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एसीबी की कार्रवाई:पार्षद की पत्नी की 8 बीघा कृषि भूमि का इंतकाल तस्दीक करने के लिए 4000 लेते कानूनगो गिरफ्तार

कोटा7 दिन पहले
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एसीबी की टीम की गिरफ्त में आरोपी कानूनगो सुरेश सुमन। - Dainik Bhaskar
एसीबी की टीम की गिरफ्त में आरोपी कानूनगो सुरेश सुमन।
  • 5 माह से चक्कर कटवा रहा था, घूस लेते ही बोला- 5 तारीख तक काम हो जाएगा

एसीबी कोटा देहात की टीम ने मंगलवार को सांगोद तहसील में कार्यरत कानूनगो को 4 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह रिश्वत कानूनगो सुरेश सुमन ने नगरपालिका में भाजपा पार्षद दल के नेता रामावतार वर्मा की पत्नी लक्ष्मी बाई के नाम माल ग्राम श्यामपुरा के नाम 8 बीघा कृषि भूमि का इंतकाल तस्दीक करने के बदले मांगी थी। पैसे न मिलने पर कानूनगो इसके लिए 5 महीने से चक्कर कटवा रहा था।

पहले उसने लाल स्याही से नोट लगाकर लौटा दिया था। मंगलवार को घूस लेते ही परिवादी से बोला था कि 5 तारीख तक आपका काम हो जाएगा। एसीबी की एएसपी डॉ. प्रेरणा शेखावत ने बताया कि परिवादी रामावतार वर्मा ने 20 जून को एसीबी को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि उसने पत्नी लक्ष्मीबाई के नाम से 8 बीघा कृषि भूमि ग्राम श्यामपुरा में खरीदी थी। इसका पटवार हलका नाहरिया लगता है।

पैसे नहीं मिले तो नोट लगाकर लौटा दी थी फाइल

कानूनगो के हाथ धुलवाने के बाद पहने हुए पैंट को खुलवाया तो रिश्वत की राशि पैंट की जेब से बरामद हुई। कुछ दिनों पहले सांगोद थाने में एसीबी की कार्रवाई हुई थी। इसमें तीन-चार कांस्टेबल व थानाधिकारी के ऊपर गाज गिरी थी। इसके बाद भी यहां भ्रष्टाचार चरम पर है।

टीम में ये थे शामिल

एसीबी कोटा देहात टीम में इंस्पेक्टर वासुदेव, उपनिरीक्षक किशनलाल, नरेन्द्र सिंह, दिग्विजय सिंह, पवन कुमार, गिरिराज शामिल थे।

मंगलवार को ही हुई घूस मांगने की पुष्टि और गिरफ्तारी, पटवारी से भी पूछताछ

जमीन की रजिस्ट्री लक्ष्मी बाई के नाम से करवाने के बाद उसी के नाम से इंतकाल खुल चुका है, परंतु पटवारी, कानूनगो एवं सरपंच से इंतकाल तस्दीक नहीं हुआ है। इंतकाल तस्दीक करने के लिए प्रार्थना पत्र मय रजिस्ट्री फोटो प्रति दे रखी थी, लेकिन कानूनगो सुरेश सुमन इंतकाल तस्दीक करने की एवज में 4000 रुपए की घूस मांग रहा था। परिवादी द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर 20 जुलाई को सत्यापन करवाया गया।

इसमें उसकी रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। मंगलवार को ट्रैप का जाल बिछाया गया। कानूनगो ने ऑनलाइन पेमेंट से मना कर नकद रुपए देने को बोला था। जैसे ही रिश्वत की राशि कानूनगो तक पहुंची, परिवादी ने इशारा किया तो एसीबी ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। एसीबी ने तहसील कार्यालय के आगे भागदौड़ करके नाहरिया में कार्यरत पटवारी को भी पूछताछ के लिए बुलाया। पटवारी से पूछताछ जारी है।

सांगोद का दामाद बताया जाता है कानूनगो

कानूनगो सुरेश सुमन पूर्व में कुंदनपुर, विनोदखुर्द, सांगोद में पटवारी भी रह चुका है। पदोन्नति पाकर वह सांगोद तहसील में ही कानूनगो बन गया। उसके पास वर्तमान में श्यामपुरा, विनोदखुर्द कानूनगो सर्किल का कार्यभार भी है। वह सांगोद का दामाद बताया जाता है। उसकी शादी सांगोद में हुई थी तथा वर्तमान में सुभाष नगर द्वितीय अनंतपुरा कोटा में रहता है।

विधायक ने भी की थी शिकायत

सांगोद में श्यामपुरा व विनाेदखुर्द में कार्यरत कानूनगो सुरेश सुमन के भ्रष्टाचार में डूबने की शिकायत विधायक भरतसिंह ने पत्र लिखकर कलेक्टर उज्ज्वल राठौर से की थी। विधायक भरतसिंह ने एसीबी टीम को बधाई दी है।

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