पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नगर निगम:80 दिन में नहीं बन सकी निगमाें की समितियां, इस बार बिना वित्त समिति के ही पेश हाेगा शहर का बजट

काेटा3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • बाेर्ड बनने के 90 दिन के अंदर बनानी हाेती हैं निगम की समितियां, अभी चर्चा तक नहीं हुई

दाेनाें नगर निगमाें में बाेर्ड काे बने हुए लगभग ढाई महीने हाे चुके हैं। इसके बावजूद अब तक समतियाें का गठन नहीं हाे सका है। इसका नतीजा ये हाे रहा है कि इस बार भी निगम के अधिकारी ही निगम का बजट तैयार कर रहे हैं। कायदे से ये काम वित्त समिति काे करना हाेता है, लेकिन अभी तक ये समिति अस्तित्व में ही नहीं आ सकी है।

ऐसे में शहर के किसी क्षेत्र, विभाग या किस व्यवस्था के लिए कितना बजट चाहिए, इसकी डिमांड रखने वाला काेई समिति चेयरमैन या जनप्रतिनिधि ही नहीं है। पार्षदाें से सीधे काेई बजट के संबंध में बात नहीं करता। महापाैर व उपमहापाैर जितना बता पाएंगे वाे ही शामिल हाे सकेगा। इस बार जाे बजट बनेगा वाे बिना वित्त समिति के ही पेश हाेगा। वहीं जयपुर के ग्रेटर नगर निगम में समितियां बन चुकी हैं।

इधर, 80 दिन में भाजपा नेता प्रतिपक्ष भी नहीं बना पाई

सत्ता पक्ष ताे समितियां नहीं बना पाई, लेकिन भाजपा भी पूरी तरह से विपक्ष की भूमिका नहीं निभा पा रही है। बाेर्ड बने लगभग 3 माह हाे गए, लेकिन अभी तक उत्तर और दक्षिण दाेनाें ही नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष मनाेनीत नहीं किया जा सका। दाेनाें ही नगर निगम में भाजपा के पास इतने पार्षद हैं कि विपक्ष की भूमिका में बैठ सकते हैं, लेकिन भाजपा में भी चल रही अंदरूनी खींचतान के कारण अभी तक नेता प्रतिपक्ष के नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है।

कुछ दिनाें पूर्व इसके लिए कार्रवार्ई भी शुरू की गई थी, लेकिन यहां के वरिष्ठ नेताओं के बीच एकराय नहीं बन पाई ताे मामला वापस खटाई में पड़ गया। स्थिति यह है कि भाजपा के पार्षद भी कई गुटाें में बंटे हुए हैं। इस कारण अभी तक दाेनाें ही निगम की जाे पहली बाेर्ड बैठक हुई, लेकिन विपक्ष दमदारी से उभर कर नहीं अाया। जबकि, दक्षिण निगम में ताे भाजपा और कांग्रेस 39 और 41 सीटाें के साथ लगभाग बराबर की पाेजिशन में है।

भाजपा के पास जितने अनुभवी और वरिष्ठ पार्षद हैं, उतने ताे सत्ताधारी कांग्रेस के पास भी नहीं है। उत्तर में भले ही भाजपा के पास कम पार्षद हैं, लेकिन जाे निर्दलीय जीते हैं, उनमें से अधिकांश भाजपा के ही बागी हैं। ऐसे में उत्तर निगम में भी भाजपा विपक्ष की भूमिका दमदारी से निभा सकती है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष के अभाव में ऐसा नहीं हाे पाया।

24 समितियों के जरिए चलती है शहर की सरकार

नगर निगम बाेर्ड काे चलाने के लिए लगभग 24 समितियां बनाई जाती हैं। समिति के चेयरमैन सत्ता पक्ष के पार्षद हाेते हैं और सदस्य पक्ष-विपक्ष दाेनाें के पार्षदाें काे शामिल कर बनाए जाते हैं। इन समितियाें के जरिए ही पूरे शहर के जरूरी काम हाेते हैं। जब नगर निगम का बजट की तैयारी शुरू की जाती है ताे पहले सभी समितियाें के चेयरमैन से उनके विभाग की डिमांड पूछी जाती है।

^नगर निगम में समितियां बनाने का अधिकार और कार्य महापाैर का है, वाे ही समितियां बनाएंगे। कब तक बनाएंगे ये भी वाे ही बता पाएंगे।
- शांति धारीवाल, यूडीएच मंत्री
^समितियाें के गठन के लिए कार्रवाई चल रही है। पार्षदाें से बात भी कर रहे हैं। जल्दी ही समितियाें की घाेषणा कर दी जाएगी। बजट के लिए तैयारी चल रही है।
- राजीव अग्रवाल भारती, महापाैर, दक्षिण निगम
^हमने समितियाें के लिए काफी कुछ तैयारियां कर ली है। फाइनल स्टेज में चल रही है। समय पूरा हाेने से पहले तैयार कर ली जाएगी। अभी बजट काम चल रहा है।
- मंजू मेहरा, महापाैर, उत्तर निगम
^अभी प्रदेश में नगर पालिकाओं और परिषद के चुनाव चल रहे हैं। इसलिए नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति रोक रखी है। चुनाव हो जाने के बाद सभी जगह एक साथ नियुक्तियां होंगी।

- कृष्ण कुमार सोनी, भाजपा जिलाध्यक्ष

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- किसी भी लक्ष्य को अपने परिश्रम द्वारा हासिल करने में सक्षम रहेंगे। तथा ऊर्जा और आत्मविश्वास से परिपूर्ण दिन व्यतीत होगा। किसी शुभचिंतक का आशीर्वाद तथा शुभकामनाएं आपके लिए वरदान साबित होंगी। ...

    और पढ़ें