पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

कार्रवाई:त्योहारी सीजन में सक्रिय हुए मिलावटखोर, 200 किलो नकली मावा जब्त, मालिक नहीं आया तो आज करेंगे नष्ट

काेटाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मावे की जांच करते सीएमएचओ व खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
  • मावे के कट्‌टों पर गलत नाम लिखे थे, इसलिए चिकित्सा विभाग को पता नहीं चला माल कहां से आया, कहां जाना था

त्योहारी सीजन के साथ ही कोटा में एक बार फिर से मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत शुक्रवार को चिकित्सा विभाग की टीम ने मिलावटी मावे के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की। सुबह 6 बजे ही विभाग की टीम सीएमएचओ डॉ. बीएस तंवर के नेतृत्व में बाहर से आने वाली ट्रेवल्स की बसों को चैक करने पहुंच गई, क्योंकि इन्हीं बसों से आसपास से नकली या मिलावटी मावा लाए जाने की खबर मिली थी। दल ने शॉपिंग सेंटर क्षेत्र में हनीफ ट्रैवल्स के यहां चेकिंग की तो प्लास्टिक के कट्‌टों में करीब 200 किलो मिलावटी मावा बरामद हुआ।

इसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया। कट्‌टों पर छद्म नाम से ‘करीना’ व ‘गोलू’ लिखे हुए थे, मौके पर ट्रैवल्स के कर्मचारियों से पूछताछ पर सामने आया कि इस नाम का कोई बिल या बिल्टी उनके पास नहीं आई है। किसी यात्री द्वारा उक्त कट्‌टे लाए गए हैं। सीएमएचओ डॉ. तंवर ने बताया कि जब्त मावा स्वास्थ्य भवन के डीप फ्रीजर में रखवा दिया गया है। 31 अक्टूबर शाम तक उक्त माल के मालिक के आने का इंतजार करेंगे, इसके बाद इसे लावारिस मानते हुए नष्ट किया जाएगा।

अब बस मालिक के खिलाफ होगी कार्रवाई

सीएमएचओ ने बताया इस संबंध में जिला कलेक्टर को भी एक पत्र लिखा है, जिसमें परिवहन विभाग को इस बाबत निर्देशित करने को कहा गया है कि सभी ट्रैवल्स ऑपरेटर इस तरह से कभी माल नहीं लाएं, पूरा नाम-पता, मोबाइल नंबर व जरूरी दस्तावेज लेकर ही माल बुक करें। यदि ट्रैवल्स ऑपरेटर ऐसा नहीं करते हैं तो भविष्य में किसी भी तरह का जब्त माल बस मालिक का मानते हुए उसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दल में एफएसओ अरुण सक्सेना व संजय सिंह के अलावा मेल नर्स अली हुसैन, गजेंद्र नागर, रामस्वरूप बंजारा, रूपचंद तथा सरस डेयरी के लैब सहायक योगेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, टीम ने इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित एक ऑयल निर्माता के यहां से शुक्रवार को अलसी व सरसों तेल के दो सैंपल भी लिए।

एक्सपर्ट के हवाले से जानें नकली मावा कितना हानिकारक है, इसकी पहचान कैसे करें

लीवर-किडनी खराब कर सकता है मिलावटी मावा : डॉ. अनिल शर्मा

त्योहार पर बाजार में मिलावटी मावे की आशंका हमेशा रहती है। बड़े पैमाने पर नकली मावे से मिठाइयां व अन्य पदार्थ तैयार किए जा सकते हैं। ऐसे में हमें खुद सावधान रहने की जरूरत है। डॉक्टरों के अनुसार इस मावे में इतनी खतरनाक मिलावट होती है कि यह लीवर-किडनी तक को खराब कर सकता है। मेडिकल कॉलेज के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. अनिल शर्मा के मुताबिक, मिलावटी मावा बनाने में दूध के पाउडर का इस्तेमाल होता है।

