लंग्स में संक्रमण:सीटी स्कैन में 65% मरीजाें के लंग्स में संक्रमण 11% रोगियों के दोनों फेफड़ों में गंभीर निमोनिया

कोटा6 महीने पहले
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  • रेडियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर ने 216 मरीजों की सीटी स्कैन पर की स्टडी

कोटा में कोरोना संक्रमण किस कदर घातक होता जा रहा है, यह शहर में हाे रहे एचआर सीटी स्कैन से समझा जा सकता है। काेटा में कमाेबेश सभी सीटी स्कैन सेंटराें पर वेटिंग चल रही है और कुछ सीटी स्कैन सेंटर्स पर तो फिल्म भी बार-बार खत्म हाे रही है, क्याेंकि गुजरात और महाराष्ट्र से पूरी सप्लाई नहीं मिल रही। सीटी स्कैन में संक्रमण की स्थिति काे लेकर मेडिकल काॅलेज के प्राेफेसर डाॅ. धर्मराज मीणा ने उनके पास बीते 4 दिन में आए मरीजाें के सीटी स्कैन पर एक स्टडी की। कुल 216 मरीजों पर की गई स्टडी में सामने आया कि सीटी स्कैन में 65 प्रतिशत लाेगाें के चेस्ट में इंफेक्शन मिल रहा है।

इनमें से 11 प्रतिशत लाेग सीवियर कैटेगरी में थे, जिनका सीटी स्कोर 18 या इससे ज्यादा था। इन चार दिनों में उन्होंने 216 सीटी स्कैन देखे और उसके आधार पर एक समरी तैयार की है। एक और बात यह सामने आई कि लोग डॉक्टर की बिना सलाह के भी सीटी स्कैन करवा रहे हैं। यदि परिवार में कोई केजुलिटी हो गई तो डरा हुआ पूरा परिवार ही सीटी स्कैन करा रहा है।

डॉ. मीणा का कहना है कि सीटी स्कैन संक्रमण का पता लगाने और इलाज में सहायक है, लेकिन इसे डॉक्टर की सलाह पर ही करवाएं। अनावाश्यक एचआर सीटी जांच का कई बार कोई फायदा नहीं होता।

सेकंड वेव में लंग्स का इनवॉल्वमेंट ज्यादा
कोविड की पहली वेव में लंग्स इनवॉल्वमेंट कम था, इस बार हालात बहुत विकट है। ज्यादातर सीटी स्कैन में संक्रमण मिल रहा है। लोगों में पैनिक भी बहुत ज्यादा है। सेल्फ सीटी स्कैन बहुत ज्यादा हो रहा है। मेरा मानना है कि सीटी स्कैन इस बीमारी के इलाज में सहायक है, लेकिन यह आपके फिजिशियन को ही तय करने दीजिए, खुद डॉक्टर बनने का प्रयास मत कीजिए। - डॉ. धर्मराज मीणा, प्रोफेसर, रेडियोलॉजी, मेडिकल कॉलेज

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