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भास्कर खास:दिल की मांसपेशियाें को कमजोर करता है कोरोना, बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा

कोटाएक महीने पहले
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  • वर्ल्ड हार्ट डे पर ये खबर पढ़नी जरूरी...

काेराेनाकाल में हृदय राेगियाें काे खास सावधानी की जरूरत है, क्याेंकि ऐसे राेगियाें काे काेराेना हाेने पर उनकी हालत आसानी से गंभीर हाे जाती है। आंकड़ाें के मुताबिक काेटा में अब तक काेराेना के कारण दम ताेड़ने वाले 99 मरीजाें में से 48 काे हार्ट की बीमारी थी। कोरोना की शुरुआती रिपोर्टों के आधार पर विश्व में 40% अस्पताल में भर्ती कोविड रोगियों को हृदय रोग या मस्तिष्क का रोग था। भारत में भी काेराेना से जान गंवाने वाले राेगियाें में हृदय रोगियों की संख्या सर्वाधिक है। विश्व हृदय राेग दिवस पर हार्ट स्पेशलिस्ट डाॅ. साकेत गाेयल बता रहे हैं हृदय राेगियाें में काेराेना का क्या असर हाेता है और इससे कैसे बचें।

डाॅ. गाेयल के अनुसार कोरोना वायरस का मुख्य लक्ष्य फेफड़े हैं, लेकिन यह हृदय को भी प्रभावित कर सकता है। हृदय और फेफड़े ऑक्सीजन सप्लाई के लिए साथ काम करते हैं। इसलिए हृदय रोगियों के लिए कोरोना घातक हो सकता है। इम्युनिटी कमजोर होने से संक्रमण की संभावना भी ज्यादा होती है।

एक्सपर्ट व्यू : अपनी रोज की दवाएं लेते रहें, कोई नया लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें

  • कोरोना रोगियों के हार्ट की मांसपेशियों की कमजोरी (कार्डियाेमायोपैथी), हृदयघात या धड़कन के विकार हो सकते हैं। इसलिए हृदय रोगियों काे काफी एहतियात बरतने की जरूरत है।
  • कोरोना के लक्षण जैसे छाती में भारीपन, सांस फूलना इत्यादि हृदय राेग के भी लक्षण हो सकते हैं। किसी भी नए लक्षण पर अपने डाॅक्टर से सम्पर्क करें।
  • हृदय राेगियाें काे काेराेना हाेने पर उनके फेफड़े भी अासानी से संक्रमित हाे जाते हैं, जिससे शरीर में अाॅक्सीजन का स्तर तेजी से गिर सकता है, जाे घातक साबित हाे सकता है।
  • कोरोना से धमनियाें में खून के थक्के भी बन सकते हैं जाे घातक हाे सकते हैं।
  • कोरोना के साथ अन्य बीमारियों डायबिटीज, बीपी या गुर्दा रोग की वजह से जटिलताएं बढ़ सकती हैं।

ये सावधानियां रखें

  • अपनी राेज की दवाएं शुरू रखें और डाॅक्टर से परामर्श लेते रहें। शुगर और रक्तचाप नियंत्रित रखें।
  • एंटीवायरल दवा दी जाएगी। ऐसे में अपने लिवर की जांच कराएं।
  • ऑक्सीजन मॉनिटरिंग 3-4 सप्ताह तक करें।
  • खून पतला करने के दवा टेस्ट रिपोर्ट (प्लेट्लेट्स इत्यादि) के अनुसार शुरू रखें। आपको कुछ दिन/ सप्ताह के लिए हेपारिन इंजेक्शन दिए जा सकते हैं।
  • कोरोना में दिए जाने वाले स्टेरायड, हृदय रोग और डायबिटीज में दुधारी तलवार साबित हो सकते हैं।
  • अगर सीटी स्कैन रिपाेर्ट में अधिक बदलाव हैं तो धीमा प्राणायाम और प्रोनिंग (पेट के बल लेट कर सांस लेना) इसमें सहायक होगा।
  • सामान्य गति से 6 मिनट वॉक करके दूरी, पल्स रेट, ऑक्सीजन और लक्षण का रिकाॅर्ड रखें।

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