड़ित परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।
दुष्कर्म के 566 मामले
पोक्सो क्रम-1 , 2, 3, 4 व 5 में दुष्कर्म के मामलों पर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी तरह बंद है। न्यायालय में एक मई तक दुष्कर्म के 566 केस लंबित हैं।
पारिवारिक न्यायालय में सुनवाई पड़ी हुई है ठप
लाॅकडाउन के चलते पारिवारिक न्यायालय क्रम-1, 2, 3 में सुनवाई पूरी तरह प्रभावित है। आज तक 23000 मामलों में तारीख देने के अलावा और कोई अन्य कामकाज नहीं हुआ। इन पारिवारिक विवादों में तलाक, दांपत्य अधिकारों की पुनर्स्थापना, भरणपोषण राशि की मांग, बच्चों को संरक्षण में लेना सहित 2810 मामले लंबित हैं।
सेशन कोर्ट में एक मई तक 989 केस लंबित
जिला व सेशन न्यायालय में लंबित मुकदमों में सुनवाई की प्रक्रिया रुकी हुई है। सेशन कोर्ट में 1 मई तक 989 मुकदमे लंबित हैं। सेशन न्यायालय में हत्या के 6 केस, जानलेवा हमले के 155, अपील फौजदारी में 111 सहित फौजदारी अपील व क्रिमिनल रिवीजन तथा दावे सहित अन्य मामले शामिल हैं।

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