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DSP ने किया कॉन्स्टेबल से रेप:पूर्व सरपंच के साथ UP के मथुरा ले गए, रेप के बाद माफी मांगी, बोला- सुसाइड कर लूंगा

कोटा6 महीने पहले
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कोटा पुलिस में तैनात डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) विजय शंकर शर्मा और पूर्व सरपंच (लुहावद ) बद्री आर्य ने महिला कॉन्स्टेबल से गैंगरेप किया है। पीड़िता की शिकायत के बाद बोरखेड़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डिप्टी विजय शंकर शर्मा पर पहले भी इस तरह के आरोप लग चुके हैं। 2 महीने पहले ही डिप्टी को उनके खराब आचरण के कारण निलंबित किया गया था।

महिला कॉन्स्टेबल ने शिकायत में बताया कि कोटा ग्रामीण क्षेत्र के निलंबित डीएसपी विजय शंकर ने उसके साथ रेप किया है। डीएसपी और पूर्व सरपंच बद्री आर्य उसे मथुरा (UP) और वृंदावन (UP) लेकर गए। वहीं गैंगरेप किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि इस वारदात के बाद विजय शंकर उसके घर आए और माफी मांगी। माफ नहीं करने पर सुसाइड करने तक की धमकी दी।

परिक्रमा भी कराई

पीड़िता ने 26 नवंबर को SP को शिकायत की थी। उसने बताया कि 12 नवंबर को ट्रेन से मथुरा पहुंची थी। जहां बद्री आर्य ने उसे फोन किया और उसे रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर बुलाया। वहां उनके साथ विजय शंकर शर्मा भी मौजूद थे। उसे डरा-धमका कर मथुरा से एक गाड़ी में बैठाकर जतीपुरा चले गए।

यहां परिक्रमा के बाद उसे वृंदावन ले जया गया, जहां धर्मशाला में विजय शंकर ने रेप किया। 25 नवंबर को दोनों घर आए। विजय शंकर ने माफी मांगी और माफ नहीं करने पर सुसाइड की धमकी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर इसकी जांच DSP स्तर के अधिकारी को सौंपी है।

आरोपी बद्री आर्य जिला परिषद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था।
आरोपी बद्री आर्य जिला परिषद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था।

पहले भी दो बार लग चुका है छेड़खानी का आरोप
यह पहली बार नहीं है जब डीएसपी ऐसे मामले से विवादों में आए। इससे पहले 2017 में भी नयापुरा थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद 2019 में इसी पीड़िता की ओर से बोरखेड़ा थाने में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था।

आरोपी पूर्व सरपंच था चुनाव लड़ने की तैयारी में
प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि मामले में आरोपी बद्री आर्य जिला परिषद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। वह पूर्व में लुहावद से सरपंच रह चुका है। वहीं तत्कालीन DSP विजय शंकर शर्मा कोटा ग्रामीण में तैनात थे। ईटावा DSP रहते हुए दो महीने पहले आचरण संबंधित शिकायत मिली थी। इसके बाद डीजीपी ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उन्हें सस्पेंड कर दिया था।