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एनटीए ने अंग्रेजी की अनिवार्यता भी समाप्त की:एम्स की पात्रता शर्ताें में बदलाव, 12वीं में 60 की जगह 50% अंक ही जरूरी

कोटा16 दिन पहले
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एम्स में प्रवेश का क्राइटेरिया भिन्न होने के कारण कई स्टूडेंट्स नीट क्वालीफाई करने के बाद भी  12वीं बोर्ड में प्रतिशत कम होने के कारण एम्स में प्रवेश नहीं ले पाते थे। - Dainik Bhaskar
एम्स में प्रवेश का क्राइटेरिया भिन्न होने के कारण कई स्टूडेंट्स नीट क्वालीफाई करने के बाद भी  12वीं बोर्ड में प्रतिशत कम होने के कारण एम्स में प्रवेश नहीं ले पाते थे।

एनटीए ने एम्स एमबीबीएस सीट पर प्रवेश की पात्रता शर्ताें में छूट दी है। नीट यूजी के इंफॉर्मेशन ब्रोशर की सूचना के अनुसार 12वीं बोर्ड में न्यूनतम परसेंटेज का क्राइटेरिया अब एम्स पर भी लागू होगा। एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि अब 12वीं बाेर्ड में 60 की बजाए 50 प्रतिशत अंक ही अनिवार्य हाेंगे। पिछले साल तक जनरल तथा ओबीसी कैटेगरी के स्टूडेंट्स के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक अनिवार्य थे।

एससी/एसटी कैटेगरी के लिए यह बाध्यता 50 प्रतिशत थी। वहीं अन्य मेडिकल संस्थानों में जनरल कैटेगरी के लिए 12वीं बोर्ड में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक तथा एससी/एसटी व ओबीसी के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत आवश्यक थे। वहीं अंग्रेजी की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। एम्स में प्रवेश का क्राइटेरिया भिन्न होने के कारण कई स्टूडेंट्स नीट क्वालीफाई करने के बाद भी 12वीं बोर्ड में प्रतिशत कम होने के कारण एम्स में प्रवेश नहीं ले पाते थे।

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