एक तय अवधि तक कोटा जिले में नहीं घुस सकेंगे:पहली बार 18 अपराधियों को 15 दिन के लिए किया जिला बदर

कोटाएक महीने पहले
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अपराधियों के विरुद्ध राजस्थान गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3 के तहत कार्रवाई की है। - Dainik Bhaskar
अपराधियों के विरुद्ध राजस्थान गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3 के तहत कार्रवाई की है।

कोटा शहर पुलिस ने राजस्थान गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत 18 अपराधियों को कोटा जिले की सीमाओं से जिला बदर कर दिया है। यानी अब यह आरोपी एक तय अवधि तक कोटा जिले में नहीं घुस सकेंगे। एक साथ इतने सारे अपराधियों और आरोपियों को जिला बदर करने की यह कार्रवाई पहली बार की गई है।

एसपी डॉ. विकास पाठक ने बताया कि पुलिस द्वारा आदतन अपराधियों की बढ़ती हुई आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अपराधियों के विरुद्ध राजस्थान गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3 के तहत कार्रवाई की है। कार्रवाई के पहले पुलिस ने नियमानुसार न्यायालय अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट कोटा शहर के समक्ष इस्तगासे पेश किए गए थे। इसके बाद न्यायालय अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर थानों के 18 आदतन अपराधियों को निष्कासन (जिला बदर) करके अन्य जिलों के थाना क्षेत्रों में निष्कासन अवधि में रहने के आदेश दिए हैं।

इनको किया जिला बदर
किशोरपुरा थाने के अश्विन कुमार, नयापुरा के कमल कुमार, कोतवाली के मुजाहिद उर्फ मुजाहिद हुसैन, सलीम, महावीर नगर के हनुमान नामा, चेलाराम, रेलवे कॉलोनी के महेन्द्र, सुशांत, गुमानपुरा के जाकिर हुसैन, अब्दुल हनीफ उर्फ गुड्‌डु, कुन्हाड़ी के ग्यारसीलाल, बोरखेड़ा के जुगनु उर्फ मुजाहिद, रामस्वरूप, रामचंद्र, आरकेपुरम के भंवर सिंह, भीमगंजमंडी के गोविंद, विज्ञान नगर के शखावत हुसैन, जवाहर नगर के राजेश कुल 18 को जिला बदर किया गया है। इनको 15 दिनों के लिए दूसरे जिले में रहना होगा। इन पर लूट, चोरी, हत्या, जुआं-सटटा, अवैध हथियार, अवैध शराब जैसे 5 से लेकर 25 तक मुकदमे दर्ज हैं।

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