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डिग्रियां, मार्कशीट लेने पर स्टूडेंट्स को मिलेगी शुल्क में छूट:सरकारी काॅलेजाें के 96252 स्टूडेंट्स मार्कशीट लेने नहीं आए, 1 लाख से अधिक डिग्रियां भी कॉलेजों की आलमारियों में कैद

काेटा8 महीने पहले
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कोटा यूनिवर्सिटी के सरकारी कॉलेजों के बहुत से स्टूडेंट्स अपनी मार्कशीट लेने के इच्छुक नहीं हैं। शहर के 7 सरकारी कॉलेजों में 96252 छात्र-छात्राओं की मार्कशीट का ढेर लगा है। इसके अलावा 109694 डिग्रियां भी कॉलेजों की आलमारियों में कैद हैं। अब कॉलेज प्रशसन इनके वितरण की तैयारी कर रहा है। हालांकि इनमें बहुत से स्टूडेंट्स ऐसे भी हैं, जो फेल होने की वजह से मार्कशीट लेने नहीं आए।

वहीं अधिकतर स्टूडेंट्स ऐसे हैं जो कहीं नौकरी न लगने की वजह से मार्कशीट लेने के इच्छुक नहीं हैं। काेटा यूनिवर्सिटी के काॅलेजाें से वर्ष 2020-21 में करीब 20 हजार स्टूडेंट्स मार्कशीट लेकर गए हैं। इसके बावजूद काॅलेजाें में मार्कशीट्स और डिग्रियाें के ढेर जमा है। सबसे अधिक मार्कशीट गवर्नमेंट साइंस काॅलेज में वितरित हाेनी है। काॅलेज प्रशासन का कहना है कि मार्कशीट सरकारी याेजनाओं से लेकर प्राइवेट जाॅब, लाेन, स्वराेजगार सहित अन्य कार्याें के लिए काफी उपयाेगी हाेती है, लेकिन स्टूडेंट्स इनकी अनदेखी करते हैं।

जिनकी नाैकरी नहीं लगती वाे भी नहीं आते मार्कशीट लेनेकाॅलेज प्रशासन का कहना है कि काॅलेजाें में मार्कशीट न लेने वालों में ऐसे स्टूडेंट्स की संख्या अधिक है जिनकी कहीं नाैकरी नहीं लगती है। इसके अलावा जाे फेल हाे जाते हैं वाे भी मार्कशीट लेने काॅलेज नहीं आते हैं। इसके अलावा ओवरएज वाले स्टूडेंट्स भी परीक्षा देने के बाद अपनी मार्कशीट लेने नहीं आते हैं।

साइंस काॅलेज में 1986 की मार्कशीट और डिग्रियां रखी हैं : गवर्नमेंट साइंस काॅलेज प्रिंसिपल डाॅ. जयंत विजयवर्गीय ने बताया कि काॅलेज में 1986 से स्टूडेंट्स की मार्कशीट और डिग्रियां रखी हैं। इनमें राजस्थान यूनिवर्सिटी, एमडीएस यूनिवर्सिटी, गवर्नमेंट ऑटाेनाेमस काॅलेज, काेटा यूनिवर्सिटी की मार्कशीट और डिग्रियां हैं। उन्हाेंने बताया कि स्टूडेंट्स काे इनकी फीस में राहत देकर वितरण की याेजना है।

कुछ स्टूडेंट्स इनकी उपयाेगिता नहीं समझते और फेल हाेने के कारण मार्कशीट या डिग्रियां नहीं लेते। ऐसे में अब काॅलेज प्रशासन की ओर से इनके वितरण की प्लानिंग हाे रही है। इनके वितरण काे लेकर प्रिंसिपल से चर्चा हाे चुकी है। स्टूडेंट्स को इनकी फीस में राहत देकर वितरण की योजना है।-डाॅ. रघुराज परिहार, सहायक निदेशक, काॅलेज शिक्षा

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