खून में एंटी बाॅडी मिल रही:इसके बावजूद डोनर से मांगी जा रही आरटी पीसीआर रिपाेर्ट, नतीजा-सरकारी ब्लड बैंक में घटा प्लाज्मा डाेनेशन

कोटा6 महीने पहले
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  • एमबीएस ब्लड बैंक गाइडलाइन का हवाला दे रहा, प्राइवेट ब्लड बैंक के डॉक्टर बोले-ऐसा नियम ही नहीं

कोविड हॉस्पिटलों में भर्ती क्रिटिकल मरीजों के लिए प्लाज्मा की डिमांड बढ़ती जा रही है, लेकिन सरकारी ब्लड बैंक में प्लाज्मा डोनेशन में एक ऐसा नियम आड़े आ रहा है, जिसका विशेषज्ञ भी कोई औचित्य नहीं मानते। असल में एमबीएस ब्लड बैंक में प्लाज्मा डोनर का आरटी पीसीआर टेस्ट में पॉजिटिव होना जरूरी है, भले ही उसके कोविड की एंटी बॉडी मिल रही हो। ऐसे सैकड़ाें युवा हैं, जिन्हें काेविड के लक्षण रहे, काेविड की दवाइयां लेनी पड़ी और कुछ काे ताे भर्ती भी रहना पड़ा, लेकिन इनका आरटी पीसीआर टेस्ट पाॅजिटिव नहीं आया।

ऐसे लाेग जब डाेनेशन करना चाहते हैं ताे उनमें एंटी बाॅडी ताे मिल रही है, लेकिन आरटी पीसीआर पाॅजिटिव नहीं हाेने से उनका प्लाज्मा नहीं लिया जा रहा। जबकि शहर में ही प्लाज्मा लेने के लिए अधिकृत एक प्राइवेट ब्लड बैंक सिर्फ एंटी बाॅडी मिलने पर प्लाज्मा ले रहा है, वहां आरटी पीसीआर में पाॅजिटिव हाेने की अनिवार्यता नहीं है। नतीजा यह हाे रहा है कि सरकारी ब्लड बैंक में कम प्लाज्मा डाेनेट हाे रहे हैं, जबकि प्राइवेट ब्लड बैंक में वहां से दाेगुने प्लाज्मा डाेनेट हाे रहे हैं।

82% है आरटीपीसीआर की सेंसेटिविटी

काेविड आरटी पीसीआर टेस्ट की सेंसेटिविटी मात्र 82 प्रतिशत मानी जाती है, यानी 18 फीसदी मामलाें में यह टेस्ट फाॅल्स निगेटिव रिपाेर्ट दे सकता है, इसके कई कारण हाे सकते हैं। ऐसे में एकमात्र इसी टेस्ट के आधार पर प्लाज्मा डाेनर्स काे रिफ्यूज करना कहां उचित है?

कौन डोनेट कर सकता है प्लाज्मा?
ऐसे लोग, जो कोरोना पॉजिटिव रह चुके हैं और डोनेशन और कोविड-19 की दो बार जांच रिपोर्ट निगेटिव से 3 सप्ताह पहले ठीक हो चुके हैं। जिन लोगों की उम्र 18 से 60 साल के बीच है। जिनका वजन 50 किलोग्राम या ज्यादा है और स्वस्थ हैं।

हम सरकारी सिस्टम का हिस्सा हैं और नियमाें से बंधे हैं। आईसीएमआर या राज्य सरकार की गाइडलाइन के हिसाब से काम कर रहे हैं। आरटी पीसीआर पाॅजिटिव हाेने पर ही प्लाज्मा ले सकते हैं। यदि सरकार काेई संशाेधित आदेश जारी कर देती है ताे हमें कहां दिक्कत है‌? लेकिन आज की स्थिति में ताे हम उन्हीं लाेगाें का प्लाज्मा ले रहे हैं, जाे आरटी पीसीआर टेस्ट में काेविड पाॅजिटिव रहे हैं।- डाॅ. एचजी मीणा, प्रभारी, एमबीएस ब्लड बैंक
ऐसा काेई नियम नहीं है कि आरटी पीसीआर टेस्ट में पाॅजिटिव हाेना जरूरी है। हम गाइडलाइन के हिसाब से ही काम कर रहे हैं और उसमें स्पष्ट है कि मरीज में आईजीजी एंटी बाॅडी मिलनी चाहिए। प्लाज्मा का मतलब ही यह है कि एक रिकवर राेगी से एंटी बाॅडी लेकर बीमार मरीज काे दाे। हम ताे उन सभी का प्लाज्मा ले रहे हैं, जिनमें काेविड की एंटी बाॅडी मिल रही है।- डाॅ. साैरभ गुप्ता, कृष्णा राेटरी ब्लड बैंक

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