दानदाताओं के भरोसे निगम की गौशाला!:इलाज के लिए दवाइयां भी उपलब्ध नहीं, लंपी के मामले भी आ रहे हैं सामने

कोटा12 दिन पहले
इलाज के लिए दवाइयां भी उपलब्ध नहीं, लंपी के मामले भी आ रहे हैं सामने

कोटा नगर निगम की गौशाला में गायों के इलाज के लिए समय पर दवाइयां तक नहीं मिल रही। पिछले लंबे समय से दवाओं का अभाव बना हुआ है और कई बार लिखकर दिया जा चुका है लेकिन उसके बाद भी जब दवाई मिलती है तो केवल एक या 2 दिन की मिलती है। ऐसे में अब गौशाला समिति दानदाताओं के भरोसे है और उनसे मदद की गुहार लगा रही है।

दरअसल नगर निगम के अधीन किशोरपुरा की कायन हाउस और बंधा धर्मपुरा गौशाला आती है। शहर से गायों को पकड़ने के बाद गायन हाउस लाया जाता है और दो-तीन दिन बाद उन्हें बंधा गौशाला में शिफ्ट किया जाता है। वर्तमान में यहां 22 सौ से ज्यादा गाय हैं। लेकिन उनके इलाज के लिए कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। यह निगम गौशाला में लगाए गए डॉक्टर पूरे समय नहीं रुकते। सबसे बड़ी समस्या दवाइयां की है।

गौशाला समिति के चेयरमैन जितेंद्र सिंह के अनुसार दवाओं की काफी कमी चल रही है। इस संबंध में पहले भी निगम को अवगत कराया गया था। 20 से ज्यादा तरह की गायों के इलाज में काम आने वाली दवाइयां पर्याप्त मात्रा में नहीं है। स्थिति यह है कि टांके लगाने तक के लिए संसाधन नहीं है। 2 दिन पहले घायल हालत में गाय आई थी तो उनके इलाज में भी काफी दिक्कत आई।

जो दवाई मिली वह पर्याप्त नहीं

गौशाला समिति के चेयरमैन के अनुसार 2 दिन पहले बंधा धर्मपुरा गौशाला में कुछ दवाइयां उपलब्ध करवाई गई थी। लेकिन वह भी केवल 2 या 3 दिन से ज्यादा नहीं चलेगी। यह रोज घायल और बीमार हालत में गाय आती है और उनके इलाज के लिए रोज दवा की जरूरत होती है।

आयुक्त को लिखकर दिया दानदाताओं से भी उम्मीद

गौशाला समिति चेयरमैन के अनुसार इस संबंध में नगर निगम आयुक्त को दवाएं उपलब्ध करवाने के लिए लिख कर दिया है और उन्होंने जल्द दवाइयां उपलब्ध करवाने का आश्वासन भी दिया है। इसके अलावा शहर के भामाशाह और दानदाताओं से भी मिलकर गौशाला में सहयोग करने के लिए मदद मांगी जा रही है।