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  • Due To The Effect Of Western Disturbances And Cyclonic Circulation, Drizzle Is Likely To Happen Today, If It Rains, There Is A Possibility Of Reduced Wheat Production.

अधिकतम तापमान में भी मामूली बढ़ोतरी:पश्चिमी विक्षाेभ और साइक्लाेनिक सर्कुलेशन के असर से बूंदाबांदी,आज मावठ की संभावना, बारिश हुई तो गेहूं की पैदावार कम होने की आशंका

कोटा2 महीने पहले
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बुधवार काे माैसम का मिजाज बदला। - Dainik Bhaskar
बुधवार काे माैसम का मिजाज बदला।

पश्चिमी विक्षाेभ के सक्रिय हाेने और बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक लाे-प्रेशर सिस्टम के असर से शहर में बुधवार काे माैसम का मिजाज बदला रहा। सुबह से ठिठुरन बनी रही। बादल छाए रहने से दाेपहर काे धूप भी नहीं निकली। शाम 4.50 बजे से 5.15 बजे तक बूंदाबांदी हुई।

माैसम विभाग के अनुसार गुरुवार काे भी इस सिस्टम के असर से हल्की से मध्यम बारिश हाेने की संभावना है। हालांकि बादलाें की वजह से तापमान बढ़ गया। बुधवार काे अधिकतम पारा 26.8 और न्यूनतम 14.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार काे अधिकतम पारा 26.7 और न्यूनतम 13.9 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया था। विजिबिलिटी 1000 मीटर दर्ज की गई। माैसम विभाग के अनुसार इस सीजन में अब तक कुल 76.7 एमएम बारिश हाे चुकी है।

जिन किसानाें ने नहरी पानी से पलेवा किया था, उनके गेहूं की बुवाई में देरी हाे चुकी है। यदि फिर बारिश हाेगी ताे और देरी हाेगी। इसका असर फसल के उत्पादन पर हाेगा। उत्पादन में गिरावट हाेने की संभावना है। वहीं, चना, सरसाें, धनिया, अलसी की फसल को फायदा होगा - प्राे. हरफूल मीना, माैसम वैज्ञानिक, एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी

यूं हाेता है सर्दी का असर : माैसम विभाग के अनुसार सर्दी का असर हवाओं के पैटर्न पर भी निर्भर करता है। ऐसे में हवाओं का लाेअर लेवल हाेना बहुत जरूरी है। इससे सर्दी अधिक हाेती है।

औसतन सर्दी के सीजन में तीन से चार सिस्टम आते हैं। दिसंबर के पहले सप्ताह में यह सिस्टम बन रहा है। दक्षिणी अंडमान सागर में एक लाे-प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने की संभावना है। गुरुवार काे भी बारिश हो सकती हैै। माैसम वैज्ञानिक हिमांशु शर्मा ने बताया कि इससे तापमान में मामूली गिरावट हाेगी।

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