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इंजीनियराें और तकनीकी विशेषज्ञाें ने किया अनूठा काम:न्यूक्लियर रिएक्टर के बॉयलर की 57 हेयर पिन बदली, बंद होने जा रही दूसरी इकाई अब 95% क्षमता से कर रही बिजली उत्पादन

रावतभाटा/काेटा8 महीने पहले
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परमाणु बिजलीघर में लगी हेयर पिन, इसका वजन 3 टन होता है। - Dainik Bhaskar
परमाणु बिजलीघर में लगी हेयर पिन, इसका वजन 3 टन होता है।

कोरोना काल में रावतभाटा परमाणु बिजलीघर के इंजीनियराें और तकनीकी विशेषज्ञाें ने अनूठा काम कर दिखाया। हमारे विशेषज्ञाें ने बिजलीघर की दूसरी इकाई काे नया जीवन दे दिया है। ये इकाई पुरानी हाेने की वजह से बंद हाेने की कगार पर थी, लेकिन अब ये दाेबारा 95% क्षमता से बिजली उत्पादन कर रही है। इसके लिए बाॅयलर की 57 हेयर पिन बदली गई, अभी 23 हेयर पिन और बदली जानी है।

इस प्राेजेक्ट पर करीब 115 कराेड़ की लागत आई है। अब दूसरी इकाई हर दिन 2 कराेड़ की बिजली बनाकर लगभग 58 दिन में पूरी कर लेगी। एक हेयरपिन का वजह करीब 3 टन हाेता है। हेयर पिन की कमी के बावजूद कोरोना काल में इसे पूरा कर लिया गया है।

क्या है हेयरपिन, बॉयलर में कितनी होती है : कनाडा तकनीक के इस परमाणु रिएक्टर में कुल 8 बॉयलर होते हैं और हर बॉयलर में 10 हेयर पिन होती हैं। यानी कुल 80 हेयर पिन होती हैं। इसमें यू ट्यूब का हिस्सा कॉपर का और धड़ स्टील का होता है। यह हेयर पिन एक तरह से महिलाओं के हेयर पिन की तरह होती हैं। एक हेयर पिन का वजन करीब 3 टन होता है। बॉयलर से उर्जा बनती है और फिर हमें बिजली मिल जाती है।

निर्माण के समय कनाडा के वैज्ञानिक अधूरी छोड़ गए थे
राजस्थान परमाणु बिजलीघर की पहली, दूसरी इकाई का निर्माण कार्य कनाडा के सहयोग से किया जाना था। 1974 में पोखरण विस्फोट करने के बाद कनाडा के वैज्ञानिक अधिकारी इस इकाई का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ कर चले गए थे। इसके बाद भारतीय परमाणु इंजीनियरों ने इस इकाई का निर्माण कार्य पूरा किया था। यह इकाई 220 मेगावाट क्षमता की है।

इस इकाई को 95% क्षमता पर चला कर विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। परमाणु बिजली घर की दूसरी इकाई को पहले भी दो बार जीवनदान मिल चुका है। एक बार फीडर रिप्लेसमेंट, कुलैंट चैनल रिप्लेसमेंट का काम भी हो चुका है। पहली इकाई 15 साल से बंद है।

जुलाई में शुरू किया गया था काम : राजस्थान परमाणु बिजलीघर के स्थल निदेशक एनके पुष्पकार ने बताया इस इकाई का 1 जुलाई 2020 को बॉयलर की हेयर पिन मरम्मत के लिए शटडाउन लिया था। अपग्रेडेशन कार्य करने के बाद इस इकाई से विद्युत उत्पादन किया जा रहा है।

80 हेयर पिन बदलनी थी, 57 मिली उसी से शुरू कर दिया प्लांट : इकाई-2 में साउथ साइड बॉयलर की 36 हेयर पिन बदली गई, जबकि नॉर्थ साइड की 17 हेयर पिन बदली गई। इससे पूर्व चार हेयर पिन बदली गई थी। कुल 57 हेयर पिन बदली गई हैं। बॉयलर में 80 हेयर पिन होती है।

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