विधानसभा काे पूर्व विधायक के निधन की सूचना नहीं दी:9 दिन बाद हुई शोकाभिव्यक्ति, नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने मुद्दा उठाया तो स्पीकर बोले-कलेक्टर से पूछा जाएगा

कोटा4 महीने पहले
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स्व. दयाकृष्ण। - Dainik Bhaskar
स्व. दयाकृष्ण।

जिला प्रशासन पूर्व विधायक दयाकृष्ण विजय के निधन की सूचना विधानसभा को देना ही भूल गया। नतीजा यह हुआ कि सत्र शुरू होने के 9 दिन बाद शनिवार को सदन की ओर से उनके प्रति शोकाभिव्यक्ति हुई। सामान्य तौर पर सदन के पहले दिन ही उन दिवंगत सदस्यों को शोकाभिव्यक्ति हो जाती है, जिनका गत दिनों निधन हुआ हो। शनिवार काे सदन की शुरुआत में जैसे ही विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने शोक प्रस्ताव रखते हुए दिवंगत दयाकृष्ण विजय को श्रद्धांजलि दी और सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखा।

इसके बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया खड़े हो गए और कहा कि दयाकृष्णजी का निधन जुलाई में हो गया था, यह कलेक्टर की ड्यूटी है कि वे समय पर विधानसभा को सूचना भेजें। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि कलेक्टर को पाबंद करें कि समय पर सूचना दें। स्पीकर जोशी ने कटारिया की इस बात को गंभीरता से लिया और कहा कि विधानसभा सचिवालय की ओर से कलेक्टर पूछेगा कि किन कारणों से यह देरी हुई और भविष्य में ऐसा हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी विधानसभा में छबड़ा से विधायक थे दयाकृष्ण, राजस्थान साहित्य एकादमी के 3 बार अध्यक्ष रहे

दयाकृष्ण विजय का जन्म 8 अप्रैल, 1929 को कोटा जिले के छजावा ग्राम में हुआ। वे राजस्थान की दूसरी विधानसभा में छबड़ा निर्वाचन क्षेत्र से जनसंघ के विधायक निर्वाचित हुए थे। विजय नगर पालिका कोटा एवं नगर विकास न्यास कोटा के सदस्य रहे। राजस्थान साहित्य अकादमी के तीन बार अध्यक्ष रहे। अध्ययन में खास रुचि रखने वाले विजय राजस्थान साहित्य अकादमी के “मीरा पुरस्कार’ सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित हुए। काेटा में सिविल लाइंस में रहने वाले विजय का 16 जुलाई को निधन हो गया था।

मैंने विधानसभा काे भी बताया था, छबड़ा तहसीलदार व एसडीएम का भी फाेन आया था : दयाकृष्ण के बेटे

दयाकृष्ण विजय के बेटे बीजेपी काेटा शहर के पूर्व जिलाध्यक्ष हेमंत विजय ने कहा कि मैंने विधानसभा में भी सूचित कर दिया था, जहां मेरी बात एक उप सचिव से हुई थी। इसके बाद मेरे पास छबड़ा तहसीलदार और एसडीएम काे भी फाेन आया था। साथ ही काेटा में पेंशन विभाग काे भी उनके निधन की सूचना दे दी थी, क्याेंकि उनकी पेंशन काेटा से ही बनती थी। अब यह ताे प्रशासन का विषय है कि उनके स्तर पर कहां गैप रहा। मैंने अपने स्तर पर उन सभी जगहाें पर सूचित किया, जहां देनी चाहिए थी।

छबड़ा विधानसभा क्षेत्र बारां में आता है, इसलिए सूचना वही से गई होगी। बाकी फिर भी पता करवा लेंगे। मैंने यह मामला सामने आने के बाद मेरे ऑफिस में पता किया है, इसमें सामने आया है कि हमारे यहां से बारां कलेक्टर काे पत्र भेजा गया था। फिर भी यदि हमारे स्तर पर काेई चूक रही है ताे उसे दिखवाएंगे और कार्रवाई करेंगे।- उज्ज्वल राठाैड़, कलेक्टर, काेटा

वे कोटा ही निवास करते थे और वहीं निधन हुआ। इसलिए हो सकता है सूचना भेजने में कुछ विलम्ब रहा हो। सूचना मेरे यहां एडीएम स्तर से भेजी गई है। - राजेंद्र विजय, कलेक्टर, बारां