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नगर निगम चुनाव:बीजेपी: 150 में से 148 प्रत्याशी घाेषित, पुराने बोर्ड के 44 पार्षदों के टिकट कटे, देर रात बदले 8 नाम

काेटा6 दिन पहले
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टिकट फाइनल होते ही पूर्व महापौर सुनीता व्यास परिजनों के साथ मंदिर पहुंची।
  • नए चेहरों पर जताया ज्यादा भरोसा, जातिगत समीकरणों का भी रखा ध्यान
  • गुटबाजी से बचने के लिए विधायकों समेत पूर्व विधायकों को भी दी तवज्जो

नगर निगम चुनाव के लिए बीजेपी ने रविवार शाम काेटा के दाेनाें नगर निगमाें के लिए उम्मीदवाराें की सूची जारी कर दी। हालांकि देर रात तक लिस्ट अपडेट होती रही। शाम को जारी लिस्ट में काेटा उत्तर व काेटा दक्षिण नगर निगम के 150 वार्डाें में से 135 के नाम जारी किए गए। रोके गए वार्डों में सबसे ज्यादा 14 वार्ड कोटा दक्षिण नगर निगम के थे, जबकि 1 वार्ड कोटा उत्तर नगर निगम का था।

वहीं देर रात जारी लिस्ट में बीजेपी ने 15 वार्डाें में से 13 वार्डों के नाम भी जारी कर दिए। इस तरह अब दाेनाें निगमाें के 150 में से 148 नाम तय हाे चुके हैं, सिर्फ काेटा दक्षिण के वार्ड संख्या 8 और 52 रोके गए हैं, जो रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। इन दोनों के लिए भी रात तक कवायद चल रही थी। वहीं देर रात को जारी लिस्ट में 8 वार्डों के प्रत्याशी भी बदल दिए गए। बीजेपी जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार सोनी ने बताया कि कानूनी पेंच व डॉक्यूमेंट्स संबंधी कमियों की वजह से प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों की पालना में यह बदलाव किया गया है।

टिकट वितरण में सबको साधने का प्रयास : प्रत्याशियों के चयन में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सभी को साधने का प्रयास किया है, हालांकि इसके बावजूद कुछ नेताओं ने नाराजगी जताई। टिकट वितरण में पार्टी ने जातिगत समीकरणों का खास ध्यान रखा है। जिन वार्डों में किसी जाति की बहुलता है, वहां उसी वर्ग के व्यक्ति को टिकट देने का प्रयास किया गया है। पार्टी ने युवाओं व नए चेहरों काे माैका दिया है। पूर्व पार्षदाें काे टिकट देने में भी पार्टी ने पूरी सावधानी बरती है, सिर्फ उन्हीं पूर्व पार्षदाें काे दाेबारा माैका दिया है, जिनके खिलाफ अपने वार्डाें में एंटी इनकमबेंसी फैक्टर नहीं दिखा।

आज नामांकन का आखिरी दिन, 500 से अधिक फॉर्म भरे जाएंगे: आज नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन का आखिरी दिन है। अभी तक गिने-चुने फॉर्म ही भरे गए हैं। आज लगभग 500 नामांकन दाखिल किए जाएंगे। कांग्रेस और भाजपा के 300 प्रत्याशियों समेत शिवसेना, बसपा, आप जैसी पार्टियों के प्रत्याशी भी आज नामांकन जमा करेंगे। वहीं प्रमुख पार्टियों के टिकटों की स्थिति फाइनल होने के कारण आज निर्दलीय प्रत्याशी भी नामांकन दाखिल करेंगे। भीड़ से बचने के लिए दोनों निगमों में 15 स्थानों पर नामांकन जमा होंगे।
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नगर निगम चुनाव के लिए बीजेपी ने महज 4 दिन की एक्सरसाइज के बाद सूची जारी कर दी। तीन दिन तक चुनाव समन्वयक और प्रभारी काेटा में डटे रहे। शनिवार काे जयपुर में काेर कमेटी की बैठक हुई। इसी बैठक में कोटा के दोनों नगर निगमों के प्रत्याशियों को अंतिम रूप दिया गया। कोटा आए चुनाव समन्वयक राजेंद्र राठौड़ पूरा फीडबैक लेकर गए थे, सारी स्थिति से उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां को अवगत कराया।

