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IO ने बिना जांच के FR लगाई,कोर्ट ने खारिज की:ACB कोर्ट ने दोबारा जांच के निर्देश दिए, 2 महीने में रिपोर्ट तलब की

कोटा8 दिन पहले
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ACB कोर्ट।  - Dainik Bhaskar
ACB कोर्ट। 

रिश्वत के मामले में बिना जांच के ही ACB कोर्ट में FR लगाने पर विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय (ACB कोर्ट) कोटा ने नाराजगी जताई है। न्यायधीश प्रमोद कुमार मलिक FR को खारिज किया है। और दुबारा जांच करने के निर्देश दिए है। साथ ही कोर्ट ने जांच अधिकारी अनीस अहमद पुलिस उपाधीक्षक बारां एसीबी चौकी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए ACB डीजी को पत्र लिखा है। और 2 महीने में रिपोर्ट तलब की है।

ये है मामला

परिवादी ने अगस्त 2020 में कोटा ACB चौकी में शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि उसका एक प्लाट प्रगति नगर, हनुमंतखेड़ा, कोटा-बारा हाईवे पर है। जिस पर वह मुर्गी पालने का काम करता है। उसने 70 हजार डिमांड जमा करवाकर सेल्फ फाइनेंस बिजली कनेक्शन करवाया था। लेकिन कुछ दिन बाद ही उसकी डीपी चोरी हो गई थी। नई डीपी लगाने के एवज में दसलाना झालीपूरा बारां रोड कोटा के लाइनमैन सुरेंद्र व कनिष्ठ अभियंता (JEN) नवीन शर्मा ने 5 हजार रुपए मांगे। 3-4 हजार ने सौदा तय हुआ। लेकिन भनक लगने पर रिश्वत की राशि नहीं ली। जिस ACB ने मामला दर्ज किया। मामले की जांच अनीस अहमद DSP बारां ACB चौकी के द्वारा की जा रही थी।

जांच के दौरान लाइनमैन सुरेंद्र की मौत हो गई थी। जिसके बाद जांच अधिकारी अनीस अहमद ने कोर्ट में FR पेश की। कोर्ट ने कहां की अनुसंधान अधिकारी अनीस अहमद के द्वारा लाइनमैन की मौत होने के कारण दूसरे अभियुक्त नवीन शर्मा के संबंध में किसी प्रकार का अनुसंधान नहीं किया। जबकि उसके रिश्वत राशि के संबंध में गोपनीय वार्ता रिकॉर्डेड थी। परिवादी ने शिकायत में लाइनमैन के साथ JEN का भी नाम लिखवाया था। अनुसंधान अधिकारी द्वारा नवीन शर्मा JEN के संबंध में किसी प्रकार की अग्रिम कार्रवाई किए बिना पूर्ण रूप से न्यायालय में FR पेश कर दी। कोर्ट ने FR खारिज करते हुए, ACB चौकी कोटा को दुबारा जांच के निर्देश दिए है।

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