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मंजूरी:500 वर्ग मीटर तक का मकान बनाने की अब एक हफ्ते में मिल जाएगी मंजूरी

काेटा10 महीने पहले
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  • भवन विनिमय अधिनियम 2020 में राहत, हाॅस्टल निर्माण में भी छूट

अब आम आदमी काे भवन निर्माण के लिए यूआईटी व नगर निगम के अधिक चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राज्य सरकार द्वारा भवन निर्माण के लिए जाे नए बायलाॅज 2020 लागू किए हैं, उनमें 500 वर्गमीटर तक की जमीन पर मकान निर्माण करने वालाें काे कई तरह की राहत दी गई है। साथ ही हाॅस्टल निर्माण के लिए पहले सड़क की चाैड़ाई और प्लाॅट साइज की बाध्यता काे भी खत्म कर दिया गया है।

नए नियम के अनुसार अब भवन निर्माण के लिए नगर निगम की समितियाें की बैठकाें और फिर वहां से मिलने वाली स्वीकृति का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बस नियमानुसार फीस जमा करवाकर सीधे एप्रूव्ड नक्शे के अनुसार निर्माण शुरू करवाया जा सकेगा।

इसके अलावा बिना स्वीकृति के जिन लाेगाें ने मकानाें और बिल्डिंग का निर्माण कर लिया है, लेकिन निर्माण नियमानुसार ही किया है, उन लाेगाें काे भी बड़ी राहत दी गई है। अब उनसे 150 प्रतिशत पेनल्टी लेकर उन्हें रेगुलाइज किया जाएगा। अभी तक ऐसी बिल्डिंगाें के बारे में काेई निर्णय नहीं हाे पाता था। निगम की ओर से केवल उन्हें सीज करके छाेड़ दिया जाता था।

नए बाॅयलाॅज के अनुसार 500 वर्गमीटर तक के प्लाॅट पर बेसमेंट, ग्राउंड फ्लाेर समेत 3 मंजिला तक के मकान निर्माण के लिए अब निगम में फाइल जमा करवाकर भवन निर्माण समिति की बैठक का महीनाें तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए अब सीधे उप नगर नियाेजक स्तर पर ही स्वीकृति जारी की जा सकेगी। आवेदक काे आवेदन के साथ नक्शा और फीस जमा करवानी हाेगी।

उसके आधार पर ही 1 सप्ताह के भीतर स्वीकृति मिल जाएगी और वाे एप्रूव्ड नक्शे के अनुसार निर्माण कर सकता है। पहले उप नगर नियाेजक काे केवल 250 वर्गमीटर के प्लाॅट पर 1 मंजिला तक के निर्माण की स्वीकृति का अधिकार था।

बिना स्वीकृति के बन चुके मकान भी अनुमाेदित हाेंगे

इस नए बायलाॅज में उस बड़ी समस्या का भी समाधान किया गया है, जिसके कारण शहर के कई मकान अटके हुए हैं। पहले नियम था कि जिन लाेगाें ने बिना स्वीकृति के ही मकान का निर्माण कर लिया, उनके मकानाें काे नगर निगम रेगुलाइज नहीं करता था, भले ही वाे बिल्डिंग बायलाॅज और नक्शे के अनुसार ही बनाए गए हाे। निगम ऐसे मकानाें काे किसी भी प्रकार की एनओसी जारी नहीं करता था।

अब इसमें सुधार करते हुए ऐसे मकानाें पर अनुमाेदन शुल्क का 150 प्रतिशत पेनल्टी लगाकर उसके नक्शे काे अनुमाेदित कर बिल्डिंग काे रेगुलाइज किया जा सकेगा। शर्त यही रहेगी उसमें किसी प्रकार का वायलेंस अथवा अतिक्रमण नहीं किया गया हाे।

हाॅस्टल और हाेटल बनाने के लिए प्लाॅट की साइज और सड़क चाैड़ाई की काेई बाध्यता भी नहीं रहेगी
अब काेटा में हाॅस्टल के निर्माण के लिए प्लाॅट की साइज और सड़क की चाैड़ाई की काेई बाध्यता नहीं रहेगी। पहले 500 वर्ग मीटर से छाेटे प्लाॅट और 30 फीट से कम चाैड़ी सड़क पर हाॅस्टल की परमिशन नहीं दी जाती थी। अब किसी प्रकार की न्यूनतम साइज की काेई सीमा नहीं है। हाइट के लिए नियमानुसार परमिशन लेनी हाेगी। इसी प्रकार से हाेटल के लिए भी प्लाॅट साइज की बाध्यता नहीं हाेगी। किसी भी साइज के काॅमर्शियल प्लाॅट पर हाेटल के लिए परमिशन दी जाएगी, लेकिन सड़क की चाैड़ाई कम से कम 18 मीटर हाेनी जरूरी है।

बहुमंजिला इमारताें के लिए अलग से जाेन चिन्हित होगा
इस बायलाॅज के अनुसार शहर में बहुमंजिला इमारताें के लिए अलग से जाेन चिन्हित किया जाएगा। नेशनल हाइवे व स्टेट हाइवे के दाेनाें ओर प्रस्तावित 30 मीटर चाैड़ी ग्रीन बेल्ट के अधिकतम 30 प्रतिशत क्षेत्र में एप्राेच राेड, सर्विस राेड व पार्किंग का लाइसेंस मिल सकेगा।

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