सूत्रों के मुताबिक, राठौड़ ने प्रदेशाध्यक्ष के सामने स्पष्ट कर दिया कि कोटा की अंतहीन लड़ाई है, वहां एक पक्ष कहता है कि कुछ लोगों ने गत चुनाव में कांग्रेस का प्रचार किया, जबकि दूसरा पक्ष कहता है कि इनके लोगों ने हमारी खिलाफत की। ऐसे में हमें थोड़ा बोल्ड होकर निर्णय लेने पड़ेंगे। प्रदेशाध्यक्ष ने भी सहमति दे दी, क्योंकि वे कोटा की सारी स्थिति से बखूबी वाकिफ हैं।

इस बैठक के बीच ही कोटा से नेता लगातार जयपुर में फोन पर संवाद बनाए हुए थे, तभी उन्हें बता दिया गया कि संगठन आपके हितों की रक्षा करेगा, लेकिन सख्ती वाले अंदाज में यह भी कह दिया गया कि ध्यान रहे कि संगठन से ऊपर कोई नहीं है। कोटा उत्तर में करीब 32 से 35 टिकट पूर्व विधायक गुंजल खेमे को मिल गए, जबकि लाडपुरा के टिकटों में वहां की विधायक कल्पना देवी का दखल रहा। शेष टिकटों में संगठन व सांसद खेमे की चली।

दक्षिण के टिकटों में रामगंजमंडी के सभी वार्ड स्थानीय विधायक दिलावर के हिसाब से तय किए गए। दोनों निगमों में लाडपुरा के टिकटों में पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत को भी एडजस्ट किया गया। दक्षिण के दक्षिण विधानसभा वाले सभी टिकट स्थानीय विधायक संदीप शर्मा व सांसद खेमे की राय पर दिए गए। देर रात सूची तैयार कर ली गई, जिसमें सुबह कुछ नामों में बदलाव भी हुआ और रविवार शाम सूची जारी कर दी गई है।
इस तरह साधा जातिगत समीकरण : कई वार्ड ऐसे हैं, जिनमें सामान्य सीट होने के बावजूद एससी या अल्पसंख्यक वर्ग को टिकट दिया गया है। असल में ऐसा इसलिए किया गया है, क्योंकि इन वार्डों में संबंधित जाति की बहुलता है

मंडा व मित्रा लगातार चौथी बार मैदान में
गोपाल राम मंडा व राम मोहन मित्रा ऐसे उम्मीदवार हैं, जो लगातार चौथी बार चुनाव मैदान में है। इनके अलावा विवेक राजवंशी, गिर्राज महावर तथा सुनीता व्यास लगातार तीसरी बार भाग्य आजमा रहे हैं। निगम के इतिहास में ऐसे बहुत कम लोग हैं, जो तीन या चार बार लगातार पार्षद का चुनाव लड़े हों। ज्यादातर पार्षदों को संबंधित राजनीतिक पार्टियां रिपीट करने से ही परहेज करती हैं। इस बार ये ट्रेंड टूट गया।

