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कोरोना का कहर:कोरोना से 8 दिन में हो चुकी है 50 से कम उम्र के 9 मरीजों की मौत, इसलिए बीमारी को लेकर गलतफहमी ना पालें

कोटा2 महीने पहले
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  • डॉक्टर हैरान क्योंकि इन मरीजों पर दवाएं व प्लाज्मा थैरेपी भी बेअसर, 270 रोगी मिले, 3 मौत

काेराेना काे लेकर कई गलतफहमियां लाेगाें काे भ्रमित कर रही हैं। ऐसी ही एक गलतफहमी है कि 40 से 50 की उम्र तक के लाेगाें का काेराेना कुछ नहीं बिगाड़ सकता। लेकिन यह बात पूरी तरह गलत है अाैर सच जानना हाे ताे नवंबर के नए अस्पताल में माैताें के आंकड़े उठाकर देख लें। बीते 8 दिन में नए अस्पताल में 50 साल से कम के 9 मरीजों की माैत हुई है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। पहले ज्यादातर माैतें 55-60 साल या इससे ज्यादा उम्र के लाेगाें की हाे रही थी। इनमें भी अधिकांश लोगों को पहले से डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी अन्य बीमारियां थी। लेकिन हाल ही में जान गंवाने वाले ये 9 लाेग 30 से 48 साल के बीच के थे।

एक-दाे मरीजाें काे जरूर दूसरी बीमारियां थी, लेकिन अन्य मरीजाें काे पहले से काेई बीमारी भी नहीं थी। डाॅक्टर हैरान हैं कि ऐसे लोग सारी दवाइयां देने के बावजूद रिकवर नहीं कर पा रहे। अचानक इनका ऑक्सीजन लेवल कम हाे रहा है और कुछ देर में माैत हाे जाती है।
लंग्स में इंफेक्शन के कारण विधायक मीणा एमबीएस में भर्ती

पीपल्दा विधायक रामनारायण मीणा को मंगलवार रात सांस लेने में तकलीफ होने पर एमबीएस अस्पताल के कॉटेज वार्ड में भर्ती कराया गया है। एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. नवीन सक्सेना ने बताया कि विधायक मीणा मंगलवार रात लगभग 10 बजे अस्पताल पहुंचे थे उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उनका इलाज शुरू किया गया। सीटी स्कैन रिपोर्ट में उनके फेफड़ों में इंफेक्शन मिला है। विधायक की कोरोना जांच कराई जाएगी।
मेयर मंजू मेहरा के पति अस्पताल में भर्ती

उत्तर की मेयर मंजू मेहरा के पति चेतन मेहरा नए अस्पताल में भर्ती हैं। अभी उनको कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है। आज दो बैंक कर्मी व एक कांस्टेबल भी काेराेना पॉजिटिव मिले हैं। चिकित्सा विभाग के सूत्रों ने बताया कि तलवंडी में रहने वाले 56 साल के बैंककर्मी पॉजिटिव आए हैं। वे कंसुआ स्थित बैंक में हैं। वहीं, विज्ञान नगर निवासी एक युवती संक्रमित मिली है, जो बैंक में कार्यरत है। छावनी निवासी एक कांस्टेबल भी संक्रमित मिले हैं।

8 दिन में हुई इनकी मौत

  • 45 साल की महिला, कापरेन
  • 43 साल का युवक, लाडपुरा
  • 46 साल की महिला, बूंदी
  • 48 साल का पुरुष, छावनी
  • 46 साल की महिला, झालावाड़
  • 30 साल की महिला, नांता, कोटा
  • 48 साल का पुरुष, बोरखेड़ा
  • 47 साल का पुरुष, दादाबाड़ी
  • 48 साल का पुरुष, लाडपुरा

एक्सपर्ट व्यू : कोरोना को खांसी-जुकाम मानकर इलाज करने से बढ़ रही मौतें

भास्कर ने इस पूरे मामले पर डॉ. एस जैलिया से बात की, जिनकी यूनिट इन दिनों कोविड में कार्यरत है। उन्होंने बताया कि यह स्थिति हम सभी के लिए चिंताजनक है। जवान मरीज हांफते हुए हमारे पास आता है, तत्काल उसका ट्रीटमेंट भी शुरू कर दिया जाता है, लेकिन दवाइयाें का कोई रेस्पोंस ही नहीं आता। जबकि कम उम्र के लोगों में जल्दी रेस्पोंस आता है।

