पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

परेशानी:मुकंदरा रिजर्व में बाघ की माॅनिटिरिंग में बाधक बन रहे लैंटाना और जूली फ्लाेरा

कोटा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में लैंटाना ग्रास (सत्यानाशी का पाैधा) और जूली फ्लाेरा (बिलायती बबूल) का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। इससे बाघाें की माॅनिटिरिंग पर भी असर पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर इसके असर से बाघाें के प्रे-बेस के लिए ग्रासलैंड पर भी खतरा हाेने लगा है। स्थिति यह है कि इन दाेनाें वनस्पति के मुकंदरा के दरा एरिया में अधिकता हाेने से वन्यजीवाें की दूर से साइटिंग नहीं हाे पा रही। एक्सपर्ट का कहना है कि इन दाेनाें वनस्पति के असर से शाकाहारी वन्यजीव चीतल, नील गाय, चिंकारा आदि के लिए चारे की समस्या तक हाे जाती है। साथ ही धीरे-धीरे यह दाेनाें वनस्पतियाें के असर से ग्रासलैंड पर असर हाेता है। ऐसे में अभी मुकंदरा में जिस हिसाब से प्रे-बेस की बढ़ाेतरी हाेनी चाहिए वाे नहीं हाे पा रही हैं।

अभी स्थिति यह है कि बाघ वाले एनक्लाेजर एरिया में भी लैंटाना ग्रास (सत्यानाशी के पाैधे) इस कदर ग्राेथ कर चुके हैं कि 20-20 फीट दूरी पेड़ाें का हिस्सा बन चुकी है। इससे दूर से बाघाें व अन्य वन्यजीवाें की क्लियर साइटिंग नहीं हाे पाती है। ऐसे में अब बाघाें की रेगुलर माॅनिटिरिंग से लेकर अन्य व्यवस्थाओं काे देखते हुए इन्हें हटवाना बहुत जरूरी हाे गया है।

बाघाें के लिए घातक है: नामा
एक्सपर्ट डाॅ. कृष्णेंद्रसिंह नामा ने बताया कि यह वनस्पति बाघाें के लिए घातक है। यह अपनी जगह दूसरे पौधे नहीं पनपने देते।
जूली फ्लाेरा का कांटा वन्यजीवों के लिए नुकसान दायक है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- चल रहा कोई पुराना विवाद आज आपसी सूझबूझ से हल हो जाएगा। जिससे रिश्ते दोबारा मधुर हो जाएंगे। अपनी पिछली गलतियों से सीख लेकर वर्तमान को सुधारने हेतु मनन करें और अपनी योजनाओं को क्रियान्वित करें।...

और पढ़ें