1.40 लाख घूस लेते हुए पीए की गिरफ्तारी:पूर्व कलेक्टर राव ने पीए के पकड़े जाने पर मोबाइल से डिलीट किया था डेटा, गांधी नगर फोरेंसिक लैब ने रिकवर किया

कोटा14 दिन पहले
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एसीबी ने काेटा एसीबी काेर्ट को रिपोर्ट साैंप दी है - Dainik Bhaskar
एसीबी ने काेटा एसीबी काेर्ट को रिपोर्ट साैंप दी है

पीए के जरिए घूस लेने के आराेप में एसीबी के शिकंजे में फंसे बारां के पूर्व कलेक्टर आईएएस अधिकारी इंद्र सिंह राव ने अपने माेबाइल से वाट्सएप चैट समेत कई डेटा डिलीट किए थे। यह बात उनके माेबाइल की फाेरेंसिक जांच में सामने आई है। पीए महावीर नागर की गिरफ्तारी के तत्काल बाद 9 दिसंबर 2020 काे एसीबी काे शक हुआ था कि चैंबर में बैठे कलेक्टर अपने माेबाइल से कुछ डिलीट कर रहे हैं, इस पर एसीबी ने उनका माेबाइल जब्त कर लिया था, जिसकी फाेरेंसिक जांच गुजरात के गांधीनगर स्थित फाेरेंसिक साइंस लैब में कराई गई।

एसीबी ने काेटा एसीबी काेर्ट को रिपोर्ट साैंप दी है। रिपाेर्ट के साथ सीलबंद सीडी भी काेर्ट काे साैंपी गई है, जिसमें कलेक्टर के माेबाइल से रिकवर किया गया डेटा है। फिलहाल राव के खिलाफ अभियाेजन स्वीकृति नहीं मिली है।

सिम में कुछ नहीं मिला, माेबाइल से रिकवर किया डेटा, ट्रायल के लिए केंद्र सरकार से अभियोजन स्वीकृति का इंतजार एफएसएल रिपोर्ट के मुताबिक, एडवांस्ड लॉजिकल डेटा एक्स्ट्रेक्शन मेथड से अधिकृत सॉफ्टवेयर के जरिए सेलफोन से डेटा रिकवर किया है। इसमें एक सिम भी थी, जिसका एफएसएल ने फोरेंसिक विश्लेषण किया।

रिपोर्ट में बताया गया है कि हटाए गए डेटा यानी वाट्सएप चैट, लोकेशन और इंस्टेंट मैसेज रिकवर किया गया। लेकिन ये साफ नहीं हुआ कि यह 9 दिसंबर 2020 को हटाए गए या नहीं? क्योंकि उनमें डिलीट करने की तिथि और समय नहीं था। एफएसएल ने 9 दिसंबर को हटाए गए वाट्सएप चैट भी सेलफोन से रिकवर किए। वहीं, इस दिन के कॉल लॉग, वाट्सएप चैट, कुकीज डेटा, लोकेशन, सर्च आइटम, हिस्ट्री, इमेज, वीडियो फाइलें आदि भी रिकवर कर लिए हैं। सिम कार्ड में दी गई डेट 9 दिसंबर

2020 के लिए कोई डेटा नहीं था।
यह था मामला : पेट्राेल पंप की एनओसी की एवज में 1.40 लाख की घूस लेते काेटा एसीबी की टीम ने 9 दिसंबर, 2020 काे बारां के तत्कालीन कलेक्टर इंद्र सिंह राव के पीए महावीर नागर काे गिरफ्तार किया था। पीए ने यह रकम कलेक्टर के लिए लेना कबूला था। जांच के बाद एसीबी ने इस मामले में 23 दिसंबर काे कलेक्टर राव काे भी गिरफ्तार कर दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने राव काे निलंबित कर दिया था।

राव लंबे समय तक जेल में रहे, तय समयावधि में एसीबी ने उनके खिलाफ काेटा एसीबी काेर्ट में चालान पेश कर दिया। लेकिन यह मामला अभियाेजन स्वीकृति के अभाव में जहां का तहां अटका हुआ है। आईएएस के मामले में केंद्र सरकार से अभियाेजन स्वीकृति आती है, जाे अब तक एसीबी काे नहीं मिली। जबकि इस प्रकरण में 120 बी की धारा के लिए राज्य सरकार की ओर से अभियाेजन स्वीकृति जारी की जा चुकी है।

एफएसएल गांधीनगर से कलेक्टर के माेबाइल की रिपाेर्ट हमें मिल गई है, जाे हमने काेर्ट में सबमिट कर दी। रिकवर किए गए डेटा में क्या था, इसका विश्लेषण फिलहाल नहीं किया गया है। क्याेंकि सीलबंद सीडी काेर्ट काे दी गई है, जब भी ट्रायल चलेगा, तब न्यायालय इसे खाेलेगा और काेर्ट के निर्देशानुसार ही आगे की कार्रवाई हाेगी। अभियाेजन स्वीकृति काे लेकर भी रिमाइंडर लिखवा रहे हैं।- सीपी शर्मा, एएसपी, एसीबी जयपुर (जांच अधिकारी)

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