पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मजबूरी या जरूरी!:जानिए आखिर क्यों, कोटा में एक वार्ड पार्षद को बनाना पड़ा कचरा गाड़ी का हेल्पर

कोटा5 महीने पहले
पॉइंट पर कचरा गाड़ी खाली करते हुए

कोटा में दो नगर निगम बनने के बाद भी आमजन सुविधाओं को तरस रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत साफ-सफाई को लेकर आ रही है। समय पर कचरा नहीं उठने, जगह जगह गंदगी के ढेर लगे होने से आमजन परेशान हैं। आमजन द्वारा शिकायत करने से वार्ड पार्षद भी अब परेशानी महसूस करने लगे हैं। इसी परेशानी को दूर करने के लिए मजबूरन वार्ड पार्षद को भी हेल्पर बनना पड़ रहा है।

कोटा दक्षिण नगर निगम के वार्ड 67 से निर्दलीय पार्षद भानु प्रताप सिंह ,बुधवार की सफाईकर्मी बनकर कचरा गाड़ी में बैठे। उन्होंने घर- घर जाकर आवाज लगाई ओर लोगों से कचरा गाड़ी में डालने को कहा। फिर कचरा पॉइंट पर जाकर फावड़े से टीपर से कचरा खाली किया।

गाड़ी में बैठकर कचरे डालने की कहते हुए वार्ड पार्षद।
गाड़ी में बैठकर कचरे डालने की कहते हुए वार्ड पार्षद।

भानुप्रताप ने बताया कि जब से नया वार्ड बना है तक से दिक्कतें आ रही हैं। टीपर (कचरा गाड़ी) में हेल्पर नहीं आता। टीपर में हॉर्न (साउंड) नहीं हैं। टीपर की लिफ्ट भी खराब है। गाड़ी का हॉर्न खराब होने से लोगों को कचरा गाड़ी के आने का पता नहीं चलता। टीपर में लिफ्ट नहीं होने से कचरा पॉइंट पर कचरा खाली करने में दिक्कत आती है। रास्ते मे कचरा गिर जाता है। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही।

ठेकेदार ने सोमवार तक व्यवस्था ठीक होने की बात कहीं थी। बुधवार तक जस की तस स्थिति रही। कचरे की समस्या से वार्डवासियों को निजात दिलाने के लिए खुद टीपर में बैठकर हेल्पर बनना पड़ा है। घर घर जाकर कचरा डालने की आवाज लगाई है। फिर कचरा पॉइंट पर कचरा खाली किया है।

खबरें और भी हैं...