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स्टेट लेवल पर खेलने के लिए नहीं मिलता बजट:शिक्षा विभाग के पास क्रीड़ा शुल्क के 60 लाख जमा हैं, डीईओ 60% तक धनराशि अपने स्तर पर खर्च कर सकते हैं

कोटा11 दिन पहले
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विभाग की ओर से जिला स्तर पर विजेता खिलाड़ियाें काे स्टेट लेवल पर खेलने के लिए एक रुपया भी खर्च तक नहीं कर रहा है। - Dainik Bhaskar
विभाग की ओर से जिला स्तर पर विजेता खिलाड़ियाें काे स्टेट लेवल पर खेलने के लिए एक रुपया भी खर्च तक नहीं कर रहा है।

शिक्षा विभाग हर साल क्रीड़ा शुल्क के नाम से लाखाें रुपए सेकंडरी सेटअप के स्कूलाें से वसूलते हैं। इनमें सेकंडरी सेटअप के स्कूलाें में सामान्य कैटेगरी के स्टूडेंट्स से 10 और अन्य कैटेगरी के स्टूडेंट्स से 5 रुपए हर महीने स्कूलाें की जमा हाेती है। काेटा डीईओ माध्यमिक मुख्यालय के पास स्टूडेंट्स से लिए गए करीब 60 लाख रुपए जमा हैं। लेकिन, विभाग की ओर से जिला स्तर पर विजेता खिलाड़ियाें काे स्टेट लेवल पर खेलने के लिए एक रुपया भी खर्च तक नहीं कर रहा है।

हालत यह है कि अभी तक जिला स्तर पर विजेता कई खिलाड़ी बजट के अभाव में स्टेट लेवल पर खेलने तक नहीं जा पाए हैं। इस मामले काे लेकर भास्कर ने पड़ताल की ताे हकीकत सामने आई कि यहां डीईओ माध्यमिक के पास करीब 60 लाख रुपए से अधिक राशि जमा है, जाे खेल प्रतिभाओं के लिए काम नहीं आ रही।

मदद नहीं मिलने से दो छात्राएं राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खेलने के लिए नहीं जा सकीं बजट के अभाव में दाे छात्राएं स्टेट टूर्नामेंट खेलने नहीं जा पाई : बजट के अभाव में देवली माछियान मिडिल स्कूल की कबड्डी खिलाड़ी शिया और निशा जिला स्तर पर विजेता हाेने के बावजूद स्टेट लेवल पर नहीं जा सकी। जबकि इनका स्टेट के लिए चयन हुआ।

हर साल हाे रही है खेल शुल्क के नाम से राशि जमा
काेटा में हर साल लाखाें रुपए प्राइवेट व गवर्नमेंट स्कूलाें में क्रीड़ा शुल्क के नाम से जमा हाेती है। वर्ष 2019 तक क्रीड़ा शुल्क में करीब 48 लाख रुपए जमा हुए थे। 2020 मंे 6 लाख और 2021 में करीब छह लाख रुपए जमा हुए हैं। कुल मिलाकर 60 लाख रुपए से अधिक राशि शिक्षा विभाग के पास जमा है। लेकिन, इनके लिए कुछ भी आर्थिक सहयाेग नहीं कर रहा है।

खेल की राशि में खेल
भास्कर ने मामले की पड़ताल की ताे यह सामने आया कि काेटा ही नहीं प्रदेश के 33 जिलाें में भी कमाेबेश ऐसे ही हालात हैं। जहां लाखाें का बजट क्रीड़ा शुल्क के नाम से जमा हैं। जमा राशि में से 40 फीसदी खर्च करने का अधिकार बीकानेर शिक्षा निदेशक के अधिकार क्षेत्र में है। वहीं, 60 फीसदी राशि डीईओ माध्यमिक मुख्यालय समिति की सहमति से खर्च की जा सकती है। चाैंकाने वाली बात है कि शहर के एक स्कूल के लिए पिछले दिनाें इस बजट के लिए बनी समिति ने एक लाख रुपए एडवांस्ड भी दे दिए, जबकि यहां खिलाड़ियाें काे स्टेट लेवल पर भिजवाने के लिए एक रुपया तक नहीं दिया जा रहा है।

शिक्षा विभाग की ओर से हर साल क्रीड़ा शुल्क के नाम से राशि जमा हाेती है। विभाग की ओर से स्टूडेंट्स काे जिले से स्टेट लेवल पर भिजवाने के लिए बजट की व्यवस्था करनी चाहिए। - दिग्विजय सिंह, जिलाध्यक्ष, शारीरिक शिक्षक संघ काेटा विभाग की ओर से इस राशि के खर्च करने के विधान काे लेकर में स्टडी करूंगा। प्रयास करेंगे कि आगे से किसी भी स्कूल का खिलाड़ी राशि के अभाव में खेलने से वंचित नहीं रहे। इस तरह की समस्या का समाधान किया जाएगा। - केके शर्मा, डीईओ प्रारंभिक एवं कार्यवाहक डीईओ माध्यमिक मुख्यालय

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