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मासूम कातिल:रुपयों का लालच और महंगे शाैक की वजह से अपराध की दुनिया की ओर बढ़ रहे नाबालिग

कोटा9 महीने पहले
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  • कोटा के क्राइम का ट्रेंड बदल दिया नाबालिगों ने, 40 प्रतिशत अपराधों में इनका दखल, पांच साल में दर्ज हुए 2,730 मुकदमे
  • हत्या, चोरी, डकैती और दुष्कर्म जैसी संगीन वारदातों में भी लिप्त हैं नाबालिग, प्रोफेशनल बदमाशों की तरह कर रहे वारदात

कोटा में नाबालिगाें के कदम अपराध की दुनिया में तेजी से बढ़ रहे हैं। लगातार वारदात कर रहे नाबालिगों ने अब कोटा जिले के क्राइम ट्रेंड को बदलकर रख दिया है। हत्या, चोरी, डकैती, बलात्कार, जानलेवा हमला, अपहरण हो या मादक पदार्थों की तस्करी, अपराध चाहे जो हो वारदात के बाद सबसे पहले पुलिस नाबालिगों को शक की निगाहों से देखने लगी है।

शक होना भी लाजमी है, क्योंकि नाबालिग उम्र में भले ही छोटे हो, लेकिन उन्होंने अपराध प्रोफेशनल क्रिमिनल्स की तरह किए। मकबरा में दो दिन पहले नाबालिग द्वारा की गई प्रिंस की हत्या के बाद भास्कर ने पुलिस थानों और किशोर न्याय बोर्ड की फाइलों में दर्ज पिछले 5 साल के आकंड़ों को खंगाला। हालात चौंकाने वाले सामने आए हैं। पिछले पांच सालों में जिले की 40 फीसदी वारदातों में नाबालिगों शामिल रहे हैं। पांच सालों में हत्या जैसे मामलों में 124 आरोपी नाबालिग शामिल थे।

इन तीन उदाहरणों से समझें नाबालिग किस तरह कर रहे हैं अपराध

हत्या : 3 नाबालिगों ने दोस्त को चाकुओं से छलनी किया : अनंतपुरा निवासी रियाज 26 अप्रैल 2019 को मन्नू मेडिकल विज्ञाननगर में काम कर रहा था। इसी दौरान एक लड़का उसे बुलाकर ले गया और उसके सीने, पीठ, पेट पर चाकुओं से वार करके हत्या कर दी। 3 नाबालिग दोस्त पकड़े गए। वजह मोबाइल को लेकर 4 माह पहले झगड़ा निकला।
गैंगरेप: किडनैप कर किया गैंगरेप, फिर की हत्या : अनंतपुरा में डांडिया खेलने गई नाबालिग लड़की का दो साल पहले एक नाबालिग युवक ने अपहरण किया। जिसे वो नाले के पास ले गया और वहां साथी के साथ मिलकर गैंगरेप किया। पकड़े जाने के डर से दोनों ने उसको पत्थरों से कुचलकर मार डाला। बालिका का शव बरड़ा बस्ती के नाले में मिला।
चोरी: अंतरराज्यीय चोर गिरोह में शामिल था नाबालिग : शादी-समारोह में चोरी करने वाले अंतरराज्‍यीय चोर गिरोह के तीन बदमाशों सोनू, कबीर और ऋषिकेश को कुन्हाड़ी पुलिस ने 2019 में गिरफ्तार किया। वारदात में नाबालिग शामिल था, जो रैकी कर माल चुराता था। बदमाशों ने अब तक कोटा, बूंदी, देवली और जयपुर समेत कुल 14 वारदातें कबूल की हैं।

नॉलेज : किशोर न्याय बोर्ड ऐसे करता है कार्रवाई
किशोर न्याय बोर्ड द्वारा नाबालिग बालक/बालिकाओं पर पहले किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम-2000 के प्रावधान 15 व संगत नियम 2011 के अंतर्गत कार्रवाई की जाती थी। 15 जनवरी 2016 से नवीन किशोर न्‍याय अधिनियम-2015 बनाया गया। जिसकी धारा 14 के तहत विधि का उल्‍लंघन करने वाले बालक/बालिकाओं के बारे में बोर्ड द्वारा जांच की जाती है।

किशोर न्‍याय आदर्श नियम 2016 के नियम 10 के अनुसार बच्‍चाें को प्रस्‍तुत किए जाने पर किशोर न्‍याय बोर्ड द्वारा बच्‍चे की सामाजिक पृष्ठिभूमि, निरुद्ध किए जाने की परि‍स्थितियां तथा बच्‍चे को प्रस्‍तुत करने वाले अधिकारियों, व्‍यक्तियों अभिकरणों द्वारा प्रस्‍तुत विवरण एवं रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए अधिनियम की धारा 17 एवं 18 के अनुसार कार्रवाई की जाती है।
मौज-मस्ती की आदत बन रही दुखदाई

किशोर न्याय बोर्ड और पुलिस ने जब इन मामलों में बालकों से बात की तो वे हैरान रह गए। बालकों से बातचीत में यह सामने आया है कि वो पैसों के लालच, महंगे शौक पूरे करने और मौज-मस्ती करने के लिए बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पकड़े गए कई नाबालिगों की गर्लफ्रेंड भी थी, जिनके चलते उनके खर्च बहुत ज्यादा बढ़े हुए थे। कुछ मामलों में यह सामने आया है कि पहले माता-पिता ने उन्हें महंगे शाैक करवाकर लत डलवाई, जो बाद में दुखदाई बन गई। वहीं, कई मामलों में माता-पिता का बालकों की दिनचर्या पर ध्यान नहीं देना और उनके साथ लगातार बातचीत नहीं करना भी एक वजह बनकर सामने आया है।

प्रदेश में कोटा का दूसरा स्थान
किशोर न्‍याय बोर्ड में नाबालिगों के खिलाफ कोटा जिले में पिछले पांच वर्षों यानी वर्ष 2014-15 से लेकर वर्ष 2018-19 में कुल 2 हजार 730 मामले सामने आए। जयपुर प्रथम जिला पहले स्थान पर हैं, जहां 4 हजार 269 प्रकरण सामने आए। जबकि पूरे प्रदेश में इन पांच सालों में नाबालिगों के खिलाफ कुल 26 हजार 47 मुकदमे दर्ज हुए।

भास्कर विचार : मासूम बच्चाें के कदम अपराध की दुनिया में कदम सभी के लिए चिंता का विषय है। भास्कर की पड़ताल में पता चला कि बच्चे पैसों के लालच और महंगे शौक की वजह से घातक कदम उठा रहे हैं। ऐसे में अभिभावक पहले ही सतर्क हो जाएं और बच्चों को जरूरत के हिसाब से पैसा दें और उससे बातचीत जारी रखें और उन्हें समझने की कोशिश करें।

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