एकदम से सेचुरेशन फॉल होने लगता है और उसके बाद ऑक्सीजन, बाइपेप या वेंटीलेटर पर लेना पड़ रहा है। हमारी आंखों के सामने देखते ही देखते मरीज चला जाता है। मैंने इन दिनों ऐसे कई मरीज देखे, जिन्हें भर्ती करने के तत्काल बाद रेमडेसिविर थैरेपी शुरू कर दी, उससे फायदा नहीं हुआ तो प्लाज्मा भी दिया और अंत में साइटोकाइन स्टॉर्म होने पर टॉसिलिजुमैब इंजेक्शन भी लगाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ और मरीज की माैत हो गई।

अभी भी हमारे आईसीयू में 30-30 साल के दो-तीन लड़के एडमिट हैं, जो सीरियस हैं और ऑक्सीजन पर हैं। एक और बात मैंने इन दिनों यह देखी कि पूरे वार्ड में लेबर क्लास मरीज इक्कादुक्का ही है, सभी पढ़े-लिखे और समृद्ध परिवारों के लोग हैं। मैंने ऐसा महसूस किया कि जवान लोग बाहर निकल रहे हैं और सामान्य खांसी-जुकाम या बुखार मानते हुए शुरुआती छह-सात दिन निकाल देते हैं।

इस अवधि में यदि वे दवाई लें तो काफी फायदा हो सकता है, लेकिन मेरे हिसाब से ऐसा नहीं हो रहा। जब छह-सात दिन बिना दवा लिए निकल जाते हैं तो मरीज को तकलीफ बढ़ती है और सेचुरेशन घटने के बाद स्थिति बिगड़ती चली जाती है। इसमें भी दो बातें हैं-जिनका इम्युन सिस्टम मजबूत है, वह तो रिकवर हो जाते हैं। लेकिन जिनकी इम्युनिटी कमजोर है, वे क्रिटिकल स्टेज पर पहुंच जाते हैं।

नए कोटा के कुछ इलाकों से ही मिल रहे अधिकतर नए मरीज

कोटा में बुधवार को भी 270 नए कोरोना मरीज आए। वहीं, तीन मरीजों की मौत हो गई। मृतकों में कोटड़ी निवासी 75 साल की महिला, बपावर सांगोद निवासी 54 साल के पुरुष, लाडपुरा कोटा निवासी 48 साल के पुरुष शामिल हैं। सीएमएचओ डॉ. बीएस तंवर ने बताया कि अभी भी नए कोटा की स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां के 4-5 इलाकों से सर्वाधिक मरीज आ रहे हैं। दादाबाड़ी, महावीर नगर, तलवंडी और विज्ञान नगर के कुछ क्षेत्रों से सबसे ज्यादा केस आ रहे हैं। इन इलाकों में पॉजिटिविटी रेट भी ज्यादा देखा गया है। यह वाकई हैरान करने वाली बात है कि ये सभी शहर के पॉश इलाके हैं और इनमें ज्यादातर वेल एजुकेटेड लोग रहते हैं, लेकिन लगातार बरती गई लापरवाही से ये हालात पैदा हो गए।

2 दिन में रेलवे के 24 अधिकारी और कर्मचारी मिले पॉजिटिव

पिछले 2 दिन में रेलवे के 24 अधिकारी व कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं। इनमें सीनियर डिविजनल ऑडिट ऑफिसर, रेलवे वर्कशॉप के उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर भी शामिल हैं। रेलवे वर्कशॉप में सीनियर सेक्शन इंजीनियर, 2 टेक्नीशियन भी कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं। सीनियर डीसीएम अजय कुमार पाल ने बताया कि सीनियर डिविजनल ऑडिट ऑफिसर एसके प्रधान कोरोना पॉजिटिव आए हैं। इनके अलावा 10 अन्य कर्मचारी पॉजिटिव पाए गए हैं। मंगलवार को 9 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिले थे। रेलवे वर्कशॉप के उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर पीव्ही निंबालकर ने बताया कि वह बचाव के सभी उपाय अपना रहे थे, लेकिन इसके बावजूद कोरोना का इंफेक्शन हो गया।

इस प्रयोग से समझें कि मास्क से दूरी ले जा सकती है मौत के मुंह में

  • इंटरनेशनल लेवल की न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन के अनुसार मास्क कोरोना वैक्सीन की तरह ही काम करता है। मास्क लगाने से शरीर में एंटीबॉडी विकसित होती है।
  • अमेरिका की प्रमुख स्वास्थ्य संस्था सीडीसी के डायरेक्टर ने डॉ. रॉबर्ट रेडफील्ड के अनुसार फेस मास्क कोरोना वायरस की वैक्सीन से अधिक सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि लोग कई हफ्ते तक मास्क पहनते हैं तो महामारी को काफी हद तक काबू में किया जा सकता है

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