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पट्‌टा बनाने के लिए मांगी 12 हजार की रिश्वत:9 हजार लेकर निगम के टॉप फ्लोर पर बुलाया, एसीबी ने संविदा कर्मी को किया ट्रैप

कोटा16 दिन पहले
आरोपी संविदाकर्मी ने 12 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। (लाल टी-शर्ट में आरोपी)

कोटा देहात एसीबी की टीम ने कार्यवाही करते हुए निगम के संविदा कर्मी, ई मित्र संचालक को 9 हजार की घूस लेते ट्रैप कर लिया। संविदा कर्मी नरेंद्र निर्भीक ने पट्टे बनाने की एवज में 12 हजार की घूस मांगी थी जिसका सौदा 9 हजार में तय हुआ था। घूस की रकम 9 हजार को संविदाकर्मी निर्भीक नगर निगम की छत पर ले रहा था जहां से एसीबी ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

परिवादी महिला
परिवादी महिला

एसीबी की एडिशनल एसपी प्रेरणा शेखावत ने बताया कि परिवादी महिला कोटड़ी निवासी राधा गुप्ता ने शिकायत दी थी कि उसके पति की मौत हो चुकी है एवं कोटडी इलाके में उसका एक मकान है। जिसका वह पट्टा बनवाना चाहती थी। वह कई दिनों ने निगम में जा रही थी लेकिन निर्भीक उसे कागजी कार्यवाही की कहकर टालता रहा। बाद में उसने कहा कि वो पट्टा बनवा कर दे देगा लेकिन 12 हजार रुपये लगेंगे। जिसके बाद महिला ने बताया कि उसके पास इतने रुपए नहीं है। आरोपी काम को अटकाता रहा।

परिवादी राधा गुप्ता ने देहात एसीबी टीम को इसकी शिकायत दी थी। जिस पर कोटा एसीबी की टीम ने सत्यापन करवाया जिसमे सौदा 9 हजार में तय हुआ। जिसकी घूस रकम लेने संविदाकर्मी नरेंद्र ने महिला को नगर निगम की छत पर बुलाया था। जहां से एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के साथ और कौन कौन इस खेल में शामिल है इस बारे में एसीबी पड़ताल कर रही है। साथ ही उसने और किस किस से पैसे मांगे पड़ताल की जा रही है।

ई मित्र चलाता है, संविदा पर नौकरी

आरोपी नरेंद्र विज्ञान नगर का रहने वाला है। वह ई मित्र संचालक है, जिसे वर्तमान में निगम में प्रशासन शहरों के संग अभियान में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर ठेके पर रखा हुआ है। सबसे बड़ी बात ये है कि निगम परिसर में जहां अभियान के तहत काम हो रहा है वह एक हॉल है। वहां सभी अधिकारी कर्मचारी भी बैठते है। इसके बाद भी आरोपी रिश्वत का खेल चला रहा था।

बार बार फ़ोन करता और रुपए लेकर बुलाता

परिवादी राधा ने बताया कि वह बार बार निगम के चक्कर काट रही थी लेकिन कागजी कार्यवाही के नाम पर नरेंद्र उसे उलझा रहा था। उसने 501 रुपए की रसीद भी कटवा ली। कागजी कार्यवाही के नाम पर एक हजार रुपये भी दे दिए। इसके बाद भी वह उसे 12 हजार देने के लिए कहने लगा। वह उसे कभी विज्ञान नगर बुलाता तो कभी निगम। महिला के अनुसार उसके पास इतनी रकम नहीं थी। जब सरकार ही 501 में पट्टा देने की बात कह रही है तो वह क्यों इतने पैसे दे। इसलिए उसने एसीबी में शिकायत दी।

पत्रकार ने एसीबी में जाने की दी सलाह

महिला ने बताया कि वह नरेंद्र की वजह से काफी परेशान हो गयी थी। किसी से रुपये उधार लेकर भी एक बार तो पैसे देने की सोचा। लेकिन फिर उसने अपने पड़ोस में रहने वाले पत्रकार को इस बारे में बताया। पत्रकार ने उसे एसीबी के पास जाने के लिए कहा। महिला एसीबी के पास पहुंची और आरोपी धरा गया।

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