कोटा की हवा हुई जहरीली:दिवाली के बाद भी रेड जाेन में काेटा, भिवाड़ी व जयपुर के बाद सबसे खराब एयर क्वालिटी, 315 रहा एक्यूअाई

काेटा21 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
विज्ञान नगर में 709 के बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण - Dainik Bhaskar
विज्ञान नगर में 709 के बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण

दिवाली पर दाे दिन तक हुई आतिशबाजी से बिगड़ी काेटा की आबाेहवा में शनिवार तक भी सुधार नहीं हाे सका। सेंट्रल पाॅल्यूशन कंट्राेल बाेर्ड के रीयल टाइम एक्यूआई लेवल के हिसाब से काेटा शनिवार दाेपहर बाद तक रेड जाेन में शामिल रहा। भास्कर ने दाेपहर 1 बजे तक की स्थिति के हिसाब से काेटा की एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूअाई) प्रदेश में तीसरी सबसे खराब स्थिति में थी। काेटा का एक्यूआई 315 था।

भिवाड़ी का 406 और जयपुर का एक्यूआई 349 था। इसके अलावा अलावा सीपीसीबी के एक्यूआई स्टेशनाें में अजमेर में 165, अलवर में 204, जाेधपुर में 273, पाली में 179 अाैर उदयपुर में 246 एक्यूआई मापा गया। एक्यूआई स्तर 100 तक नाॅर्मल माना जाता है, लेकिन 300 से ज्यादा वेरी पूअर कैटेगिरी में रखा जाता है, इसमें लाेगाें काे श्वास संबंधी तकलीफें हाेने लगती हैं। विशेषज्ञाें की मानें ताे काेटा में चाैतरफा बड़े पैमाने पर चल रहा कंस्ट्रक्शन भी इसकी बड़ी वजह है।

पिछले साल तय मानक से तीन गुना, इस साल 8 गुना तक अधिक पहुंचा एक्यूआई

कोरोना काल के बाद कोटा में इस बार दिवाली में पॉल्यूशन ज्यादा रहा। पिछले साल आतिशबाजी पर बैन था, जाे इस बार खाेल दिया गया। कहने काे ग्रीन पटाखाें काे अनुमति थी, लेकिन हर तरह की आतिशबाजी हुई। इससे वातावरण में पार्टिकुलेटेड मैटर-पीएम 2.5 की वैल्यू ज्यादा रही। हर बार दिवाली पर पाॅल्यूशन की माॅनिटरिंग करने वाले चेस्ट फिजिशियन डॉ. केवल कृष्ण डंग ने बताया कि अलग-अलग चौराहों का रात 9 से 11 बजे तक एयर क्वालिटी इंडेक्स नापा गया है।

दिवाली वाली रात 9 बजे तक एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 से लेकर 600 तक रहा। शहर के छह इलाकों में रात 9 बजे तक एक्यूआई लेवल सबसे ज्यादा विज्ञान नगर में रहा। विज्ञान नगर में एक्यूआई लेवल 675 रहा। इसके बाद बोरखेड़ा चौराहा पर 550, बजरंग नगर पुलिस चौकी के पास 503, एरोड्रम पर 372, कोटड़ी इलाके में 350 व एसपी ऑफिस चौराहे पर 335 रहा। डॉ. डंग ने बताया कि पिछले सालों में दिवाली पर वायु प्रदूषण बढ़कर 3 गुना तक पहुंच जाता था। इस बार पटाखे चलने से प्रदूषण के तय स्तर मानक से 4 से 8 गुना बढ़त देखने को मिली।

खबरें और भी हैं...