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ब्लैक फंगस के 2 माह:एमबीएस अस्पताल के डॉक्टरों ने 103 ऑपरेशन करके 86 मरीजों की जान बचाई

कोटा12 दिन पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।
  • अब तक भर्ती हुए 198 में से 98 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हुए

एमबीएस के ईएनटी विभाग के डॉक्टरों की टीम ने ब्लैक फंगस के 100 ऑपरेशन पूरे कर लिए हैं। कोविड की सेकंड वेव के दौरान अचानक आई इस बीमारी के बाद 20 मई को एमबीएस अस्पताल में पहली सर्जरी की गई थी, दो माह में 103 सर्जरी की जा चुकी है। ईएनटी व निश्चेतना विभाग की टीम ने ब्लैक फंगस मरीजों की सर्जरी के लिए एक-एक दिन में 10-10 घंटे तक काम किया। बीच में जब मरीज बढ़े तो एक दिन में 6-7 तक सर्जरी की गई।

सीमित संसाधनों व ब्लैक फंगस के लिए जरूरी लाइपोसोमल एंफोटेरेसिन बी इंजेक्शन की कमी के बावजूद सर्जरी करके ज्यादातर मरीजों की जान बचा ली गई। अस्पताल में अब तक 198 मरीज एडमिट हुए हैं, इनमें से 98 मरीज पूर्ण रिकवर होकर घर गए हैं, ये सभी ऑपरेटेड थे। वहीं 37 मरीजों की जान चली गई।

इनमें भी पोस्ट ऑपरेटिव मरने वालों की संख्या मात्र 17 है, 20 मरीज तो ऐसे थे, जो बेहद क्रिटिकल कंडीशन में आए और भर्ती होने के बाद डॉक्टर कुछ कर पाते, उससे पहले ही मौत हो गई। वर्तमान में 22 मरीज एडमिट हैं, जबकि 41 मरीजों के परिजन उन्हें घर या दूसरे अस्पताल में ले गए।

ब्लैक फंगस के संक्रमण की वजह से तालु काटना पड़ा

प्रेम नगर सेकंड निवासी सुरेश कुमार (31) को मई में कोविड और जून में ब्लैक फंगस ने घेर लिया। स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टरों को उनका तालु काटना पड़ा। वे करीब 18 दिन एडमिट रहे और दवा ली। अब वे फॉलोअप में अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाने आते हैं और दवा ले रहे हैं। वे स्वस्थ है। तालु काटने की वजह से बोलने में थोड़ी परेशानी है।

सायनस व जबड़े में संक्रमण, ऑपरेशन के बाद पूरी तरह ठीक

हरिपुरा, झालावाड़ के दुर्गालाल (26) का 27 मई को ऑपरेशन किया गया था, उनके सायनस और जबड़े में फंगस था। लेकिन ऑपरेशन के बाद वे इलाज पूरा लिए बिना घर चले गए। अब उन्हें वापस दिक्कत हुई तो डॉक्टरों ने दोबारा भर्ती किया है। नए सिरे से एंटी फंगल ट्रीटमेंट शुरू किया गया है। उनका जबड़े का ऑपरेशन किया गया था।

ऑपरेशन के बाद दोनों आंखों में गंभीर इंफेक्शन

गायत्री विहार निवासी मंजू बाई तीन माह से हॉस्पिटल में ही हैं। पहले कोविड में भर्ती रही, फिर ब्लैक फंगस ने जकड़ लिया। ऑपरेशन के बाद में आंखों में इंफेक्शन फैल गया। डॉ. अशोक मीणा ने बताया कि ब्रेन में भी इंफेक्शन है। ऑपरेशन करने में हाई रिस्क है।

20 दिन भर्ती रहकर स्वस्थ हुई नंद कंवर, जल्द होंगी डिस्चार्ज

बौलिया बुलुर्ग, भवानीमंडी निवासी नंद कंवर बाई (65) को एमबीएस अस्पताल के ब्लैक फंगस वार्ड में 20 दिन हो गए, उनका ऑपरेशन हो चुका है। उनके नाक में फंगस था। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ट्रीटमेंट पूरा हो चुका है और अगले एक-दो दिन में उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। कोविड के दौरान वे भवानीमंडी में ही एडमिट रही थीं।

सर्जरी से रुक गया संक्रमण, दवाओं से रिकवर कर रहे बुजुर्ग

बरधा बांध के पास स्थित गागोस गांव निवासी रामनारायण (65) ब्लैक फंगस वार्ड में भर्ती है। वे 9 जुलाई को एडमिट हुए थे और अगले ही दिन उनकी सर्जरी कर दी गई। उनके सायनस में दिक्कत थी, समय पर सफल सर्जरी होने से इंफेक्शन आसपास नहीं फैल पाया और बहुत कम समय में वे रिकवर कर गए।

इस टीम ने मेहनत करके बचाए मरीज

ब्लैक फंगस के ऑपरेशन करने वाली इस टीम में ईएनटी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. आरके जैन, डॉ. विजय मीना, डॉ. प्रज्ञानंद गौतम, डॉ. निखिल, डॉ. गौरव व विभागीय रेजीडेंट्स के साथ निश्चेतना विभाग की टीम में डॉ. मुकेश सोमवंशी, डॉ. ऊषा दड़िया व डॉ. ममता शर्मा तथा निश्चेतना विभाग के रेजीडेंट्स शामिल रहे। मरीज ज्यादा थे तो सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ओटी चलते थे।

टीमवर्क से बचाई जानें : डॉ. जैन

इससे पहले अपने पूरे कॅरियर में दो-तीन मरीज देखे होंगे। हमारी टीम ने पूरे प्रयास किए और जितना हो सका, मरीजों को बचाया। इंजेक्शन की भी कमी रही, लेकिन हमारी टीम ने मैनेज करने का प्रयास किया। - डॉ. आरके जैन, सीनियर प्रोफेसर, ईएनटी



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