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रिसर्च / कोरोना से उबरने के बाद फिर बीमारी का खतरा नहीं, कोटा में नहीं मिला ऐसा केस, रिसर्च से भी इसकी पुष्टि

After recovering from corona, there is no risk of disease again, no such case was found in the quota, it is also confirmed by research
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After recovering from corona, there is no risk of disease again, no such case was found in the quota, it is also confirmed by research

  • कोरोना से ठीक होने के बाद बढ़ती है इम्युनिटी, इंफेक्शन रिपीट नहीं होता

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:44 AM IST

कोटा. कोरोना आउटब्रेक के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या संक्रमण से उबरने के बाद कोई व्यक्ति दोबारा  इसकी चपेट में आ सकता है या नहीं। आम तौर पर वायरस से होने वाली सभी बीमारियों में एक खास बात होती है। इनका संक्रमण ठीक होने के बाद किसी व्यक्ति के दोबारा इंफेक्टेड होने की संभावना कम होती है क्योंकि उस व्यक्ति में इसके लिए इम्युनिटी डेवलप हो जाती है। अमेरिका में कोरोना को लेकर हुई नई रिसर्च में इस बात के संकेत मिले हैं कि कोरोना से ठीक हो चुके व्यक्ति के दोबारा संक्रमित होने की संभावना नहीं है। हमारे कोटा शहर में भी ऐसा मामला सामने नहीं आया है। इस रिसर्च का मतलब ये है कि कोरोना की वैक्सीन सफल हो सकती है। इससे पहले कई डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने ये दावा किया था कि कोरोना के संक्रमण से उबरने के बावजूद दोबारा इंफेक्शन का खतरा है।
बंदरों पर हुई दो रिसर्च से प्रारंभिक तौर पर संकेत मिले हैं कि कोरोना से रिकवर होने के बाद शरीर में इम्युनिटी पैदा हो जाती है, जिससे दोबारा इंफेक्शन का खतरा नहीं रहता। इस दौरान ऐसी एंटीबॉडीज बनती हैं जो वायरस को रोकने में सक्षम होती हैं। ये प्रोटेक्शन सिस्टम कितने समय तक काम करता है ये अभी स्पष्ट नहीं है।  पहली स्टडी में वैज्ञानिकों ने 9 बंदरों को सार्स कोविड 2 से इंफेक्टेड किया, जिसकी वहज से कोविड-19 होता है। बंदरों के ठीक होने के बाद उन्हें दोबारा वायरस के आगे एक्सपोज किया गया, लेकिन एक भी बंदर संक्रमित नहीं हुआ।  इस रिसर्च में शामिल सेंटर फॉर वायरोलॉजी एंड वैक्सीन रिसर्च, बोस्टन के डॉ. डैन ब्राउच ने बताया कि बंदरों ने प्राकृतिक तौर पर इम्युनिटी डेवलप कर ली थी जिससे उनको दोबारा इंफेक्शन से बचा लिया।
दूसरी स्टडी में डॉ. डैन की टीम ने 25 बंदरों को वैक्सीन के 6 प्रोटोटाइप दिए ताकि ये पता चल सके कि इससे शरीर में बनने वाली एंटीबाडीज इंफेक्शन को रोक सकती हैं या नहीं। इसके बाद इन बंदरों और 10 अन्य जानवरों को सार्स कोविड-2 के आगे एक्सपोज किया गया। इस दौरान वे सभी जानवर इंफेक्टेड हो गए जिन्हें वैक्सीन नहीं दी गई थी। वहीं 8 बंदर ऐसे मिले जिनको वायरस का इंफेक्शन नहीं हुआ। हालांकि इन स्टडीज के आधार पर अभी ये नहीं कहा जा सकता कि इंसानों में भी इसी तरह इम्युनिटी डेवलप हो सकती है या ये कितने दिन तक प्रभावी रहेगी।

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