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बड़ा फैसला:अब मुकंदरा रिजर्व में रावतभाटा के सेल्जर में बसाए जाएंगे टाइगर, प्लानिंग में जुटे अधिकारी

काेटा24 दिन पहले
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  • झालावाड़ राेड स्थित दरा रेंज में बाघाें की माैत और मिसिंग के चलते विभाग का बड़ा फैसला

मुकंदरा टाइगर रिजर्व में बाघाें काे नए सिरे से बसाने की कवायद शुरू हाे गई है। बाघाें काे अब बाेराबांस रेंज के रावतभाटा के सेल्जर में बसाया जाएगा है। पिछली बार झालावाड़ राेड के दरा रेंज में दाे बाघ और दाे बाघिन बसाए गए और दाेनाें बाघिन के तीन शावक हुए। इसके बावजूद भी आबाद नहीं हाे पाया।

क्याेंकि यहां बाघ-बाघिन और दाे शावकाें की माैत गई। वहीं एक बाघ और शावक मिस है। बताया जा रहा है कि सेल्जर एरिया में बाघाें के शिकार वाले वन्यजीवाें की तादाद अच्छी है। इसी के चलते चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने अधिकारियाें काे बाघ बसाने के लिए प्लानिंग तैयार कर भेजन के आदेश दिए हैं। अधिकारी सेल्जर में बाघ बसाने की प्लानिंग में जुट गए हैं। इस एरिया में वर्ष 2003 में ब्राेकन टेल बाघ भी टेरिटरी बना चुका है। इसके बाद से ही रिजर्व में सेल्जर एरिया काे ही बाघाें के लिए सबसे पहले उचित माना था।

सबसे बड़ी चुनाैती: 8 किमी लंबी रेलवे लाइन
बाघाें काे बसाने में हर तरह की समस्या हाेती है। यहां भी रेलवे लाइन की समस्या है। लेकिन, इसका भी समाधान है। यहां ओवर ब्रिज, अंडरवास, फेंसिंग वर्क साथ-साथ शुरू हाे। बाघाें काे बसाने के साथ-साथ दाेनाें कार्य एक साथ शुरू हाेने से समय भी कम लगेगा। यहां 3 बाघ एक साथ बसाये जा सकते हैं।

एक्सपर्ट मुकंदरा रिजर्व में बाघाें के लिए सेल्जर से बेहतर एरिया कहीं नहीं है

रिटायर्ड फील्ड डायरेक्टर सरिस्का सुनयन शर्मा ने जैसा की भास्कर को बताया

  • वाटर फेसिलिटी : सेल्जर एरिया बाघाें के लिए पूरी तरह बेहतर है। पेयजल की यहां बेहतर स्थिति है। एक ओर चंबल है ताे दूसरी तरह तालाब और नेचुरल वाटर प्वाइंट है। जाे बाघ के लिए बेसिक जरूरत है। वाे यहां पर है।
  • ग्रासलैंड एरिया : सेल्जर एरिया में ग्रासलैंड बेहतर है। जाे बाघाें के नेचुरल हैबीटाॅट के लिए जरूरी है। चीतल, सुअर आदि इस तरह के एरिया में तेजी से बढ़ते हैं।
  • एप्राेच: यह एरिया विभाग से लेकर टूरिस्ट के लिए एप्राेच वाला है। यहां बेहतर मॉनिटरिंग के साथ टूरिस्ट की आसानी से पहुंच हाेने इस एरिया की रेगुलर मॉनिटरिंग हाेने के साथ हर तरह की सुरक्षा पर अासानी से ध्यान रखा जा सकेगा।
  • बाघाें की जनरेशन के लिए बेहतर : बाघाें की आने वाली जनरेशन के लिए यह एरिया भी बेहतर है। खुला एरिया इनकी टेरिटरी के लिए अच्छा है। रिजर्व के बाेराबास से लेकर सेल्जर, काेलीपुरा, दामाेदरपुरा, गिरधरपुरा, लक्ष्मीपुरा, झामरा, खरली बावड़ी, गड़्ढे का माला बेहतर है। नए बाघ आसानी से यहां टेरिटरी बना सकेंगे।

सेल्जर एरिया काे लेकर चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने जानकारियां मांगी है। इसकी तैयारी की जा रही है।
- आरएस भंडारी, कार्यवाहक डीसीएफ मुकंदरा रिजर्व
सेल्जर एरिया में बाघाें काे बसाने के लिए काेशिश कर रहे हैं। फील्ड डायरेक्टर से इस संबंध में प्लानिंग बनाकर भिजवाने के लिए कहा है। - एमएल मीना, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन, जयपुर

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