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माैसम की बेरहमी:रामगंजमंडी में बिजली गिरने से खेत में काम करती युवती की मौत, भाई की हालत गंभीर

काेटा19 दिन पहले
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बिजली गिरने से झुलसा दुर्गालाल। - Dainik Bhaskar
बिजली गिरने से झुलसा दुर्गालाल।
  • 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, 30 मिनट में 10.3 एमएम बारिश

जिले में बुधवार शाम काे अचानक माैसम पलटा और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई। रामगंजमंडी के नयागांव में बिजली गिरने से खेत में काम करती युवती काली बाई की मौत हो गई, जबकि उसका भाई दुर्गालाल झुलस गया। हादसे के बाद कलेक्टर उज्ज्वल राठौड़ भी मौके पर पहुंचे।

वहीं शहर में तेज आंधी से कई इलाकों में पेड़ धराशायी हाे गए। शाम 5:30 बजे से 6 बजे तक 10.3 एमएम बारिश हुई। तेज हवाओं के बीच शहर में शहर के अलग-अलग इलाकाें में करीब आधा दर्जन नीम पेड़ गिर गए। शहर में अचानक हुए माैसम के बदलाव के साथ तलवंडी राेड पर तेज हवाओं के असर से पेड़ गिर गए। यहां हादसा टल गया।

बिजली के तार टूटने से बिजली गुल रही। वहीं तलवंडी सेक्टर-ए में एक आवास के बाहर कार पर भारी पेड़ गिर गया। इससे कार काे नुकसान पहुंचा है। वहीं, दूसरी ओर तलवंडी सेक्टर ए में भारी-भरकम बरगद का पेड़ गिर गया। इस दौरान एक शिक्षक बाल-बाल बच गए। बुधवार काे शहर में अधिकतम पारा 37.6 और न्यूनतम 29.2 डिग्री रहा।

तेज हवा और बारिश के असर से तलवंडी क्षेत्र में गिरा बरगद का पेड़।
तेज हवा और बारिश के असर से तलवंडी क्षेत्र में गिरा बरगद का पेड़।

भास्कर EXPALINER

बंगाल की खाड़ी में मानसून सिस्टम नहीं बनने और पाकिस्तान की ओर से आने वाली पश्चिमी हवाओं के असर से अभी तक कोटा में मानसून की जोरदार बारिश नहीं हो सकी है। पिछले 11 साल में कोटा में इस साल जुलाई में अब तक सबसे कम बारिश हुई है। पिछले साल 14 जुलाई तक कुल 149 एमएम बारिश हुई थी। इस साल बुधवार शाम 5:30 बजे तक 77.7 एमएम बारिश हुई है। जुलाई में औसत 252.7 एमएम बारिश हाेती है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून सीजन में बारिश कम हाेने की संभावना है।

बंगाल की खाड़ी में सिस्टम न बनने और पाकिस्तानी हवाओं से रूठा मानसून, 11 साल में जुलाई में सबसे कम बारिश का रिकाॅर्ड

पिछले साल जुलाई में हुई 208.8 एमएम बरसात

  • 149 MM बारिश हुई थी पिछले साल 14 जुलाई तक
  • 251.7 एमएम को रिकॉर्ड बारिश हुई थी 2 जुलाई 2001 को

वेदर सिस्टम भी बेअसर : जुलाई में अक्सर दाे से तीन वेदर सिस्टम बनते हैं। लेकिन, अभी तक वेदर सिस्टम नहीं बने हैं। जिसके असर से जाेरदार बारिश नहीं हाे रही है। जबकि अब 17 जुलाई से वेदर सिस्टम बनने की उम्मीद है। जिसके कारण से काेटा संभाग में कहीं हल्की ओर कहीं तेज बारिश की उम्मीद है। अभी बंगाल की खाड़ी और आंधप्रदेश क्षेत्र में यह सिस्टम बना है।

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