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विधायक कोष का 10 लाख अटका:दो विभागों में तालमेल का अभाव, VIP मूवमेंट गाड़ी के खरीदी गई गाड़ी की 5 साल बाद भी नहीं हुई डिलीवरी

कोटाएक वर्ष पहले
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विधायक कोष की 10 लाख रुपए की राशि अटकी पड़ी है। - Dainik Bhaskar
विधायक कोष की 10 लाख रुपए की राशि अटकी पड़ी है।

दो विभागों में तालमेल की कमी के चलते विधायक कोष की 10 लाख रुपए की राशि अटकी पड़ी है। वीआईपी मूवमेंट के लिए खरीदे गया लक्जरी वाहन ऐसा अटका की पांच साल बाद भी नहीं सुलझ सका। लक्जरी वाहन, शोरूम परिसर में ही धूल फांक रहा है। 5 साल बीत जाने के बाद भी लग्जरी वाहन की डिलीवरी नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि लग्जरी वाहन के वर्कशॉप में खड़े खड़े इंजन व टायर जवाब दे गए।

मामला सामने आने के बाद CMHO की तरफ से कम्पनी से पैसा रिफंड मांगा जा रहा है। जबकि कम्पनी मालिक गाड़ी उठाने के लिए लेटर लिख चुके। कम्पनी ने विभाग को कोर्ट जाने की सलाह दी है। हाल ही में विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने CMHO व कम्पनी को लेटर भेजकर गाड़ी डिलीवरी करवाने की मांग की है।

यह है मामला

दरअसल सांसद-विधायक निधी कोष से 8 एम्बुलेंस व 1 वीआईपी वाहन खरीदा जाना था। जिला परिषद ने सत्र 2015-16 में एम्बुलेंस खरीद की अनुशंसा जारी कर दी।इसके लिए अलग-अलग मदों में राशि भी जारी कर दी गई। इसमें 8 एम्बुलेंस तो चिकित्सा विभाग को मिल गई। लेकिन 10 लाख की लक्जरी वाहन अल्टीका के गाइड लाइन में खरीद नही होने का हवाला देकर जिला परिषद ने 15 दिन बाद उसकी अनुशंसा पर रोक लगा दी। इस बीच कम्पनी के पास पैसा जमा हो गया। इधर अनुशंसा निरस्त होने के बाद से ही लग्जरी वाहन कम्पनी के वर्कशॉप में खड़ा है। जिसके बाद से ही दोनो विभाग लग्जरी वाहन नही उठा रहे है।

सीएमएचओ डॉ भूपेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि सीएमएचओ कार्यकाल में वाहन के लिए विधायक कोष से 10 लाख की अनुशंसा जारी हुई थी। इसका पेमेंट हो गया था सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।लेकिन तत्कालीन CO जिला परिषद ने इमरजेंसी वाहन नहीं होने का हवाला देते हुए डिलीवरी रोक दी थी। तब से मामला अटका है। कम्पनी को लेटर भेजकर पैसा रिफंड मांगा था। अब जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजकर निर्देश मांगे है। जैसे निर्देश मिलेंगे वैसी कार्रवाई की जाएगी।