इसमें रिफाइंड या वेजिटेबल ऑयल भी मिला देते हैं। इसके अलावा कई जगहों पर हानिकारक केमिकल, आलू, शकरकंद आदि के प्रयोग की बातें भी सामने आती है। यह सीधे लीवर व किडनी पर बुरा असर डालता है। ज्वाइंडिस व आंतों में संक्रमण भी पैदा कर सकता है। उल्टी-दस्त, अपच व सिरदर्द का कारण बन सकता है। यह दोनों तरह की बीमारियां दे सकता है, तात्कालिक और स्थायी।

सूंघने से पता चल जाता नकली मावे का : फूड सेफ्टी ऑफिसर

फूड सेफ्टी ऑफिसर अरुण सक्सेना और संजय सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया कि मावा या खोवा में मिलावट की पहचान भौतिक, रासायनिक व जैविक परीक्षण से की जा सकती है। आम लोगों के लिए भौतिक परीक्षण सबसे आसान है। अगर मावे का कलर मटमैला है तो वह ऑरिजिनल है। यदि यह हल्के पीले या सफेद रंग का है तो मिलावटी हो सकता है।

सूंघने पर मिलावटी मावे की खुशबू अजीब सी महसूस होती है, जबकि ओरिजिनल मावा की महक सुखद होती है। मावे को हाथ से रगड़ने पर ऑरिजिनल होने पर घी छोड़ता है, इसकी महक से असली-नकली की पहचान हो जाती है। चखने पर असली मावा स्वाद में अच्छा लगता है, नकली होने पर यह कड़वा या अजीब स्वाद वाला लगेगा। नकली मावा आसानी से पानी में नहीं घुलता है।

एमपी, गुजरात और दिल्ली से आता है मिलावटी मावा

असल में कोटा समेत संभाग में दूध बड़े पैमाने पर होता है, ऐसे में स्थानीय स्तर पर त्योहारों को छोड़ दें तो मिलावटी दुग्ध उत्पादों की समस्या कम है। लेकिन जैसे ही त्योहार आते हैं तो पड़ोसी राज्यों के मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और डिमांड बढ़ने से स्थानीय विक्रेता भी उनसे मिलावटी मावा मंगवाने लगते हैं।

भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि कोटा में दिल्ली, गुजरात व मध्यप्रदेश के कई जिलों से नकली मावा आता है। मिलावटखोर यह बखूबी जानते हैं कि ट्रेनों में पार्सल भेजना उनके लिए सेफ नहीं है, ऐसे में वे ट्रेवल्स बसों का यूज करते हैं। पूर्व में भी इसी तरह से ट्रेवल्स बस पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन न भेजने वाले का पता लगा और न उसे रिसीव करने वाले का।
5 से 10 करोड़ का होता है कारोबार

कोटा में इस बार कोरोना की वजह से मार्केट में मिठाइयों की डिमांड कम है, लेकिन आम तौर पर त्योहारी सीजन में 5 से 10 करोड़ रुपए का कारोबार आसानी से हो जाता है।

  • ट्रैवल्स की बसों में इस तरह माल लाने की सूचनाएं मिल रही थी, इस पर आज हमने यह कार्रवाई की है। साथ ही जिला कलेक्टर को पत्र भी लिखा है कि परिवहन विभाग के जरिए सभी बस मालिकों को पाबंद कराएं। क्योंकि यह बात सिर्फ मावे या अन्य खाद्य पदार्थ तक ही सीमित नहीं है, ऐसे तो कोई बस में कुछ भी पार्सल भेज सकता है, यह सुरक्षा के लिए भी खतरा हो सकता है। - डॉ. बीएस तंवर, सीएमएचओ, कोटा

यहां करें शिकायत

कंट्रोल रूम : 0744-2329259 सीएमएचओ : 9530390402

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- घर-परिवार से संबंधित कार्यों में व्यस्तता बनी रहेगी। तथा आप अपने बुद्धि चातुर्य द्वारा महत्वपूर्ण कार्यों को संपन्न करने में सक्षम भी रहेंगे। आध्यात्मिक तथा ज्ञानवर्धक साहित्य को पढ़ने में भी ...

और पढ़ें