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कोटा में ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से 2 की मौत:कोविड अस्पताल में आधी रात के बाद तड़पने लगे मरीज, क्षमता से 100 मरीज ज्यादा भर्ती होने से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पाई

कोटा9 महीने पहले
ऑक्सीजन की कमी के कारण कोविड अस्पताल में जान गंवाने वाले आसिफ हुसैन और शिप्रा।

राजस्थान के कोटा में ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से 2 कोरोना मरीजों की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सोमवार आधी रात के बाद करीब एक बजे सप्लाई रुकी, जो मंगलवार तड़के करीब 3 बजे सुचारु हो पाई थी। इतने में कई अन्य मरीजों की स्थिति भी बिगड़ गई थी। 400 की ऑक्सीजन बेड क्षमता वाले कोविड अस्पताल में 500 से अधिक मरीज भर्ती हैं। ऐसे में ऑक्सीजन सप्लाई पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। हर 20-40 मिनट के बीच सिलेंडर बदलना पड़ रहा है। उधर, अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट इंचार्ज डॉ. सीएल खेड़िया ने कहा कि सप्लाई नहीं रुकी थी। सिलेंडर बदलते समय कुछ देर के लिए ऑक्सीजन का प्रेशर डाउन हो जाता है, इसलिए मरीजों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है।

कोविड अस्पताल के ऑक्सीजन बेड पर भर्ती मरीज के परिवारों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी शिकायत है कि वार्ड में ऑक्सीजन की सप्लाई ठीक से नहीं हो रही है, इसलिए मरीजों की स्थिति बिगड़ने लगती है। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के 4-A (एसएसबी) में 2 मरीजों की मौत दम घुटने से हुई है। इनके परिजनों ने बताया कि रात 1 बजे ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो गई थी, जो अल सुबह साढ़े तीन बजे बाद सुचारु हुई। जब तक मरीजों की मौत हो चुकी थी।

परिजन की आंखों देखी

बारां निवासी विमल ने बताया कि उनकी पत्नी पिछले सोमवार को अस्पताल में भर्ती हुई थी। एसएसबी के चौथे फ्लोर में A वार्ड में इलाज चल रहा था। सांस लेने में तकलीफ के कारण ऑक्सीजन सपोर्ट पर थीं। देर रात लगभग 1 बजे ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो गई। वार्ड में मरीजों की चिल्लाने की आवाज आने लगी लगी। 25 से ज्यादा मरीज वार्ड में थे। डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ से ऑक्सीजन बंद होने की शिकायत की गई। उन्होंने व्यवस्था दुरुस्त होने में थोड़ा समय लगने की बात कही। साथ ही, सलाह दी कि मरीज को पंपिंग करो। करीब साढ़े 3 बजे बाद ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू हुई। जब तक दो मरीजों की मौत हो चुकी थी। इसमें विमल की पत्नी शिप्रा नागर भी शामिल थीं। कोटा क्षेत्र के ही एम और तीमारदार ने बताया कि उसका भाई भर्ती था। रात में ऑक्सीजन सप्लाई रुकी और उसकी जान चली गई। उधर, रामगंज मंडी, मोड़क स्टेशन निवासी आसिफ हुसैन भी इसी अस्पताल में भर्ती थे। उनकी भी मौत हो गई है। आसिफ के रिश्तेदार फरीद मोहम्मत ने भी अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही, जांच की मांग की है।

ऑक्सीजन बेड पर सप्लाई रुकने से बढ़ जाती है परेशानी।
ऑक्सीजन बेड पर सप्लाई रुकने से बढ़ जाती है परेशानी।

क्षमता से ज्यादा मरीज भर्ती, इसलिए हो रही परेशानी

कोविड-19 अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट इंचार्ज ने बताया कि अस्पताल में क्षमता से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। करीब 500 मरीज ऑक्सीजन पर हैं। इनमें से करीब 10% पेशेंट वेंटिलेटर पर हैं। ऐसी स्थिति में ऑक्सीजन का प्रेशर मेंटेन कर पाने में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हर 15 मिनट में ऑक्सीजन सिलेंडर की गाड़ी आ रही है। कभी-कभी गाड़ी आने में समय भी लगता है।

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