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UPSC में कोटा के पंकज की 719 वीं रैंक:4 साल पहले 12 लाख की नौकरी छोड़ी, 4 महीने सिविल सर्विसेज की कोचिंग में पढ़ाया, दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की

कोटा4 महीने पहले
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पंकज कुमार मीणा को ऑल इंडिया में 719 वीं रैंक मिली है। - Dainik Bhaskar
पंकज कुमार मीणा को ऑल इंडिया में 719 वीं रैंक मिली है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा में कोटा के सुल्तानपुर कस्बे के बाक्या गांव निवासी पंकज कुमार मीणा को ऑल इंडिया में 719 वीं रैंक मिली है। पंकज के पिता खेती करते है, मां गांव की सरपंच रह चुकी है। परिवार में चार बहिन भाइयों में पंकज सबसे बड़े है। पंकज ने पांचवी तक गांव के स्कूल में पढ़ाई की।उसके बाद 10 वीं नवोदय स्कूल से पढ़े। कोटा में रहकर आईआईटी को कोचिंग की। पहले प्रयास में मुंबई आईआईटी से केमिकल इंजीनियर की।

भास्कर से बातचीत में पंकज ने बताया कि साल 2013 में यूरोप में प्लेसमेंट हुआ था। 6 से 7 माह तक स्पेन में रहे। फिर वहां से मुंबई चले आए।मुम्बई में प्रोसेस डिजाइन इंजीनियर की पोस्ट पर नौकरी की। साल 2015 के अंत तक 12 लाख के पैकेज पर नौकरी की। इस दौरान अपने तीन चार दोस्तों के साथ मिलकर ट्रायल बेस पर फूड डिलीवरी का स्टार्टअप भी शुरू किया। करीब 3-4 महीने में बाद दोस्त अलग हो गए। वो पढ़ाई के लिए दिल्ली आ गए।

पंकज ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में रहकर कोचिंग की। फिर 3-4 महीने के लिए सिविल सर्विसेज की कोचिंग में भी पढ़ाया। पहले प्रयास में इंटरव्यू में सलेक्शन नहीं हुआ। थोड़ी निराशा हाथ लगी। लेकिन परिवार ने हौसला बढ़ाया। दूसरे प्रयास में सफलता मिली। पंकज ने बताया कि मां गायत्री मीणा सरपंच रही है।

एक बार समस्या के समाधान के लिए गांव में कैंप लगा था। वहां SDM भी आए थे। लोग तरह-तरह की समस्या लेकर आ रहे थे। पूरे दिन इसी स्थिति को देखा। तब से मन में सिविल सर्विसेज में जाने का मन बनाया। उसके बाद पीछे मुड़ कर नही देखा। परिवार ने पूरा सपोर्ट किया।

इंटरव्यू के दौरान खेत किसान व गांव से सम्बंधित सवाल पूछे गए। पंकज ने गांव में सरपंच का योगदान,अफीम खेती की समस्याएं,मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना व उसकी उपयोगिता के बारें में पूछे गए सवालों का जवाब दिया। पंकज ने कहा कि गांव में खुरंजा बनाते है वो बह जाता है क्योंकि वहां नाली बनाने पर ध्यान नहीं दिया जाता। पंकज ने बताया कि उनका सपना IAS बनने का है। वो फिर से एग्जाम देंगे।

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