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जेके लोन के सेंट्रल एसी का पाइप ले गए चोर:प्रदेश के पहले मॉड्यूलर NICU में गर्मी के कारण दो दिन से बिलबिला रहे बच्चे; गत्ते और हाथ पंखे से हवा कर रहे परिजन

कोटा2 महीने पहले
32 बेड के NICU में पिछले दो दिनों से बंद एसी सिस्टम।

संभाग का सबसे बड़ा मातृ एवं शिशु रोग अस्पताल जेके लोन एक बार फिर सुर्खियों में आया है। राजस्थान के पहले मॉड्यूलर NICU (नियोनेटल इंसेंटिव केयर यूनिट) का कूलिंग सिस्टम ठप हो गया है। चोर सेंट्रल एसी के कॉपर के पाइप काट ले गए। इसकी वजह से 32 बेड के NICU में पिछले दो दिनों से यह समस्या है। नवजात व उनके परिजन गर्मी से तप रहे हैं। हाल बेहाल है। NICU में परिजन गत्ते व हाथ पंखे से हवा करने को मजबूर हैं। खास बात यह है कि इस तरह गत्ते और पंखे से हवा करना बच्चों के लिए खतरनाक है। बच्चों में इससे संक्रमण की आशंका बनी रहती है। उधर, अस्पताल प्रशासन दो दिन में भी व्यवस्था में सुधार नहीं कर सका।

नवजात व उनके परिजन गर्मी से परेशान हैं।
नवजात व उनके परिजन गर्मी से परेशान हैं।

कंपनी वाले लगे हुुए हैं

इससे पहले भी एमबीएस व जेके लोन अस्पताल से एसी के पाइप चोरी की घटना हो चुकी। इस कारण जेके लोन में लगाए गए सेंट्रल एसी सिस्टम के पाइप को जालियों से कवर कर ताला लगाया हुआ था। 28 मई को अज्ञात बदमाशों ने अस्पताल के पीछे से ताला तोड़कर कॉपर के पाइप चुरा लिए। इस कारण कूलिंग सिस्टम फेल हो गया है। एचओडी पीडियाट्रिक डॉ अमृता मयंगर ने बताया कि थाने में शिकायत दी है। गैस निकलने से एसी सिस्टम बन्द हुआ है। इसको सही करवा रहे हैं। कल भी कम्पनी के लोग काम कर रहे थे। संभवत: आज सही हो जाएगा। कोविड के कारण NICU में अभी 25 बच्चे ही भर्ती हैं।

एक वार्मर पर दो-तीन बच्चों का रखा गया है, जो संक्रमण के लिहाज से ठीक नहीं है।
एक वार्मर पर दो-तीन बच्चों का रखा गया है, जो संक्रमण के लिहाज से ठीक नहीं है।

परिजन गर्मी से परेशान
NICU में भर्ती नवजात बच्चों के परिजन गर्मी से परेशान हैं। वो घंटों खड़े रहकर नवजात को हाथ के पंखे व गत्ते से हवा करने को मजबूर हैं। बूंदी जिले के झालीजी का बराणा निवासी रेणु शर्मा ने बताया कि वो दो दिन से यहां हैं। NICU में एसी बंद होने से मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। एक वार्मर पर दो से तीन बच्चों को रखा हुआ है। एक और परिजन ने बताया कि सरकार कोरोना महामारी में सोशल डिस्टेंसिंग के पालन की बात कहती है। यहां एक वार्मर पर दो-तीन बच्चों को रखा गया है। कौन बच्चा संक्रमित है कौन नहीं, ये भी पता नहीं चलता। दो दिन से एसी सिस्टम बंद पड़ा। गर्मी के कारण स्टाफ वाले में नहीं रुक पा रहे हैं। ध्यान देने वाला कोई नहीं है।

नवजात को पंखे व गत्ते से हवा करने को मजबूर हैं परिजन।
नवजात को पंखे व गत्ते से हवा करने को मजबूर हैं परिजन।

मार्च में हुआ था वर्चुअल लोकार्पण

बच्चों की मौत का मामला सामने आने के बाद जेके लोन अस्पताल में राज्य सरकार ने व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कई कदम उठाए। न्यू बॉर्न बेबी के बेहतर इलाज के लिए 3.24 करोड़ की लागत से जेके लोन अस्पताल में प्रदेश का पहला मॉड्यूलर NICU बनकर तैयार हुआ है। हाल ही में 27 मार्च को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीसी ( वर्चुअल समारोह) के जरिये लोकार्पण किया था। NICU में वार्मर, सीपेप मशीन, फोटोथैरेपी मशीन, इंफूजन पम्प, वेनिलेटर, मॉनिटर व अन्य मशीनें उपलब्ध कराई गईं। शुद्ध ऑक्सीजन के लिए हेपा फिल्टर सहित सेंट्रल एसी सिस्टम (ठंड और गर्मी में जरूरी तापमान मेंटेन) लगा है।

गर्मी के कारण स्टाफ भी नहीं रुक रहा है।
गर्मी के कारण स्टाफ भी नहीं रुक रहा है।

शिशुरोग विशेषज्ञ की मानें तो AC सिस्टम फेल होने से भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं पड़ता। बच्चों को वार्मर पर रखा जाता है। वार्मर से तापमान कंट्रोल हो जाता है। वार्मर ऑलरेडी प्रोटेक्टेड है। उनमें स्किन सेंसर व एयर सेंसर लगे रहते हैं। जेके लोन अस्पताल में आधुनिक तकनीक के वार्मर लगे हैं। इनमें ऑटोमैटिक बच्चे का तापमान कंट्रोल हो जाता है।

परिजनों की मौजूदगी से इंफेक्शन का खतरा
परिजनों की मौजूदगी से जरूर इंफेक्शन हो सकता है। यदि उनके पास साफ और स्लाटरलाइज्ड किए पंखे होंगे तो इंफेक्शन नहीं होगा। गंदे पंखे होने से संक्रमण फैल सकता है। ये परिजनों पर निर्भर करता है कि वो कैसे पंखे लेकर आते हैं। वैसे गांव के ज्यादातर लोग गंदे पंखे लेकर आते हैं।

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