कोटा शहर का सबसे बड़ा दर्द:40 कॉलोनियों के 50 हजार से अधिक लोग पी रहे 900 से 1840 टीडीएस का फ्लोराइड युक्त पानी

कोटा10 दिन पहलेलेखक: सुनील राजा
  • कॉपी लिंक
इन कॉलोनियों के पेयजल में टीडीएस इतना अधिक है कि आरओ भी पूरी क्षमता से काम नहीं करते। - Dainik Bhaskar
इन कॉलोनियों के पेयजल में टीडीएस इतना अधिक है कि आरओ भी पूरी क्षमता से काम नहीं करते।

चंबल किनारे बसे काेटा शहर का विस्तार ताे समय-समय पर हाेता गया, लेकिन पेयजल की व्यवस्था उसके अनुपात में नहीं बढ़ सकी। इस कारण पिछले 10 से 20 वर्षाें के बीच पटरीपार और कैथून राेड पर बसी 40 कॉलोनियों काे आज तक चंबल का शुद्ध पानी नहीं मिल सका और यहां रहने वाले 50 हजार लाेग बाेरिंग, ट्यूबवेल व हैंडपंप का फ्लाेराइड युक्त पानी पी रहे हैं। शुद्ध पानी की मांग काे लेकर पिछले कुछ दिनाें से राजनीति गर्मा रही है।

पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत ने जनता के साथ जलदाय विभाग के एडिशनल चीफ इंजीनियर महेश जांगिड़ काे फ्लाेराइड युक्त पानी पिला दिया था। इसके बाद से जलदाय विभाग और भाजपा आमने-सामने हैं। भाजपाइयों ने जलदाय विभाग के कार्यालय पर तालाबंदी भी की।

अब प्रभारी मंत्री की टिप्पणी के बाद दैनिक भास्कर ने निगम सीमा में बसी नई कॉलोनियों हाल जाने ताे दयनीय स्थिित सामने आई। जिस शहर में अथाह चंबल बह रही है उसी शहर के लाेग 900 से लेकर 1840 टीडीएस तक का पानी पीने काे मजबूर हैं। लंबे समय तक फ्लाेराइड युक्त पानी पीने के कारण इन क्षेत्राें के लोगों में हड्डी और पेट से जुड़ी बीमारियां घेरे हुए हैं। इंसान ताे इंसान लाेहे के कूलर एक साल में ही जंग लगकर खराब हाे रहे हैं। मकानाें पर इस पानी की तराई करते हैं ताे उस पर भी खार जम जाता है।

पहले ग्राम पंचायत में था क्षेत्र
पूर्व में पटरी पार का यह क्षेत्र पंचायत में था, लेकिन बाद में जब नगर निगम का विस्तार किया गया ताे करीब 35 गांवाें काे निगम की सीमा में शामिल किया गया था। निगम की सीमा में आने के बाद इन क्षेत्राें में धड़ाधड़ काॅलाेनियां बनने लगी। लेकिन यहां सुविधा नहीं बढ़ सकी।

स्मार्ट सिटी प्राेजेक्ट के तहत शहर में 170 कराेड़ रुपए से 50 एमएलडी का पंपिंग स्टेशन बन रहा है। मिनी अकेलगढ़ की क्षमता बढ़ाई जा रही है और अकेलगढ़ काे रेनाेवेट किया जा रहा है। सकतपुरा में 130 एमएलडी पानी उत्पादन की क्षमता है। अब इसे बढ़ाकर 200 एमएलडी किया जा रहा है। हालांकि यह प्राेजेक्ट मार्च-2022 तक पूरा होगा।

पटरी पार क्षेत्र के इस इलाके में हालत यह है कि पास से ही पानी की पाइप लाइन पास हो रही है, जिससे तुल्ला पुरा व उसके आसपास के निजी क्षेत्र में पेयजल की सप्लाई हो रही है। लेकिन इस क्षेत्र में अभी तक पानी की पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है। न ही घरों में पानी के कनेक्शन दिए गए हैं। पानी को शुद्ध करने के लिए घर में लगाए गए आरओ भी काम नहीं करते हैं उसमें भी मिट्टी जम जाती है।

यह कॉलोनियां हैं प्रभावित
वार्ड नंबर 43 की पूनम कॉलोनी, गुरु कृपा कॉलोनी, गुरु गोविंद नगर, ज्ञान विहार, दुर्गा नगर, दुर्गा नगर फर्स्ट, सेकंड, थर्ड, वैभव स्टेट, सिद्धि विनायक नगर, वैशाली नगर, श्रीविहार, अक्षत विला, आनंद विहार, श्रीनाथ रेजिडेंसी, गिर्राज धाम, गिर्राज धाम विस्तार, चंद्र विला, गणपति नगर, अभिषेक कॉलोनी, अर्पण वहहार, श्रीकृष्ण रेजिडेंसी, अंजलि नगर, मधु नगर में पेयजल सप्लाई नहीं है।

खबरें और भी हैं...