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  • If You Had Given Oxygen From Chhattisgarh Or Jharkhand, You Would Have Got It In 15 Hours, Sending A Train And Doing Publicity: Dhariwal

भास्कर इन्टरव्यू:छत्तीसगढ़ या झारखंड से ऑक्सीजन देते तो 15 घंटे में मिल जाती, एक ट्रेन भेज पब्लिसिटी कर रहे हैं : धारीवाल

काेटा2 महीने पहले
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नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल- फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल- फाइल फोटो

यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल का कहना है कि काेराेना काल में प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी काे दूर करने के लिए हम वाे कार्य कर रहे हैं, जाे पिछले 70 वर्षाें में राजस्थान की किसी सरकार ने नहीं किया।

ऑक्सीजन का प्रबंध करना स्वास्थ्य मंत्रालय का काम था, लेकिन हमने 59 शहराें में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम स्वीकृत करवाया। क्योंकि केंद्र सरकार ने हमारे भिवाड़ी प्लांट सेे हरियाणा और दिल्ली काे ऑक्सीजन दे दी। हमें जामनगर, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से ऑक्सीजन दी जा रही है। इसकी बजाय हमें छत्तीसगढ़ या झारखंड से ऑक्सीजन देते ताे 15 घंटे में सप्लाई हो जाती। साथ ही रोज मिलती। इन राज्याें से काेटा और कवाई में लगातार काेयले की ट्रेन आती है, जाे 58 फेरे करती हैं। जामनगर से एक टैंकर भेजकर पब्लिसिटी की जा रही है। वहां से दूसरी ट्रेन आने में 8 दिन लगेंगे।

सवाल : ऑक्सीजन की कमी तो कई दिनाें से चल रही है, तब प्रयास क्याें नहीं किए?
- हमारे भिवाड़ी वाले प्लांट काे केंद्र सरकार ने अपने अधीन कर लिया। हमें पूरी ऑक्सीजन नहीं दी गई। सीएम अशाेक गहलाेत ने झारखंड और छत्तीसगढ़ से ऑक्सीजन की पूर्ति करने के लिए बात की। वहां की सरकारें तैयार हाे गई थी, हमें ऑक्सीजन देने के लिए, लेकिन केंद्र सरकार ने इंकार कर दिया कि काेई भी राज्य सीधे एक-दूसरे काे ऑक्सीजन नहीं दे सकेगा।

सवाल : मरीजाें काे भर्ती क्याें नहीं किया जा रहा है?
-हमने हाॅस्पिटलाें काे पूरी क्षमता पर चला रखा है। डाॅक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ लगातार काम कर रहा है। हाॅस्पिटल के अलावा जितने भी भवनाें में बेड लगाए जा सकते हैं। लगा दिए गए हैं। ऑक्सीजन की कमी से समस्या आ रही है। दाे दिन में ये समस्या दूर हाे जाएगी।

सवाल : रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं? सीरियस मरीजाें तक काे इंजेक्शन नहीं मिल रहे?
- रेमडेसिविर इंजेक्शन केंद्र सरकार भेज रही है। वहां से ही हमारी डिमांड पूरी नहीं की जा रही है। इंजेक्शन की पूर्ति करना केंद्र सरकार के हाथ में हैं। हमारे हाथ में हाेता ताे इसके लिए भी हम अपने स्तर पर ही कुछ समाधान कर लेते।

सवाल : आप तीन मंत्री लाेकसभा अध्यक्ष से मिले थे, अब तक क्या लाभ मिला?
- हम लाेकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले थे। उन्हें सारी समस्या, माैजूदा संसाधनाें तथा डिमांड के बारे में बताया। उन्हाेंने केंद्रीय मंत्रियाें से बात करवाई। सारी बातें हुई,आश्वासन भी मिला, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा।

सवाल : क्या केंद्र सरकार मदद नहीं कर रही है?
- केंद्र सरकार मदद कर रही है, लेकिन जैसी हाेनी चाहिए, वाे नहीं हाे पा रही है। लाेकसभा अध्यक्ष बिरला जी काे दवाइयाें व ऑक्सीजन काे लेकर ईश्यू बनाना चाहिए। वे केंद्र सरकार पर दबाव बनाकर राजस्थान काे इंजेक्शन और ऑक्सीजन की पूर्ति करवाएं।

सवाल : अभी तीसरी लहर और आ रही है, हालात कब तक सामान्य हाेंगे पता नहीं, आपकी क्या तैयारी है?
- अभी ताे हमनें ऑक्सीजन की कमी पूरी करने के लिए 59 शहराें में प्लांट लगाने की तैयारी कर ली है। इसे और बढ़ाया जा रहा है। गुरुवार काे ही इस संबंध में फिर बात हुई और 13 और शहराें काे इसमें शामिल कर रहे हैं, जहां ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे। डिमांड के अनुसार शहराें की संख्या बढ़ाएंगे। इसके अलावा हाउसिंग बाेर्ड के सहयाेग से बड़े-बड़े प्लांट और लगाए जाएंगे। ऑक्सीजन की कमी नहीं आने दी जाएगी।

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