नियमों का उल्लघंन करने वाले वित्र नियंत्रक का घोटाला:वीएमओयू में 4 साल पुराने टेंडर घोटाले के मामले में चालान पेश

कोटाएक महीने पहले
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5 करोड़ की बजाय 12 करोड़ का टर्नओवर दिखाया था। - Dainik Bhaskar
5 करोड़ की बजाय 12 करोड़ का टर्नओवर दिखाया था।

बारां एसीबी ने वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी कोटा में 4 साल पहले टेंडर घोटाले के मामले में आराेपी यूनिवर्सिटी के वित्त नियंत्रक सुरेश चंद, निदेशक एमपीडी विभाग करण सिंह व अमित अग्रवाल प्रोपराइटर सरस्वती प्रिंटिंग प्रेस मथुरा उत्तर प्रदेश के खिलाफ मंगलवार काे न्यायालय में चालान पेश कर दिया।

साल 2016-17 में पाठ्य पुस्तक सामग्री के लिए टेंडर जारी हुआ था। आरोप है कि अधिकारियों ने मिलीभगत कर नियमों का उल्लंघन करते हुए मथुरा की फर्म को टेंडर जारी किया था, जिससे यूनिवर्सिटी को आर्थिक नुकसान हुआ था। परिवादी प्रफुल्ल गोयल ने एसीबी मुख्यालय में परिवाद दिया था। जिसमें बताया था कि यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने फर्म का भौतिक सत्यापन किए बिना ही टेंडर जारी कर दिया।

फर्म का वार्षिक टर्नओवर मात्र 5 करोड़ था, जबकि उसने टेंडर में अपना वार्षिक टर्नओवर 12 करोड़ दिखाया। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने मिलीभगत कर फर्म को वर्कऑर्डर जारी कर दिया। फर्म द्वारा निविदा में जो पेपर सैंपल के तौर पर पेश किए गए थे उस पेपर की बजाए निम्न स्तर के पेपर पर पाठ्यपुस्तक सामग्री छपवाई गई। परिवाद की जांच के बाद मामला दर्ज हुआ था।

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