पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

घर पर करें पूजन:कार्तिक पूर्णिमा 30 को; रोहिणी नक्षत्र, सर्वार्थ-सिद्धि व वर्धमान योग का संयोग

कोटा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • कोरोना के चलते नहर या नदी में स्नान करना सुरक्षित नहीं

कार्तिक मास की अमावस्या यानी दीपावली का जितना महत्व है उतना ही महत्व कार्तिक मास की पूर्णिमा का माना जाता है। इस बार कार्तिक मास शुक्लपक्ष की पूर्णिमा 30 नवंबर सोमवार को मनाई जाएगी। कार्तिक मास का सबसे आखिरी दिन होता है जब पूर्णिमा, स्नान और दान के लिहाज से यह दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है।

ज्योतिषाचार्य अमित जैन ने बताया कि संयोग से इस दिन 9 रेखा सावा, रोहिणी नक्षत्र के साथ सर्वार्थ सिद्धि व वर्धमान योग का संयोग होने से कार्तिक पूर्णिमा पर ये शुभ संयोग औऱ भी पावन बना रहेगा। पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 29 नवंबर को दोपहर 12:48 से प्रारंभ होकर 30 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक रहेगी।

इस दिन दान और गंगा नदी में या तीर्थ पर स्नान करने से पूरे वर्ष का स्नान करने का फल मिलता है, लेकिन इस बार कोरोना के कारण संभव नहीं है आप घर पर ही जल में गंगा जल मिलाकर स्नान कर सकते है। इस दिन जब चंद्रमा आकाश में उदित होता है। उस समय चंद्रमा की 6 कृतिकाओं का पूजन करने से शिवजी की प्रसन्नता प्राप्त होती है। पूर्णिमा पर इस साल का चौथा और आखिरी उप्छाया चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है परन्तु इस ग्रहण सभी शुभ कार्य होंगे।

इसलिए मनाते हैं यह पूर्णिमा

शास्त्रों के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर महादेव ने त्रिपुरासूर नामक राक्षस का संहार किया था। यही नहीं यह भी कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु का प्रथम मत्स्यावतार हुआ था। ऐसा माना जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन सोनपुर में गंगा गंडकी के संगम पर गज और ग्राह का युद्ध हुआ था। गज की करुणामई पुकार सुनकर भगवान विष्णु ने ग्राह का संहार कर भक्त की रक्षा की थी। इस वजह से देवताओं ने स्वर्ग में दीपक जलाए थे। तभी से इस दिन देव दिवाली मनाई जाती है। इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा, कथा और व्रत रखा जाता है।

विधान से करें पूजा-अर्चना

कार्तिक पूर्णिमा के दिन सूर्योदय से पहले यानी ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर लें। घर पर ही गंगा नदी का जल मिलाकर स्नान करें। भगवान विष्णु की विधि विधान पूजा करें। श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें, घर में हवन पूजन करें। घी, अन्न या खाने की वस्तु दान करें। शाम के समय घर और घर के बाहर दीपक जलाएं। सत्‍यनारायण की कथा पढ़ें, सुनें और सुनाएं। भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए मंदिर, पीपल, चौराहे या फिर नदी किनारे बड़ा दीपक भी जलाए। ब्राह्मण, बहन और बुआ को श्रद्धानुसार वस्त्र और दक्षिणा दें। तुलसी के पौधे पर भी दीपक जलाएं।

दान करने से मजबूत होते हैं ग्रह

ज्योतिषाचार्य अमित जैन का कहना है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान और दान-पुण्य करने का महत्व है। इस दिन किसी पवित्र नदी अथवा जलकुंड में स्नान और दान-पुण्य के कार्य जरूर करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा पर राशि के अनुसार, दान करने से ग्रह मजबूत होते है और कई प्रकार के अन्य लाभ भी प्राप्त होते हैं।

दीपदान का भी विशेष महत्व है। देवताओं की दीवाली होने के कारण इस दिन देवताओं को दीपदान किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि दीप से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में आने वाले परेशानियां दूर होती है। दीपदान से देवताओं का आर्शीवाद प्राप्त होता है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज ऊर्जा तथा आत्मविश्वास से भरपूर दिन व्यतीत होगा। आप किसी मुश्किल काम को अपने परिश्रम द्वारा हल करने में सक्षम रहेंगे। अगर गाड़ी वगैरह खरीदने का विचार है, तो इस कार्य के लिए प्रबल योग बने हुए...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser