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बारिश में शहर की 149 किमी सड़कें खराब हुईं:20 सितंबर के बाद से ठीक करवाना है, लेकिन तैयारी नहीं, यानी 1 माह और झेलनी होगी परेशानी

कोटा14 दिन पहले
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कुछ वर्ष पहले पीडब्ल्यूडी की सड़कें यूआईटी ने ली थी, अब यूआईटी-निगम की सड़कें पीडब्ल्यूडी बनाएगी। - Dainik Bhaskar
कुछ वर्ष पहले पीडब्ल्यूडी की सड़कें यूआईटी ने ली थी, अब यूआईटी-निगम की सड़कें पीडब्ल्यूडी बनाएगी।

इस बारिश में काेटा शहर की 149 किलाेमीटर सड़कें बर्बाद हाे चुकी है। इस बार सबसे ज्यादा सड़कें काेटा दक्षिण में 92 किलाेमीटर खराब हुई है, जबकि काेटा उत्तर में 57 किलाेमीटर सड़कें खराब हुई है। जिसका प्रमुख कारण है कि दक्षिण में मेजर सड़कें ज्यादा है और उत्तर में छाेटी सड़कें ज्यादा है। उत्तर में छाेटी-छाेटी सड़काें काे यूआईटी व नगर निगम द्वारा सीसी राेड में बदला जा चुुका है, जबकि, दक्षिण में डामर की सड़कें काफी है, जाे इस बारिश में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई है।

शहर से मानसून की विदार्ई 20 सितंबर तक मानी जाती है। उसके बाद ही हर साल की तरह इन सड़काें काे ठीक करने का कार्य किया जाएगा, लेकिन अभी तक इसकी काेई तैयारी नहीं की गई है। अब टेंडर प्रक्रिया हाेगी और उसके बाद काम शुरू हाेगा। इस वर्ष एक नई बात यह हाेगी कि खराब हुई सड़काें में से उत्तर और दक्षिण नगर निगम क्षेत्र की 40-40 किलाेमीटर सड़कें पीडब्ल्यूडी ठीक करेगी।

इसके लिए राज्य सरकार द्वारा पीडबल्यूडी काे 40 कराेड़ रुपए का स्पेशल बजट भी दिया है। बाकी 69 किमी सड़काें काे निगम व यूआईटी ठीक करेगी। इस पर 12.75 कराेड़ खर्च हाेंगे। बारिश के बाद खराब हाेने वाली सड़काें की मरम्मत के लिए राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष बजट में ही 1000 कराेड़ का प्रावधान रख लिया गया था। मरम्मत याेग्य मेजर सड़कें और छाेटी सड़काें के लिए प्रस्ताव तैयार करने के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और यूआईटी के एसई की एक कमेटी बनाई गई थी।

इस कमेटी ने सड़काें का सर्वे किया और मरम्मत की जाने वाली मेजर और छाेटी सड़काें की लिस्ट बनाकर डीएलबी काे भेजी थी। डीएलबी ने इस प्रस्ताव पर 40-40 किमी की मेजर सड़कें पीडब्ल्यूडी काे साैंप दी। इन सड़काें की मरम्मत दाेनाें विभागाें द्वारा करवाई जाएगी। इसमें सहायता विभाग से भी आर्थिक सहायता के लिए प्रस्ताव भी नगर निगम द्वारा भिजवाए गए हैं।

हालांकि अभी तक इन सड़काें की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया तक शुरू नहीं की जा सकी है। विभागाें की धीमी गति से चल रही तैयारियाें के हिसाब से ताे अभी शहरवासियाें काे 1 माह और गड्ढाें वाली सड़काें पर ही सफर करना पड़ेगा।

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