जिसे स्वर्गलोक-पाताललोक में ढूंढ रहे, उसे भास्कर ने खोजा:जज के आदेश से चर्चा में आया SI, कहा- कोर्ट में दूंगा जवाब

बूंदी13 दिन पहले

जिस पुलिस अधिकारी (SI) को लेकर केशवरायपाटन (बूंदी) के मजिस्ट्रेट ने स्वर्गलोक-पाताललोक से ढूंढने के आदेश दिए थे, उसे भास्कर ने खोज निकाला। 6 मामलों में जांच अधिकारी रहे SI भगवान सिंह ने कोर्ट में पेश नहीं होने के पीछे कारण भी बताए। साथ ही कहा- वे अगली पेशी में खुद कोर्ट में पेश होकर स्पष्टीकरण देंगे।

स्थिति हुई साफ
तत्कालीन कापरेन (बूंदी) थाना ASI हाल SI (सब इंस्पेक्टर) भगवान सिंह की तलाश को लेकर जज का एक आदेश चर्चा में है। आदेश केशवरायपाटन मजिस्ट्रेट ने SHO कापरेन के नाम लिखा है। जज ने थाना अधिकारी को निर्देश दिया है कि तलब करने के बाद भी अनुपस्थित रहने वाले भगवान सिंह को स्वर्गलोक से पाताललोक तक तलाश कर गवाह की तामील आवश्यक रूप से करवाई जाना सुनिश्चित करें। जब इस बारे में भास्कर ने कापरेन थानाधिकारी सुरेश गुर्जर से बात की गई तो उन्होंने ऐसे किसी लेटर की जानकारी होने से इनकार किया। भास्कर ने स्थानीय सूत्रों से भगवान सिंह का पता लगाया और फोन नंबर भी हासिल किए। भगवान राम ने भास्कर से फोन पर बातचीत में सारी स्थिति साफ की।

तत्कालीन कापरेन थाना ASI भगवान सिंह प्रमोट होकर अब SI बन चुके हैं। पिछले एक साल से बोरखेड़ा में ड्यूटी दे रहे हैं।
तत्कालीन कापरेन थाना ASI भगवान सिंह प्रमोट होकर अब SI बन चुके हैं। पिछले एक साल से बोरखेड़ा में ड्यूटी दे रहे हैं।

कोर्ट में दूंगा स्पष्टीकरण
भास्कर से बातचीत में SI भगवान सिंह ने बताया कि वे साल 2014 से 17 तक का कापरेन थाने में पोस्टेड रहे। उसके बाद प्रमोशन होने पर सितंबर 2021 में भी 3 महीने कापरेन थाने में रहे। वर्तमान में 1 साल से बोरखेड़ा थाना में सेकेंड अधिकारी पद पर तैनात हैं। जिन मामलों में तामील नोटिस दिया गया है, वह सब 2014 से 17 की बीच की पेशियां हैं। इनमें में कई कारणों से कोर्ट में उपस्थित नहीं हो पाया। एक बार उनका भतीजा एक्सपायर हो गया था। फिर बच्चे की शादी थी। अभी हाल ही में CI के बाहर होने के कारण भारत बंद के आह्वान के चलते उन्हें ड्यूटी दे दी गई। इस कारण पेशी पर नहीं जा सका। अब 5 जुलाई अगली पेशी की तारीख दी है। कोर्ट में जाकर स्पष्टीकरण दूंगा।

ये लिखा लेटर में
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लिखा कि गवाह भगवान सिंह, पुलिस थाना कापरेन में एएसआई के पद पर कार्यरत रहते हुए काफी पत्रावली में जांच अधिकारी रहे हैं। उन पत्रावलियों में गवाह भगवान सिंह अंतिम साक्षी के रूप में अभियोजन की ओर से शेष है। कोर्ट में लगातार तलब किए जाने पर भी भगवान सिंह के उपस्थित नहीं होने से साक्ष्य अभियोजन लेखबंद नहीं हो सके हैं। पत्रावलियां 5 साल से ज्यादा पुरानी भी हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गवाह साक्ष्य के लिए 5 जुलाई की तारीख तय की है।

बूंदी जिले का कापरेन थाना, जहां पूर्व में तैनात रहे ASI भगवान सिंह को कोर्ट ने कई बार पेशी के लिए तलब किया है।
बूंदी जिले का कापरेन थाना, जहां पूर्व में तैनात रहे ASI भगवान सिंह को कोर्ट ने कई बार पेशी के लिए तलब किया है।

गैरहाजिर रह रहा है गवाह
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लिखा कि राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर की ओर से 5 व 10 साल से पुराने मामलों में तेज गति से निबटान के लिए निर्देश प्राप्त हुए हैं। ऐसे में गवाह के लगातार न्यायालय में एविडेंस के लिए अनुपस्थित रहने से पत्रावलियों की उम्र और केस को दृष्टिगत रखते हुए निर्देश है कि गवाह भगवान सिंह पुत्र समुंद्र सिंह को स्वर्गलोक से पाताललोक तक तलाश कर गवाही की तामील आवश्यक रूप से करवाए जाना सुनिश्चित करें, जिससे पत्रावलियों में समय पर एविडेंस दर्ज किए जा सकें। पुराने प्रकरणों में समयबद्ध निबटान किया जा सके। गवाह के वांछित समन, जमानती वारंट व गिरफ्तारी वारंट पूर्व में आपको प्रेषित किए जा चुके हैं।

आदेश की कॉपी का एक हिस्सा। इसमें राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से दिए गए निर्देश का भी जिक्र है। 5-10 साल पुराने मामलों को तेज गति से निपटाने को कहा गया है।
आदेश की कॉपी का एक हिस्सा। इसमें राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से दिए गए निर्देश का भी जिक्र है। 5-10 साल पुराने मामलों को तेज गति से निपटाने को कहा गया है।