भास्कर बिग ब्रेकिंग / हॉस्टल में दो लोगों की फर्जी हाजिरी का पैसा वसूलते थे एडीएम, राशन का बिल भी चुकाता था अधीक्षक

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  • घूसकांड में एडीएम शाहाबाद की भूमिका संदिग्ध, एसीबी की रिपोर्ट के हवाले से जानें पूरा मामला

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 08:25 AM IST

काेटा. बारां में सहरिया आदिवासियाें के लिए संचालित राज्य सरकार की याेजनाअाें से अफसर कैसे खुद का ‘कल्याण’ कर रहे हैं, यह 16 जून काे बारां में हुई काेटा एसीबी की कार्रवाई में स्पष्ट हाे चुका। एक रेजिडेंशियल स्कूल के कार्यवाहक प्राचार्य से उसके शैक्षणिक भ्रमण व उसकी पत्नी के छात्रावास से जुड़े बिल पास करने की एवज में 25 हजार रुपए मांगे गए। 12 हजार रुपए पहले ले लिए और 13 हजार रुपए लेते हुए एसीबी ने एडीएम एवं परियोजना अधिकारी सहरिया विकास कार्यालय के वरिष्ठ सहायक आशीष शर्मा, सहरिया आश्रम छात्रावास आगर, कस्बाथाना के अधीक्षक अजय गर्ग तथा एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल छात्रावास हनोतिया के अधीक्षक अशोक कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया था। 

इस मामले में पहले दिन से एडीएम शाहाबाद व परियोजना अधिकारी सहरिया विकास महेंद्र लोढ़ा (आरएएस) की भूमिका संदिग्ध है, लेकिन अब तक एसीबी के स्तर पर बहुत ज्यादा खुलासा नहीं किया गया है। भास्कर ने इस पूरे मामले का इन्वेस्टिगेशन किया और यह पता लगाने का प्रयास किया कि एडीएम की भूमिका पूरे प्रकरण में संदिग्ध कैसे है? इसके लिए एसीबी की पत्रावली में दर्ज आरोपियों के बयान व अन्य साक्ष्य भी जुटाए। तमाम तथ्यों के बाद यह बात स्पष्ट हुई कि राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी महेंद्र लोढ़ा को एसीबी ने एफआईआर में भले ही मुल्जिम नहीं बनाया, लेकिन उन्हें किसी तरह की क्लीनचिट देने की बजाय उनकी भूमिका की गहन जांच की जरूरत बताई है। इस मामले की जांच एसीबी कोटा (ग्रामीण) की एएसपी प्रेरणा शेखावत को सौंपी गई है।

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