एनालिसिस : नाम में गफलत और क्रिमिनल केस से अटकी उम्मीदवारी

  • कोटा दक्षिण नगर निगम में रामगंजमंडी विधानसभा के 8 वार्ड आते हैं, इनमें से दो नाम रोके गए हैं। इनमें से एक वार्ड में जिस महिला को पार्टी प्रत्याशी बनाने जा रही थी, वह असल में वर्मा है और वोटर लिस्ट में उसका सरनेम शर्मा छप गया। ऐसे वहीं, एक उम्मीदवार का नाम इसलिए रोका गया है, क्योंकि उसपर आपराधिक मामला है, जिनमें सजा ज्यादा है।
  • सूची जारी हाेने के साथ ही काेटा उत्तर में कुछ नामाें पर घमासान मच गया। पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि 3-4 नामाें पर मेरी कड़ी आपत्ति है। मैंने पार्टी नेतृत्व काे अवगत करा दिया है। मुझे उम्मीद है कि पार्टी इन नामाें पर पुनर्विचार करेगी। लाडपुरा के पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत ने कहा कि जिन्हें टिकट मिला है, वे सभी पार्टी के कार्यकर्ता हैं, उन्हें जिताएंगे।
  • पहली बार दाे पूर्व उप महापाैर मैदान में : काेटा दक्षिण नगर निगम से दाे पूर्व उप महापाैर मैदान में है। ऐसा संभवत: पहली बार है। इस बार दक्षिण निगम में मेयर की सीट सामान्य हाेने से दावेदाराें की लंबी फाैज है। इस निगम के वार्ड 20 से सुनीता व्यास और वार्ड 26 से याेगेंद्र खींची मैदान में है, दाेनाें पूर्व में डिप्टी मेयर रह चुके हैं।
  • इन वार्डों में नाम बदले : दक्षिण के वार्ड-5 में भंवर सिंह हाड़ा की जगह हरमेंद्र सिंह हाड़ा, वार्ड-40 में नंद किशोर वैष्णव, उत्तर के वार्ड-12 में लवी जैन, वार्ड-15 में महावीर प्रसाद गौतम, वार्ड-25 में शाबिर अब्बास की जगह आरिफ़ मोहम्मद, वार्ड-34 में राधा सोनी, वार्ड-35 में सुनील जायसवाल को टिकट दिया गया। उत्तर में वार्ड 53 से फकरूद्दीन का नाम घोषित हुआ।
  • सिर्फ 9 पूर्व पार्षदों को दिया मौका : पिछले बोर्ड में बीजेपी के 53 पार्षदों में से सिर्फ 9 को दोबारा उम्मीदवार बनाया गया है। गोपाल राम मंडा, विवेक राजवंशी, विनोद नायक, गिर्राज महावर, सुनीता व्यास, राम मोहन मित्रा, धापू मेहरा और चिमन बैरवा, बीजेपी समर्थित रहे आरडी वर्मा को टिकट दिया है। इनके अलावा पूर्व पार्षद युसूफ कड़क तथा देवेंद्र चौधरी मामा की पत्नियों को टिकट मिले हैं।

भास्कर खास : इन पूर्व पार्षदों को टिकट नहीं देकर चाैंकाया

  • राकेश पुटरा : काेटा उत्तर के वार्ड-50 से पूर्व पार्षद राकेश पुटरा ने टिकट मांगा था। पिछले चुनाव में वे बाेर्ड के 65 पार्षदाें में से सबसे ज्यादा वाेट 3427 वाेटाें से जीते थे। सुरक्षा समिति के चेयरमैन भी रहे। वहां से महावीर सुवालका काे टिकट दिया गया।
  • रमेश आहूजा : साफ छवि व सांसद ओम बिरला के काफी नजदीकी। पिछली बार शाॅपिंग सेंटर क्षेत्र से पार्षद रहे। चार प्रमुख समितियाें भवन निर्माण, अतिक्रमण निराेधक, सफाई व सार्वजनिक राेशनी समिति के सदस्य रहे। उनकी जगह नरेश शर्मा काे टिकट मिला।

सभी से खुला संवाद किया, लंबी चर्चाएं की और सभी की राय को महत्व दिया। कोटा बीजेपी का गढ़ रहा है, वहां का एक-एक कार्यकर्ता पार्टी का अनुशासित सिपाही है और खूब मेहनत करता है। मुझे पूरा विश्वास है कि दोनों नगर निगमों में हम बीजेपी के बोर्ड बनाएंगे। सभी बड़े नेताओं व संगठन पदाधिकारियों की राय से ही प्रत्याशी तय किए हैं। हमने तीन दिन तक कोटा में रहकर यही प्रयास किया कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाए और सभी की आमराय से नाम तय हों। उसी के अनुरूप केंडीडेट तय किए गए हैं।

यदि इसके बाद भी किसी ने बगावत की या निर्दलीय लड़ने या लड़ाने का दांव खेला तो पार्टी सख्ती से निपटेगी। जो नाम रोके गए थे, उनमें कोई विवाद नहीं था, बल्कि तकनीकी कारण थे। देर रात तक स्थिति क्लीयर होने के कारण बाकी नाम भी जारी हो गए। - राजेंद्र राठौड़, चुनाव समन्वयक, बीजेपी

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