काेचिंग खाेलाे सरकार:हॉस्टल, कोचिंग संचालकों ने निकाली रैली, पुलिस ने रोका तो धक्का-मुक्की हुई

काेटा3 महीने पहले
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प्रदर्शनकारियों को रोकती पुलिस। - Dainik Bhaskar
प्रदर्शनकारियों को रोकती पुलिस।
  • कोचिंग खोलने की मांग, अंबेडकर सर्किल पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को राेका, समझाइश के बाद प्रतिनिधिमंडल ने साैंपा ज्ञापन

काेचिंग 19 अप्रैल से बंद हैं। इसकाे रि-ओपन की मांग काे लेकर मंगलवार काे कोटा बचाओ संघर्ष समिति ने ने प्रदर्शन किया। सर्किट हाउस से अंबेडकर सर्किल तक पर सड़क मार्च किया। हाथाें में काेचिंग खाेलाे सरकार, सब हाे गए बेेराेजगार की तख्तियाें काे लेकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। रैली काे कलेक्ट्रेट स्थित अंबेडकर सर्किल पर पुलिस ने राेक दिया। इस दाैरान यहां पुलिस अधिकारियाें से काफी कहासुनी हुई। पुलिस ने काेविड-19 प्राेटाेकाॅल का हवाला देते आगे नहीं जाने दिया। यहां बैरिकेड्स लगाकर सीमित लाेगाें काे ही ज्ञापन देने की परमिशन दी।

समझाइश के बाद यहां चुनिंदा लाेग कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन साैंपा। इस दाैरान अन्य लाेगाें ने पुलिस के रवैये काे लेकर आक्राेश जताया और प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्हाेंने कहा कि अन्य लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। उनमें भारी भीड़ जमा हाे रही है, उनकाे रोकने का प्रयास नहीं किया जा रहा। प्रतिनिधिमंडल में नवीन मित्तल, जगदीश जिंदल, सुनील अग्रवाल, पंकज जैन, भगवान बिरला, राकेश जैन आदि मौजूद रहे।

रोकने पर प्रदर्शनकारी भड़क उठे, बोले-राजनीतिक दलों के प्रदर्शनों में भीड़ जुट रही है, उन्हें क्यों नहीं रोक रहे

  • जब सिनेमा हाॅल खाेल दिए ताे काेचिंग और स्कूल क्याें नहीं : हॉस्टल संचालकों ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के केस कम हो गए हैं। सरकार ने अनलॉक 4 में मल्टीप्लेक्स खोल दिए हैं। फिर कोचिंग, एजुकेशन काे क्यों नहीं खोला जा रहा है?। शहर में 3 हजार से अधिक हॉस्टल हैं। जो पिछले 2 साल से बंद है। हॉस्टल संचालकाें की आर्थिक स्थिति गंभीर हाे चुकी है। इसके अलावा काेचिंग से जुड़े अन्य सभी तरह के व्यवसाय से जुड़े लाेग बेराेजगार हाे चुके हैं। उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हाे चुकी है।
  • हरियाणा, गुजरात, छत्तीसगढ़ और झारखंड में काेचिंग शुरू हाे चुकी : काेविड-19 के असर कम और स्टूडेंट्स की पढ़ाई काे देखते हुए देश में हरियाणा, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड में कोचिंग शुरू की जा रही है। वहां की राज्य सरकार की ओर से बच्चाें के भविष्य को देखते हुए फैसले लिए जा रहे हैं। लेकिन, राज्य सरकार ने इस ओर विचार नहीं कर रही।
  • चाय -पाेहे वाले तक बेराेजगार, मजदूरी तक नहीं मिल रही : हाॅस्टल संचालकाें ने कहा कि काेटा काेचिंग सिटी में पिछले समय से काेचिंग, हाॅस्टल बंद हाेने से चाय-पाेहे वाले से लेकर शहर के दुकानदाराें की स्थिति गंभीर है। चाय-पाेहे और इस व्यवसाय से जुड़े परिवाराें काे मजदूरी तक नहीं मिल रही है। काेचिंग शुरू हाे जाए ताे इनकी जिंदगी फिर से पटरी पर आ जाए।
  • काेचिंग स्टाफ काे लग चुकी है वैक्सीन की डाेज : हाॅस्टल संचालकाें ने कहा कि काेचिंग और हाॅस्टल संचालकाें के अलावा 18 से अधिक उम्र के स्टूडेंट्स काे पहली डाेज लग चुकी है। फैकल्टी काे भी काेराेना वैक्सीन लग चुकी है। गाइड लाइन के अनुसार काेचिंग ओपन की परमिशन दी जाए।

इसलिए कर रहे हैं कोचिंग खोलने की मांग

  • 2 लाख परिवार जुड़े हैं काेचिंग से जुड़े
  • 10 बड़े कोचिंग संस्थानों में 10 हजार से अधिक को रोजगार
  • 50 छोटे कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हैं 2 हजार परिवार
  • 3200 हॉस्टल हैं कोटा में, एक हॉस्टल में औसत 10 लोगों को रोजगार
  • 30 हजार से अधिक पीजी, 30 हजार परिवार जुड़े हैं
  • 2 हजार मेस संचालित, हर मेस में 10 लोगों को रोजगार
  • 5 हजार से ज्यादा परिवार: कोचिंग इलाकों में फुटकर व्यवसाय करके आजीविका कमाते हैं
  • 5 हजार परिवार स्टूडेंट्स से जुड़े घरेलू व्यवसाय के आजीविका चलाते हैं
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